महापंचायत की तैयारी: नरेश टिकैत का पीएम मोदी को संदेश... माफी ना मांगों, किसानों की पीड़ा ही महसूस कर लो
मुजफ्फरनगर में पांच सितंबर को होने वाली महापंचायत को लेकर बड़ी तैयारी चल रही है। वहीं Chaudhary Naresh Tikait का कहना है कि हम प्रधानमंत्री का सिर झुकाना नहीं चाहते, उन्हें हम भी सजदा करते हैं, लेकिन किसानों का सिर भी ऊंचा रहना चाहिए।
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भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने कहा कि हम प्रधानमंत्री का सिर झुकाना नहीं चाहते, उन्हें हम भी सजदा करते हैं, लेकिन किसानों का सिर भी ऊंचा रहना चाहिए। हमारे 650 किसान आंदोलन में मर चुके हैं, आप माफी ना मांगों, इनकी पीड़ा तो महसूस कर लो। राज्यपाल सत्यपाल मलिक सरकार में हैं, इनसे ही मध्यस्थता करा लो, किसानों की समस्या का हल तो ढूंढो।
नरेश टिकैत बोले, किसानों का सिर भी ऊंचा रहना चाहिए
मुजफ्फरनगर में जीआईसी के मैदान में होने वाली किसान महापंचायत की तैयारियों को देखने आए चौधरी नरेश टिकैत ने किसान आंदोलन को लेकर केंद्र सरकार को घेरने की कोशिश की। टिकैत ने कहा कि हम झूठ नहीं बोलते, मोदी को प्रधानमंत्री और योगी को मुख्यमंत्री बनाने में हमने भी वोट दिया है। हम प्रधानमंत्री का सिर झुकाना नहीं चाहते, हम उनका सम्मान करते हैं। एक प्रधानमंत्री के नाते उन्हें सजदा करते हैं, लेकिन किसानों का सिर भी तो ऊंचा रहना चाहिए। किसानों से माफी ना मांगें, बस इनका दर्द महसूस कर लें। 130 करोड़ में मरने वाले 650 किसान भी तो आते हैं। तानाशाही से किसी बात का हल नहीं होता।
उन्होंने कहा कि आजाद भारत में शांति से अपनी बात तो कहने का हक सबको है। किसान के साथ अच्छे शासक की तरह बात करो। समस्या का समाधान करो। अब हमारे बसकी बात नहीं रही। संयुक्त किसान मोर्चा को बात करनी है। सरकार का जिद्दी रवैया है, किसान का जिद्दी रवौया नहीं है। दो कदम संयुक्त मोर्चा पीछे हटे, दो कदम सरकार पीछे हटे, तभी तो हल निकलेगा। सरकार में ये नहीं पता लग रहा कि चल किसकी रही। हम किससे बात करें। राज्यपाल सत्यपाल जिम्मेदार आदमी हैं, सरकार में भी हैं। इन्हें बीच में लेकर किसानों की समस्या सुलझा लो।
पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, बिहार के किसान भी आएंगे
भाकियू अध्यक्ष ने कहा कि जीआईसी के मैदान में पहली बार पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, बिहार, उत्तराखंड के किसान भी जुटेंगे, यहां रिकार्ड भीड़ आएगी। यहां पहले कभी इस तरह की संयुक्त किसान मोर्चा की रैली नहीं हुई है। कोरोना महामारी के बीच भीड़ को लेकर उन्होंने कहा कि कोरोना है, सरकार की भी जिम्मेदारी है। बातचीत कर ले, कम भीड़ आ जाएगी। हमें अपनी बात तो कहनी ही पड़ेगी। आंदोलन में इतने लोग मर चुके, करनाल लाठीचार्ज में भी एक भाई चला गया। हमें आतंकवादी, पाकिस्तानी, खालिस्तानी, मवाली पता नहीं क्या-क्या कह रहे, हम इसके बाद भी बात करने को तैयार हैं। भाकियू अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा नेता गांवों में न जाएं। हमारा काम तो आगाह करने का है।
नमक और बूरा का स्वाद तो हम ही बताएंगे
नरेश टिकैत ने कहा कि सफेद नमक, सफेद बूरा दोनों एक जैसे लगते हैं, स्वाद तो हम ही बतावेंगे। हम कह रहे कि खेती में नुकसान हो रहा है। 2014 में डीजल 45 रुपये था अब 91 है, बताओ फायदा कैसे हो जाएगा। सरकार सुन ही नहीं रही।
म्हारी जिम्मेदारी सुरक्षा की
नरेश टिकैत ने कहा कि महापंचायत में चाहे जितनी भीड़ आए, सुरक्षा की हमारी जिम्मेदारी है। कुछ नहीं होने का। ऐसी व्यवस्था रहेगी कि बाहर से आने वाले किसानों को अच्छी दिखाई दे।