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प्रसव के दौरान नवजात की मौत पर हंगामा
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खतौली अस्पताल में बच्चे की मौत के बाद हंगामा करते हुए लोग।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
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खतौली। कस्बे के अशोक विहार स्थित हॉस्पिटल में प्रसव के दौरान नवजात के मौत को लेकर हंगामा हो गया। परिजनों ने डॉक्टरों की लापरवाही से नवजात की मौत का आरोप लगाया। पुलिस ने दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर शांत किया।
खतौली कोतवाली क्षेत्र के गांव लाडपुर निवासी अनुज प्रजापति ने बृहस्पतिवार दोपहर गर्भवती पत्नी तनु को प्रसव के लिए कस्बे के अशोक विहार स्थित हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। परिजनों के अनुसार, भर्ती कराने के बाद हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने उन्हें नॉर्मल डिलीवरी कराने के लिए कहते हुए करीब 12 घंटे तक गर्भवती को नहीं देखा। देर रात जब उसकी तबीयत बिगड़ने लगी, तो डॉक्टरों ने जांच कर तत्काल ऑपरेशन कराने के लिए कहा। आरोप है कि इसके कुछ देर बाद ही डॉक्टरों द्वारा परिजनों को ऑपरेशन के दौरान गर्भस्थ शिशु की मौत होने की जानकारी दी गई। शुक्रवार सुबह गांव लाड़पुर से भी बड़ी संख्या में ग्रामीण हॉस्पिटल जा पहुंचे और डॉक्टरों की लापरवाही से शिशु की मौत होने का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया।
परिजनों का आरोप था कि यदि महिला को भर्ती कराने के साथ ही उसका उपचार कराया जाता तो नवजात की मौत न होती। हंगामे की सूचना मिलते ही थाना पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीण व परिजनों को समझा-बुझाकर शांत किया। बाद में दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया। मौके पर सतेंद्र कुमार, राकेश प्रजापति, सुमित प्रजापति, श्रवण, जयकिशोर, नवीन, सुभाष, सुमित, मांगेराम और धर्मवीर आदि शामिल रहे।
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खतौली कोतवाली क्षेत्र के गांव लाडपुर निवासी अनुज प्रजापति ने बृहस्पतिवार दोपहर गर्भवती पत्नी तनु को प्रसव के लिए कस्बे के अशोक विहार स्थित हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। परिजनों के अनुसार, भर्ती कराने के बाद हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने उन्हें नॉर्मल डिलीवरी कराने के लिए कहते हुए करीब 12 घंटे तक गर्भवती को नहीं देखा। देर रात जब उसकी तबीयत बिगड़ने लगी, तो डॉक्टरों ने जांच कर तत्काल ऑपरेशन कराने के लिए कहा। आरोप है कि इसके कुछ देर बाद ही डॉक्टरों द्वारा परिजनों को ऑपरेशन के दौरान गर्भस्थ शिशु की मौत होने की जानकारी दी गई। शुक्रवार सुबह गांव लाड़पुर से भी बड़ी संख्या में ग्रामीण हॉस्पिटल जा पहुंचे और डॉक्टरों की लापरवाही से शिशु की मौत होने का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया।
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परिजनों का आरोप था कि यदि महिला को भर्ती कराने के साथ ही उसका उपचार कराया जाता तो नवजात की मौत न होती। हंगामे की सूचना मिलते ही थाना पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीण व परिजनों को समझा-बुझाकर शांत किया। बाद में दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया। मौके पर सतेंद्र कुमार, राकेश प्रजापति, सुमित प्रजापति, श्रवण, जयकिशोर, नवीन, सुभाष, सुमित, मांगेराम और धर्मवीर आदि शामिल रहे।

खतौली में अस्पताल में जमा भीड़।- फोटो : MUZAFFARNAGAR

खतौली अस्पताल पहुंची महिलाएं।- फोटो : MUZAFFARNAGAR
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