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ज्ञान और बल का प्रयोग लोक कल्याण में करें
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मुजफ्फरनगर। गांधी कालोनी के शिवनगर में श्रीराम कथा की अमृत वर्षा करते हुए कथा व्यास स्वामी पागलदास महाराज ने कहा कि मनुष्य को अपने ज्ञान व बल का प्रयोग लोक कल्याण के लिए करना चाहिए और प्रभु की शरण में श्रद्धा व आस्था के साथ जाने से मनुष्य का कल्याण होता है।
श्रीराम कथा में अयोध्या धाम से पधारे स्वामी पागलदास महाराज ने कहा कि ईश्वर ने मानव को ज्ञान व बल दिया है। जिसका सदुपयोग लोक कल्याण के लिए करना चाहिए। इसके साथ ही श्रद्धालुओं को बताया कि संसार में सबसे बड़ा आश्रम गृहस्थ होता है। जिस माता ने अपने लोगों अर्थात अपने गृहस्थ को खुश कर लिया, जिस पुरुष ने अपने परिवार को सुख दिया। उसने प्रभु की सबसे बड़ी पूजा को संपन्न कर दिया। अपने लोगों को हमेशा प्रसन्न रखने का प्रयास करना चाहिए और प्रभु की शरण में सरलता के भाव के साथ श्रद्धा व आस्था से जाने से मनुष्य का कल्याण होता है। सबरी ने भी सरलता व श्रद्धा तथा आस्था से भगवान राम को पा लिया था। इस प्रकार प्रभु प्राप्ति का सरल रास्ता है सरलता के साथ श्रद्धा व आस्था के साथ शरणागत होना। इस अवसर पर मंजू गोयल, सुनीता अग्रवाल, रेखा, लता, सीमा, राजेश, सीता आदि श्रद्धालु मौजूद रहे।
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श्रीराम कथा में अयोध्या धाम से पधारे स्वामी पागलदास महाराज ने कहा कि ईश्वर ने मानव को ज्ञान व बल दिया है। जिसका सदुपयोग लोक कल्याण के लिए करना चाहिए। इसके साथ ही श्रद्धालुओं को बताया कि संसार में सबसे बड़ा आश्रम गृहस्थ होता है। जिस माता ने अपने लोगों अर्थात अपने गृहस्थ को खुश कर लिया, जिस पुरुष ने अपने परिवार को सुख दिया। उसने प्रभु की सबसे बड़ी पूजा को संपन्न कर दिया। अपने लोगों को हमेशा प्रसन्न रखने का प्रयास करना चाहिए और प्रभु की शरण में सरलता के भाव के साथ श्रद्धा व आस्था से जाने से मनुष्य का कल्याण होता है। सबरी ने भी सरलता व श्रद्धा तथा आस्था से भगवान राम को पा लिया था। इस प्रकार प्रभु प्राप्ति का सरल रास्ता है सरलता के साथ श्रद्धा व आस्था के साथ शरणागत होना। इस अवसर पर मंजू गोयल, सुनीता अग्रवाल, रेखा, लता, सीमा, राजेश, सीता आदि श्रद्धालु मौजूद रहे।
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