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अनेकता में एकता हमारी ताकत, इसे कोई नहीं मिटा सकता: मदनी

Mon, 29 Aug 2022 12:27 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 29 Aug 2022 12:27 AM IST
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Unity in diversity is our strength, no one can erase it: Madani
जालना में सद्भावना संसद में शपथ लेते लोग - फोटो : DEVBAND
अनेकता में एकता हमारी ताकत, इसे कोई नहीं मिटा सकता: मदनी
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देवबंद (सहारनपुर)। जमीयत उलमा-ए-हिंद ने देशभर में 100 शहरों में सद्भावना संसद का आयोजन किया। जमीयत के अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी ने कहा कि देश की सबसे बड़ी विशेषता अनेकता में एकता है। यहां सदियों से विभिन्न सभ्यताओं और धर्मों के लोग मिलजुल कर रहते आए हैं। मौलाना मदनी ने कहा कि अंग्रेज जैसी दमनकारी सरकार भी हमारी इस विशेष पहचान को पूरी तरह से खत्म करने में विफल रही है। इसे कोई नहीं मिटा सकता।
सभी शहरों के लिए दिल्ली से जारी अपने संदेश में जमीयत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी ने कहा कि इन दिनों कुछ शक्तियां देश की इस पहचान को मिटाना चाहती हैं, लेकिन उनकी ताकत कितनी भी बड़ी हो, वह भारत की महान शक्ति और इसकी सदियों की परंपरा को पराजित नहीं कर सकतीं। मौलाना मदनी ने कहा कि इस मिट्टी की ताकत का आभास कराने के लिए ही हमने ऐसी संसदों का आयोजन किया है। संगठन के महासचिव मौलाना हकीमुद्दीन कासमी ने कहा कि यह कार्यक्रम जमीयत या दल का नहीं बल्कि देश से प्यार करने वाले लोगों की एक संयुक्त सभा है।
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दिल्ली, चेन्नई, पुणे, नागपुर, औरंगाबाद, बंगलूरू, निजामाबाद, आदिलाबाद, लखनऊ, भोपाल, खरगौन, रांची, दरंग करीमगंज (असम), बिशनपुर मणिपुर, गोवा, भितबारी मेघालय, मेवात, यमुनानगर, किशनगंज, मोहाली आदि में सद्भावना संसद आयोजित की गईं। इस दौरान अलग-अलग शहरों में हुई सभा स्थलों पर मानवता का राज होगा, पूरा भारत साथ होगा, नफरत मिटाओ, देश बचाओ और तीर से न तलवार से देश चलेगा प्यार से जैसे नारों के पोस्टर और बैनर लगाए गए थे।
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जमीयत सद्भावना मंच के संयोजक मौलाना जावेद सिद्दीकी कासमी ने बताया कि आंध्र प्रदेश में 13, महाराष्ट्र में 21, उत्तर प्रदेश में एक, असम में 25, बिहार में पांच, मध्य प्रदेश में आठ, केरल में चार, तमिलनाडु में एक, हरियाणा एवं पंजाब में 27, मेघालय में तीन, मणिपुर में एक, त्रिपुरा में दो, झारखंड में एक, गोवा में एक, पश्चिम बंगाल में आठ, गुजरात में एक, दिल्ली में दो और कर्नाटक में एक सद्भावना संसद आयोजित की गई।

मुसलमान भी इसी भारत की संतान: जगद्गुरु
चेन्नई के न्यू कॉलेज कैंपस में आयोजित सद्भावना संसद में कांची पीठ के शंकराचार्य विजेंद्र सरस्वती ने भी अपने प्रतिनिधि विश्वानंद के जरिये संदेश भेजा है। इसमें उन्होंने कहा है कि भारत में सभी धर्मों के लोग हाथ की पांच उंगलियों की तरह हैं और वे इसी प्रकार रहेंगे। उन्होंने कहा कि एकता, संकल्प और प्रार्थना, तीन ऐसे मंत्र हैं जो इस महान धरती और इसकी संतानों के लिए होते हैं। नि:संदेह मुसलमान भी इसी भारत की संतान हैं।

असम की सद्भावना संसद में विचार रखते धर्मगुरु

असम की सद्भावना संसद में विचार रखते धर्मगुरु- फोटो : DEVBAND

पचिश्मी बंगाल में आयोजित सद्भावना संसद में बोलते केबिनेट मंत्री मौलाना सिद्दीकउल्लाह चौधरी

पचिश्मी बंगाल में आयोजित सद्भावना संसद में बोलते केबिनेट मंत्री मौलाना सिद्दीकउल्लाह चौधरी- फोटो : DEVBAND

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