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Muzaffarnagar News: मौनी अमावस्या पर शुकतीर्थ गंगा में लगाई आस्था की डुबकी
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फोटो समाचार।
संवाद न्यूज़ एजेंसी
मोरना। तीर्थ नगरी शुकतीर्थ में मौनी अमावस्या पर दूर दराज क्षेत्रों से आए हजारों श्रद्धालुओं ने गंगा में डुबकी लगाई। इसके साथ ही विभिन्न मंदिरों में दर्शन कर भक्ति भाव से श्रद्धा पूर्वक प्रसाद चढ़ाया।
नगरी के गंगा घाट पर श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान के बाद शुकदेव मंदिर में पूजा अर्चना कर प्रसाद चढ़ाया। श्रद्धालुओं ने महाभारत कालीन अक्षय वट वृक्ष की परिक्रमा कर धागा बांध कर परिवार की खुशहाली के लिए मन्नत मांगी। कारगिल बलिदानी स्मारक व ब्रह्मलीन स्वामी कल्याण देव जी महाराज की समाधि पर भी श्रद्धालुओं ने पुष्प अर्पित कर शत-शत नमन किया। श्रद्धालुओं ने हनुमद्धाम, गणेश धाम, शिव धाम, दुर्गा धाम, मां पीतांबरा धाम, श्री गंगा मंदिर, दंडी आश्रम, अखंड धाम, मानव निर्माण योग आश्रम, महाशक्ति सिद्ध पीठ आदि मंदिरों में पूजा अर्चना कर श्रद्धा पूर्वक प्रसाद चढ़ाया। इसके अलावा नगरी के खिचड़ी वाले बाबा का आश्रम, उदासीन निर्वाण आश्रम, रविदास आश्रम आदि में सत्संग प्रवचन कार्यक्रम आयोजित किए गए। गंगा तट स्थित हनुमधाम नक्षत्र वाटिका में दर्शन करने को श्रद्धालुओं की सबसे ज्यादा भीड़ रही। इस दौरान नगरी में मेले जैसा माहौल रहा।
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संवाद न्यूज़ एजेंसी
मोरना। तीर्थ नगरी शुकतीर्थ में मौनी अमावस्या पर दूर दराज क्षेत्रों से आए हजारों श्रद्धालुओं ने गंगा में डुबकी लगाई। इसके साथ ही विभिन्न मंदिरों में दर्शन कर भक्ति भाव से श्रद्धा पूर्वक प्रसाद चढ़ाया।
नगरी के गंगा घाट पर श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान के बाद शुकदेव मंदिर में पूजा अर्चना कर प्रसाद चढ़ाया। श्रद्धालुओं ने महाभारत कालीन अक्षय वट वृक्ष की परिक्रमा कर धागा बांध कर परिवार की खुशहाली के लिए मन्नत मांगी। कारगिल बलिदानी स्मारक व ब्रह्मलीन स्वामी कल्याण देव जी महाराज की समाधि पर भी श्रद्धालुओं ने पुष्प अर्पित कर शत-शत नमन किया। श्रद्धालुओं ने हनुमद्धाम, गणेश धाम, शिव धाम, दुर्गा धाम, मां पीतांबरा धाम, श्री गंगा मंदिर, दंडी आश्रम, अखंड धाम, मानव निर्माण योग आश्रम, महाशक्ति सिद्ध पीठ आदि मंदिरों में पूजा अर्चना कर श्रद्धा पूर्वक प्रसाद चढ़ाया। इसके अलावा नगरी के खिचड़ी वाले बाबा का आश्रम, उदासीन निर्वाण आश्रम, रविदास आश्रम आदि में सत्संग प्रवचन कार्यक्रम आयोजित किए गए। गंगा तट स्थित हनुमधाम नक्षत्र वाटिका में दर्शन करने को श्रद्धालुओं की सबसे ज्यादा भीड़ रही। इस दौरान नगरी में मेले जैसा माहौल रहा।
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