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आरटीआई से जुडे अफसरों को दिया प्रशिक्षण
अमर उजाला/ब्यूरो, मुजफ्फरनगर
Updated Fri, 14 Sep 2018 12:18 AM IST
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प्रशिक्षण के दौरान मौजूद अधिकारी।
- फोटो : अमर उजाला
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जिला पंचायत सभागार में जनपद स्तर पर कार्यरत जनसूचना अधिकारियों एवं प्रथम अपीलीय अधिकारियों को स्टेट रिसोर्स पर्सन डॉ राहुल सिंह ने प्रशिक्षण दिया। राज्य सूचना आयुक्त हाफिज उस्मान ने कहा कि 30 दिन में मांगी गई सूचना दे दी जानी चाहिए। जन सूचना अधिकारियों का नैतिक दायित्व सूचना प्रदान करना है। हाफिज उस्मान ने कहा कि जन सूचना अधिकार अधिनियम से भ्रष्टाचार पर काफी लगाम लगी है और प्रत्येक व्यक्ति को जनहित में इसका प्रयोग करना चाहिए, लेकिन इसकी आड़ में किसी का शोषण एवं उत्पीड़न न हो।
उत्पीड़न करने वालों के विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी। सभी अफसर समय से मांगी गई सूचनाओं को उपलब्ध कराने का काम करें और भरसक प्रयास किया जाए कि जो सूचनाएं विभाग से मांगी जाए, उसका निचले स्तर पर ही निराकरण कर दिया जाए, उसे आयोग तक न जाना पड़े। आयोग के समक्ष जो भी मामले लाए जाते हैं उन पर गंभीरतापूर्वक विचार कर उन्हें निस्तारित किया जाता है। प्रतिवादी अगर दिए गए समय में वादी को सूचना उपलब्ध नहीं कराता है तो संबंधित के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई के आदेश कर दिए जाएंगे। एक्ट के अनुसार 30 दिन के अंदर वादी को सूचना प्रदान करें।
प्रशिक्षण देने पहुंचे स्टेट पर्सन डॉ राहुल ने कहा कि सूचना का अधिकार अधिनियम की धारा 4,5,6,7,8 अधिक महत्वपूर्ण है। आवेदक को 20 साल तक की सूचना दी जा सकती है। अलग-अलग विभागों में अभिलेखों के बीड आउट होने से सूचना दिया जाना संभव नहीं हो पाता, ऐसी स्थिति में आवेदक को बीड आउट होने की दिनांक का उल्लेख कर सूचना दिया जाना चाहिए।
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ऐसे आवेदन जो विभाग से संबंधित न होकर अन्य लोक प्राधिकरण से संबंधित हो तो उन्हें पांच दिन के अंदर संबंधित लोक प्राधिकरण को धारा 6-3 के अंतर्गत अंतरण कर देना चाहिए और इसकी सूचना आवेदक को उपलब्ध कराई जाए। सूचना प्राप्त करने के अनुरोध में 500 से अधिक शब्द नहीं होने चाहिए। थर्ड पार्टी सूचना के सम्बन्ध में महत्वपूर्ण जानकारी दी।
डीएम राजीव शर्मा ने कहा कि शुक्रवार यानि आज सुबह 10 से 11 बजे तक सभी कार्यालयों में सूचना के अधिकार के संबंध में जन सूचना अधिकारी अपने अपने कार्यालय के स्टाफ को प्रशिक्षण देंगे। एसएसपी सुधीर कुमार सिंह, सीडीओ अर्चना वर्मा, सीएमओ डॉ पीएस मिश्रा, एडीएम प्रशासन अमित सिंह, एडीएम वित्त आलोक कुमार, नगर मजिस्ट्रेट अतुल कुमार, सभी एसडीएम, तहसीलदार, जन सूचना अधिकारी, अपीलीय अधिकारी मौजूद रहे।
एक सप्ताह में एक दिन सुनवाई करें अपीलीय अधिकारी
मुजफ्फरनगर। कलक्ट्रेट के सभाकक्ष में पत्रकारों से वार्ता में राज्य सूचना आयुक्त हाफिज उस्मान ने कहा कि अपीलीय अधिकारियों के द्वारा सुनवाई नहीं करने के कारण आयोग में अधिक केस जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अपीलीय अधिकारी अपनी जिम्मेदारी को समझें। यदि अपीलीय अधिकारी ही सूचना दिला दे या अपना निर्णय दे दे तो लोग सूचना आयुक्त तक इतनी बड़ी संख्या में न जाएं। इस संबंध में डीएम और एसएसपी से भी उन्होंने वार्ता की है। अपीलीय अधिकारी का सप्ताह में एक दिन सुनवाई करना जरुरी है। उन्होंने बताया कि अपीलीय अधिकारियों के साथ विभागों के सूचना पटल से जुड़े लिपिकों को भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
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उत्पीड़न करने वालों के विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी। सभी अफसर समय से मांगी गई सूचनाओं को उपलब्ध कराने का काम करें और भरसक प्रयास किया जाए कि जो सूचनाएं विभाग से मांगी जाए, उसका निचले स्तर पर ही निराकरण कर दिया जाए, उसे आयोग तक न जाना पड़े। आयोग के समक्ष जो भी मामले लाए जाते हैं उन पर गंभीरतापूर्वक विचार कर उन्हें निस्तारित किया जाता है। प्रतिवादी अगर दिए गए समय में वादी को सूचना उपलब्ध नहीं कराता है तो संबंधित के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई के आदेश कर दिए जाएंगे। एक्ट के अनुसार 30 दिन के अंदर वादी को सूचना प्रदान करें।
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प्रशिक्षण देने पहुंचे स्टेट पर्सन डॉ राहुल ने कहा कि सूचना का अधिकार अधिनियम की धारा 4,5,6,7,8 अधिक महत्वपूर्ण है। आवेदक को 20 साल तक की सूचना दी जा सकती है। अलग-अलग विभागों में अभिलेखों के बीड आउट होने से सूचना दिया जाना संभव नहीं हो पाता, ऐसी स्थिति में आवेदक को बीड आउट होने की दिनांक का उल्लेख कर सूचना दिया जाना चाहिए।
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ऐसे आवेदन जो विभाग से संबंधित न होकर अन्य लोक प्राधिकरण से संबंधित हो तो उन्हें पांच दिन के अंदर संबंधित लोक प्राधिकरण को धारा 6-3 के अंतर्गत अंतरण कर देना चाहिए और इसकी सूचना आवेदक को उपलब्ध कराई जाए। सूचना प्राप्त करने के अनुरोध में 500 से अधिक शब्द नहीं होने चाहिए। थर्ड पार्टी सूचना के सम्बन्ध में महत्वपूर्ण जानकारी दी।
डीएम राजीव शर्मा ने कहा कि शुक्रवार यानि आज सुबह 10 से 11 बजे तक सभी कार्यालयों में सूचना के अधिकार के संबंध में जन सूचना अधिकारी अपने अपने कार्यालय के स्टाफ को प्रशिक्षण देंगे। एसएसपी सुधीर कुमार सिंह, सीडीओ अर्चना वर्मा, सीएमओ डॉ पीएस मिश्रा, एडीएम प्रशासन अमित सिंह, एडीएम वित्त आलोक कुमार, नगर मजिस्ट्रेट अतुल कुमार, सभी एसडीएम, तहसीलदार, जन सूचना अधिकारी, अपीलीय अधिकारी मौजूद रहे।
एक सप्ताह में एक दिन सुनवाई करें अपीलीय अधिकारी
मुजफ्फरनगर। कलक्ट्रेट के सभाकक्ष में पत्रकारों से वार्ता में राज्य सूचना आयुक्त हाफिज उस्मान ने कहा कि अपीलीय अधिकारियों के द्वारा सुनवाई नहीं करने के कारण आयोग में अधिक केस जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अपीलीय अधिकारी अपनी जिम्मेदारी को समझें। यदि अपीलीय अधिकारी ही सूचना दिला दे या अपना निर्णय दे दे तो लोग सूचना आयुक्त तक इतनी बड़ी संख्या में न जाएं। इस संबंध में डीएम और एसएसपी से भी उन्होंने वार्ता की है। अपीलीय अधिकारी का सप्ताह में एक दिन सुनवाई करना जरुरी है। उन्होंने बताया कि अपीलीय अधिकारियों के साथ विभागों के सूचना पटल से जुड़े लिपिकों को भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है।