फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   Titawi Primary School-First

जन सहयोग से उत्कृष्ट विद्यालय बना तितावी

Sun, 12 Jan 2020 11:46 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 12 Jan 2020 11:46 PM IST
विज्ञापन
Titawi Primary School-First
तितावी स्थित प्राथमिक विद्यालय प्रथम। - फोटो : MUZAFFARNAGAR
जनसहयोग से उत्कृष्ट विद्यालय बना तितावी
विज्ञापन

मुजफ्फरनगर। बघरा ब्लॉक के गांव तितावी का प्राथमिक विद्यालय-प्रथम प्रदेश के एक सौ उत्कृष्ट विद्यालयों में शामिल हो गया है। विद्यालय के मुख्य अध्यापक को एक फरवरी को लखनऊ के एससीआरटी सभागार में उत्कृष्ट विद्यालय पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। विद्यालय के चुने जाने से शिक्षा विभाग और ग्रामीणों में खुशी की लहर है। दरअसल, विद्यालय को उत्कृष्ट बनाने में यहां के शिक्षकों और छात्रों की मेहनत के साथ ही जनसहयोग भी महत्वपूर्ण रहा है। आज इस विद्यालय में कान्वेंट जैसी सुविधाएं मौजूद हैं।
वर्तमान में विद्यालय में 222 छात्र-छात्राओं का पंजीकरण हैं और पांच शिक्षक कार्यरत हैं। मुख्य अध्यापक अखलाक अहमद बताते हैं कि विद्यालय में छात्रों की उपस्थिति शत-प्रतिशत रहती है। यदि कोई बच्चा विद्यालय नहीं आता तो उनके द्वारा बनाए गए अभिभावकों के व्हाट्सअप ग्रुप में इसकी जानकारी दी जाती है और बच्चे को विद्यालय बुलाया जाता है। वर्ष 2013 से शिक्षकों की उपस्थिति बायो मैट्रिक प्रणाली से लग रही है। विद्यालय की स्मार्ट क्लास में प्रोजेक्टर के माध्यम से पढ़ाई होती है। अधिकारिक रूप से पढ़ाई का माध्यम हिंदी है, लेकिन अंग्रेजी में भी बच्चे पारंगत हैं। मुख्य अध्यापक बताते हैं कि हर वर्ष करीब दो बच्चों का नवोदय विद्यालय में कक्षा छह के लिए चयन होता है। इसके अतिरिक्त विद्या ज्ञान स्कूल में भी गत वर्ष दो और इस बार एक बच्चे का चयन हुआ है। स्कूल सीसीटीवी कैमरों से लैस है। पीने के पानी के लिए आरओ प्लांट लगा है। शौचालय, रसोई, मिड डे मील एवं पुस्तकालय आदि की शानदार सुविधाएं हैं। स्कूल का परिसर पेड़ों और फुलवारी से हरा-भरा है। मुख्य अध्यापक कहते हैं कि यह सब जन सहयोग से संभव हो पाया है। लोगों ने विद्यालय को उत्कृष्ट बनाने में पूरा सहयोग किया। आज कान्वेंट स्कूल जैसी सभी सुविधाएं विद्यालय में मौजूद हैं।
विज्ञापन

वॉकी-टॉकी का भी करते हैं इस्तेमाल
विद्यालय में वॉकी-टॉकी की भी सुविधा है। मुख्य अध्यापक बताते हैं कि यदि कोई बच्चा स्कूल नहीं आता है तो उसके अभिभावक से बात करने का प्रयास किया जाता है। मोबाइल आदि पर संपर्क नहीं हुआ तो किसी को वॉकी-टॉकी देकर उनके पास भेजा जाता है और उनसे बात की जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

नए प्रवेश के लिए कम पड़ जाती है जगह
प्राथमिक विद्यालय तितावी प्रथम में नए प्रवेश के लिए जगह कम पड़ जाती है। मुख्य अध्यापक का कहना है कि वर्तमान शिक्षा सत्र की शुरुआत में निजी स्कूलों के 62 विद्यार्थियों ने उनके यहां प्रवेश लिया है। स्थान कम होने के कारण और प्रवेश नहीं ले पाए। अभिभावक चाहते हैं कि उनके बच्चे इस विद्यालय में पढ़ें।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed