फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   UP: Muzaffarnagar Khatauli assembly by-election announced, voting on December fifth

UP: मुजफ्फरनगर की खतौली विधानसभा उपचुनाव का एलान, पांच दिसंबर को होगा मतदान

Tue, 08 Nov 2022 12:33 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर Published by: Dimple Sirohi Updated Tue, 08 Nov 2022 12:33 PM IST
सार

मुजफ्फरनगर की खतौली विधानसभा उपचुनाव की तारीख का चुनाव आयोग ने एलान कर दिया गया है। इस सीट पर पांच दिसंबर को मतदान होगा। बता दें कि विधायक विक्रम सिंह सैनी की सदस्यता रद्द होने के बाद इस सीट पर उपचुनाव होगा।

विज्ञापन
UP: Muzaffarnagar Khatauli assembly by-election announced, voting on December fifth
विधायक विक्रम सैनी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मुजफ्फरनगर की खतौली विधानसभा उपचुनाव का एलान कर दिया गया है। खतौली विधानसभा चुनाव पांच दिसंबर को होगा, जबकि मतगणना आठ दिसंबर को होगी। चुनाव प्रक्रिया 10 दिसंबर से पहले पूरी करनी होगी। इस विधानसभा सीट से विधायक विक्रम सिंह की सदस्यता रद्द हुई थी। जिसके बाद से क्षेत्र में सियासी हलचल तेज हो गई। अब इस सीट पर सभी की नजरें टिकी हैं।

विज्ञापन


खतौली से दूसरी बार भाजपा के विधायक चुने गए विक्रम सैनी की सदस्यता आखिरकार समाप्त कर दी गई। दूसरी पारी में वह सिर्फ सात महीने विधायक रहे। नौ साल पहले अपने गांव कवाल के झगड़े में पुलिस ने विक्रम सैनी को बलकटी के साथ गिरफ्तार किया था।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें: गंगा स्नान 2022: शकुतीर्थ में लाखों ने लगाई आस्था की डुबकी, 77 साल से उमड़ रहे श्रद्धालु

विज्ञापन
विज्ञापन

एक तरफ विक्रम सैनी की सदस्यता चली गई तो दूसरी तरफ सियासी आस्तीनें भी चढ़ने लगी हैं। सैनी की रालोद अध्यक्ष जयंत सिंह पर की गई टिप्पणी के बाद रालोद नेताओं ने खतौली में डेरा जमा लिया है, यहां 15 नवंबर को रालोद अध्यक्ष का रोड शो है। यही नहीं भाजपा नेता भी पूरे मामले पर निगाह रखे हुए हैं।

जिले में पहले भी हुए हैं उप चुनाव
जिले में पहले भी उप चुनाव हुए हैं। रालोद में लंबे समय तक सक्रिय रही पूर्व मंत्री अनुराधा चौधरी के सांसद बन जाने पर खाली हुई बघरा सीट पर उपचुनाव कराया गया था, तब परमजीत मलिक विधायक बने थे। पूर्व मंत्री चितरंजन स्वरूप के निधन के बाद सदर सीट पर भाजपा से कपिल देव अग्रवाल चुनाव जीते थे। मोरना सीट पर उप चुनाव में मिथलेश पाल ने जीत दर्ज की थी। यह सीट कादिर राना के सांसद बन जाने के बाद खाली हुई थी।

कवाल के बवाल में गई विक्रम सैनी की कुर्सी
कवाल कांड के बाद गांव में तनाव का माहौल था। 29 अगस्त 2013 को दोपहर 12 बजे दोनों समुदाय के लोग आरोप-प्रत्यारोप लगाते हुए एक-दूसरे के सामने आ गए। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर पथराव किया। लाठी डंडे और अवैध हथियारों से हमला किया। पुलिस ने दोनों पक्षों के 28 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। 15 आरोपी दोषमुक्त हो गए। मुकदमे के ट्रायल के दौरान एक अभियुक्त की मौत हो गई थी। कवाल के बवाल में विधायक विक्रम सैनी को आखिरकार कुर्सी गंवानी पड़ी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed