Muzaffarnagar News: साहनेवाल तक ट्रैक तैयार, अब दौड़ेंगी मालगाड़ियां, विकास के नए आयाम गढ़ेगा कॉरिडोर
रेल कॉरिडोर पर विद्युतीकरण के अलावा तमाम कार्य खुर्जा से साहनेवाल (पंजाब) तक पूरा होने के बाद मालगाड़ियों दौड़ाने का रास्ता साफ हो गया। डीएफसी के मुख्य महाप्रबंधक पवन कुमार, डिप्टी सीपीएम कुलदीप, कपंनी के प्रोजक्ट हेड डॉ. रमन चौधरी, बिजनेस यूनिट हेड एके सिंह एवं परियोजना नियंत्रक सत्येंद्र सक्सेना मौजूद रहे। इससे पहले एक सितंबर को डीएफसीसी के एमडी ने रेल चेयरकार से भ्रमण कर कॉरिडोर की पटरियों और ट्रैक की क्षमता की गुणवत्ता को परखा था। उन्होंने 30 सितंबर तक कंपनी को कार्य पूरा करने के बाद न्यू पिलखनी तक मालगाड़ी दौड़ाने के निर्देश दिए थे।
चरथावल क्षेत्र गांव में रहा कौतूहल
पहली बार क्षेत्र में रेलवे ट्रैक पर दो इंजनों के गुजरे तो ग्रामीणों में काैतूहल रहा। लकड़संधा, दधेड़ू, जटनगलां, रोहाना, बधाई खुर्द, आखलौर आदि में सायरन बजाते इंजन पहली बार गुजरे तो बच्चे एवं लोग पटरी किनारे खड़े होकर नजारा देखने को आतुर रहे। ब्लॉक प्रमुख अक्षय पुंडीर, दधेड़ू खुर्द प्रधान हुसैन, लकड़संधा प्रधान राहुल कश्यप आदि कहते हैं कि न्यू मुजफ्फरनगर के नाम से पीनना में बने स्टेशन को बोर्ड द्वारा व्यावसायिक कोड मिलना चाहिए। ताकि क्षेत्र के किसानों की फसल एवं कुटीर उद्योगों में तैयार गुड़ एवं अन्य उत्पाद दूरस्थ प्रांतों में भेजे जा सकें।

खतौली मालगाड़ी ट्रेक ट्रायल के लिए पूजा अर्चना करते हुए रेलवे अधिकारी।
खुर्जा से साहनेवाल तक 425 किमी रेल ट्रैक
खुर्जा से साहनेवाल (पंजाब) तक करीब 425 किमी पहली बार नया ट्रैक बना है। यहां पटरियां बिछाने का काम पूरा हो चुका है। खुर्जा से न्यू खतौली तक पूरी क्षमता और भार से लदी मालगाड़ी दौड़ाने का ट्रायल कर चुकी है। शनिवार को औसत रफ्तार 35 किमी दर्ज की गई। हालांकि 60 किमी तक इंजनों ने दौड़ लगाई।
ईस्टर्न कॉरिडोर की लंबाई 1856 किलोमीटर
ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर की कुल लंबाई करीब 1856 किलोमीटर है, जो पश्चिम बंगाल के धनकुनी से लुधियाना साहनेवाल तक तैयार किया गया है। इस कॉरिडोर पर मुगलसराय से खुर्जा तक मालगाड़ियां पहले से ही चल रहीं हैं। खुर्जा से पिलखनी तक कॉरिडोर का निर्माण कार्य अप्रैल 2018 में शुरू हुआ था। जून 2021 में पूरा होने का लक्ष्य था। विभाग को कोविड के कारण एवं अन्य बाधाओं के कंपनी को काम पूरा करने लिए समय बढ़ाना पड़ा।
विकास के नए आयाम गढ़ेगा कॉरिडोर
खुर्जा से पिलखनी तक मालगाड़ी का नया ट्रैक का कार्य पूरा हो गया। पूरी क्षमता के साथ डीजल एवं इलैक्ट्रिक इंजनों को चलाया गया। कुछ दिनाें में मालगाड़ियां तेज गति से दौडेंगी। भारतीय रेल लाइन का बोझ कम होगा और गंतव्य तक माल पहुंचने में पहले से चौथाई वक्त लगेगा। कॉरिडोर पंजाब, हरियाणा, यूपी, बिहार, झारखंड व पश्चिम बंगाल से होकर गुजरेगा। इन राज्यों के उत्पादों को आर्थिक मजबूती मिलेगी। नवंबर में खुर्जा से साहनेवाल तक नियमित मालगाड़ियां दौड़नी शुरू हो जाएंगी। - डाॅ. रमन चौधरी, प्रशासनिक प्रोजेक्ट हेड एलएंडटी कंपनी