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बोले क्षयरोग अधिकारी, टीबी की रोकथाम को नई साझेदारी जरूरी
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मुजफ्फरनगर। देश को टीबी मुक्त बनाने के उद्देश्य से क्षय रोग विभाग के साथ स्वयं सेवी संस्थाएं लगातार काम कर रही हैं। इसी क्रम में 0-18 वर्ष तक की आयुवर्ग के टीबी से ग्रसित बच्चों को गोद लेने के कार्यक्रम के तहत स्वयं सेवी संस्था भारत विकास परिषद द्वारा छह बच्चों को गोद लिया गया।
मंगलवार को जिला क्षय रोग अधिकारी डा. लोकेश चंद गुप्ता ने कहा कि टीबी रोकने के लिए नई साझेदारी बनाना बेहद जरूरी है। टीबी से ग्रसित बच्चों के लिए संस्थाओं द्वारा किए गए प्रयास बेहद सराहनीय है। उन्होंने बताया कि गोद लिए बच्चों को स्वास्थ्य विभाग द्वारा नि:शुल्क दवा दी जाती है और समय-समय पर उनकी काउंसलिंग भी की जाती है, जिससे इनके इलाज में किसी भी तरह की बाधा न आए और नियमित रूप से यह दवा का सेवन करते रहें। सरकार की ओर से टीबी के हर मरीज को इलाज के दौरान निक्षय पोषण योजना के तहत प्रतिमाह 500 रुपये दिये जाते हैं। यह धनराशि इलाज चलने तक उनके बैंक खाते में सीधे भेजी जाती है।
भारत विकास परिषद अध्यक्ष सुनील गर्ग एवं परम कीर्ति ने बताया कि संस्था तरफ से आगे भी टीबी से ग्रसित बच्चों को गोद लेने व राशन देने का कार्य लगातार जारी रहेगा। जिला कार्यक्रम समन्वयक सहबान ने बताया कि जनपद में 4143 टीबी से ग्रसित मरीजों का इलाज चल रहा है, जिनमें 280 बच्चे शामिल है। कार्यक्रम को सफल बनाने में डिप्टी डीटीओ डा. नरेंद्र गुप्ता, डा. लोकेश चंद गुप्ता आदि मौजूद रहे।
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मंगलवार को जिला क्षय रोग अधिकारी डा. लोकेश चंद गुप्ता ने कहा कि टीबी रोकने के लिए नई साझेदारी बनाना बेहद जरूरी है। टीबी से ग्रसित बच्चों के लिए संस्थाओं द्वारा किए गए प्रयास बेहद सराहनीय है। उन्होंने बताया कि गोद लिए बच्चों को स्वास्थ्य विभाग द्वारा नि:शुल्क दवा दी जाती है और समय-समय पर उनकी काउंसलिंग भी की जाती है, जिससे इनके इलाज में किसी भी तरह की बाधा न आए और नियमित रूप से यह दवा का सेवन करते रहें। सरकार की ओर से टीबी के हर मरीज को इलाज के दौरान निक्षय पोषण योजना के तहत प्रतिमाह 500 रुपये दिये जाते हैं। यह धनराशि इलाज चलने तक उनके बैंक खाते में सीधे भेजी जाती है।
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भारत विकास परिषद अध्यक्ष सुनील गर्ग एवं परम कीर्ति ने बताया कि संस्था तरफ से आगे भी टीबी से ग्रसित बच्चों को गोद लेने व राशन देने का कार्य लगातार जारी रहेगा। जिला कार्यक्रम समन्वयक सहबान ने बताया कि जनपद में 4143 टीबी से ग्रसित मरीजों का इलाज चल रहा है, जिनमें 280 बच्चे शामिल है। कार्यक्रम को सफल बनाने में डिप्टी डीटीओ डा. नरेंद्र गुप्ता, डा. लोकेश चंद गुप्ता आदि मौजूद रहे।
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