फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   Transactions affected by banks strike

बैंकों की हड़ताल से लेन-देन प्रभावित

Thu, 09 Jan 2020 12:24 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 09 Jan 2020 12:24 AM IST
विज्ञापन
Transactions affected by banks strike
नई मंडी में बैको की हडताल के चलते प्रदर्शन करते बैक कर्मचारी। - फोटो : MUZAFFARNAGAR
बैंकों की हड़ताल से लेनदेन प्रभावित
विज्ञापन

मुजफ्फरनगर। केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल के चलते जिले के बैंकों में कामकाज ठप रहा। एसबीआई और निजी बैंकों को छोड़कर सभी में हड़ताल रही। हड़ताल से आम जनता के बैंकों के कार्य नहीं हो पाए। एक अनुमान के मुताबिक करीब डेढ़ सौ करोड़ के चेक क्लीयरिंग में फंस गए। लेनदेन प्रभावित होने से ग्राहकों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
यूपी बैंक इंप्लाइज यूनियन ने नई आर्थिक नीतियों, कामगार विरोधी श्रम सुधारों तथा देश एवं जनविरोधी नीतियों के विरुद्ध हड़ताल रखी। भारतीय स्टेट बैंक और निजी बैंकों को छोड़ सभी बैंकों के कर्मचारी हड़ताल में शामिल रहे। जिले में पीएनबी, सहकारी बैंक की सर्वाधिक शाखाएं हैं। इनमें हड़ताल होने से आम जनता पर अधिक प्रभाव पड़ा। इलाहाबाद बैंक, कैनरा बैंक, सिंडिकेट बैंक, देना बैंक, सेंट्रल बैंक, इंडियन बैंक, ओरियंटल बैंक, नैनीताल बैंक आदि में हड़ताल से कामकाज पूरी तरह प्रभावित हुआ। अनुमान है कि लोगों के करीब डेढ़ सौ करोड़ के चेक क्लीयर नहीं हो पाए। लोगों ने आरटीजीएस का प्रयोग भी किया।
विज्ञापन

बुधवार को नई मंडी के पंजाब नेशनल बैंक पर कर्मचारियों ने एकत्र होकर सभा की। रविंद्र सिंह ने कहा बताया केंद्र सरकार की श्रम विरोधी नीतियों के खिलाफ देश के 25 करोड़ मजदूरों के साथ बैंक कर्मचारी संगठन एआईबीइए, आआईबीओए, बीबीएफआई, आईएनबीईएफ व आईएनबीओसी पांच बैंक यूनियन राष्ट्र व्यापी हड़ताल में शामिल रहीं। उन्होंने कहा कि बैंक यूनियन की मांगों में 11 वां वेतन समझौता तुरंत कराने, बैंकों में रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती की कराने, बैंकों के विलय पर रोक लगाने की मांग की गई है। यूपी बैंक इम्प्लाइज यूनियन के जिलाध्यक्ष आरपी शर्मा ने कहा कि सरकार सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का विलय करके प्राइवेट बैंकों को बढ़ावा दे रही है। बैंकों के ग्राहकों की जमा राशि पर ब्याज दर लगातार घटती जा रही है। कारपोरेट घरानों के ऋणों की वसूली नहीं हो रही है। अशोक शर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों से बैंक कर्मियों में रोष है। ये नीति आम जन के हित में नहीं है। हड़ताल में राजीव जैन, रविंद्र सिंह, मुकेश भार्गव, तेजराज गुप्ता, लवलेश गुप्ता, आशीष भटनागर, संजीव जैन, निहारिका वशिष्ठ प्रदीप मलिक आदि का सहयोग रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed