{"_id":"64d4f2e4d51a5e83a3096c19","slug":"trial-courts-decision-quashed-eight-accused-sentenced-to-four-years-each-muzaffarnagar-news-c-29-1-mng1001-5342-2023-08-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Muzaffarnagar News: निचली अदालत का फैसला रद्द, आठ आरोपियों को चार-चार साल की सजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Muzaffarnagar News: निचली अदालत का फैसला रद्द, आठ आरोपियों को चार-चार साल की सजा
विज्ञापन
चुडि़याला गांव में परिवार पर हुए हमले का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। मीरापुर के चुडि़याला गांव में परिवार पर हुए हमले के मामले में निचली अदालत का फैसला रद्द कर दिया गया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायालय कोर्ट संख्या तीन के पीठासीन अधिकारी गोपाल उपाध्याय ने दोषियों को चार-चार साल की सजा सुनाई।
सहायक शासकीय अधिवक्ता अरुण शर्मा ने बताया कि चुडि़याला गांव में दिलशाद के घर हमला कर दिया गया था। पुलिस ने आठ आरोपियों के विरुद्ध घर में घुसकर हमला करने के मामले में आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया था। इसी साल 20 मार्च को अपर सिविल जज जूनियर डिवीजन संख्या चार ने प्रकरण के आठ आरोपियों को बरी कर दिया था।
अभियोजन पक्ष ने निचली अदालत के फैसले को ऊपरी अदालत में चुनौती दी थी। ऊपरी अदालत ने अपील स्वीकार करते हुए निचली अदालत का फैसला रद्द कर दिया है। आरोपी साकिब, तालिब, शादाब, इरशाद, कमरुद्दीन, आबिद, विशाल और जुल्फिकार को दोषी मानते हुए चार-चार वर्ष की सजा और चार-चार हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। मीरापुर के चुडि़याला गांव में परिवार पर हुए हमले के मामले में निचली अदालत का फैसला रद्द कर दिया गया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायालय कोर्ट संख्या तीन के पीठासीन अधिकारी गोपाल उपाध्याय ने दोषियों को चार-चार साल की सजा सुनाई।
सहायक शासकीय अधिवक्ता अरुण शर्मा ने बताया कि चुडि़याला गांव में दिलशाद के घर हमला कर दिया गया था। पुलिस ने आठ आरोपियों के विरुद्ध घर में घुसकर हमला करने के मामले में आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया था। इसी साल 20 मार्च को अपर सिविल जज जूनियर डिवीजन संख्या चार ने प्रकरण के आठ आरोपियों को बरी कर दिया था।
विज्ञापन
अभियोजन पक्ष ने निचली अदालत के फैसले को ऊपरी अदालत में चुनौती दी थी। ऊपरी अदालत ने अपील स्वीकार करते हुए निचली अदालत का फैसला रद्द कर दिया है। आरोपी साकिब, तालिब, शादाब, इरशाद, कमरुद्दीन, आबिद, विशाल और जुल्फिकार को दोषी मानते हुए चार-चार वर्ष की सजा और चार-चार हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
विज्ञापन