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नगर पालिका में टिपर खरीद की जांच शुरू
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अमर उजाला में 31 मई के अंक में प्रकाशित टिपर खरीद की खबर।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
नगर पालिका में टिपर खरीद की जांच शुरू
मुजफ्फरनगर। नगर पालिका में कूड़ा उठाने के टिपर की खरीद की शिकायत पर जांच शुरू हो गई है। डीएम सेल्वा कुमारी जे ने डिप्टी कलेक्टर अजय अंबष्ट के अलावा अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग तथा एआरटीओ को मामले की जांच सौंपी है। आरोप है कि नगर पालिका ने बाजार मूल्य से ज्यादा पर 35 टिपर खरीदे हैं।
नगर पालिका सभासद राजीव शर्मा ने डीएम से की शिकायत में कहा था कि स्वच्छ भारत मिशन के नाम पर कूड़ा उठाने के लिए नगर पालिका ने 35 टिपर खरीदे हैं। आरोप है कि वाहन ठेकेदार से सांठ-गांठ कर एडवांस भुगतान करके बाजार मूल्य से ज्यादा पर खरीद की गई। शिकायतकर्ता ने एडवांस भुगतान, ठेकेदार द्वारा पूर्व में कितनी फर्मों को वाहन बेचे गए, कितने लोगों ने टेंडर प्रक्रिया में भाग लिया समेत करीब नौ बिंदुओं पर जांच की मांग की थी।
केंद्रीय मंत्री ने भुगतान पर रोक के लिए लिखा था पत्र
मुजफ्फरनगर। केंद्रीय राज्यमंत्री डा. संजीव बालियान ने भी नगर पालिका में टिपर खरीद की जांच कराने और भुगतान पर रोक लगाने के लिए मंडलायुक्त को पत्र लिखा था। नगर पालिका एक टिपर छह लाख 85 हजार का खरीदा गया है। 35 टिपर दो करोड़ 38 में खरीदे गए। यही टिपर पुरकाजी नगर पंचायत में चार लाख 85 हजार और बुढ़ाना नगर पंचायत में चार लाख 75 हजार के खरीदे गए। सूत्रों का कहना है कि जैम पोर्टल पर 11 फर्म सामने आई थीं, जिसमें एक फर्म गोल्डन ट्राइंगल सर्विसेज से यह खरीदारी की गई। टेंडर छूटने के बाद फर्म 11 टिपर की आपूर्ति भी कर चुकी है। एक ही कंपनी के टिपर दो लाख रुपये ज्यादा में खरीदे गए।
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ऑडियो वायरल होने से उठे थे सवाल
मुजफ्फरनगर। स्वच्छ भारत मिशन के जिला प्रबंधक सरदार बलजीत सिंह, ठेकेदार नवीन राणा और लवी त्यागी के बीच ठेके के नाम पर सात लाख रुपये की ठगी का प्रकरण भी चल रहा है। ठेकों को लेकर कई ऑडियो वायरल हुई हैं। इनमें ठेके दिलाने तथा कमीशनखोरी को लेकर बातचीत है। शिकायत की जांच सिटी मजिस्ट्रेट अतुल कुमार कर रहे हैं। टिपर खरीद का मामला भी स्वच्छ भारत मिशन से जुड़ा है।
नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी विनय कुमार मणि त्रिपाठी का कहना है कि टिपर की खरीद में प्रक्रिया का पालन किया गया है। अलग-अलग मॉडल के टिपर की कीमत अलग होती है। एक्सेसरीज का भी अंतर हो सकता है। हमने जो टिपर खरीदे हैं, उनमें कई सुविधाएं अधिक हैं।
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मुजफ्फरनगर। नगर पालिका में कूड़ा उठाने के टिपर की खरीद की शिकायत पर जांच शुरू हो गई है। डीएम सेल्वा कुमारी जे ने डिप्टी कलेक्टर अजय अंबष्ट के अलावा अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग तथा एआरटीओ को मामले की जांच सौंपी है। आरोप है कि नगर पालिका ने बाजार मूल्य से ज्यादा पर 35 टिपर खरीदे हैं।
नगर पालिका सभासद राजीव शर्मा ने डीएम से की शिकायत में कहा था कि स्वच्छ भारत मिशन के नाम पर कूड़ा उठाने के लिए नगर पालिका ने 35 टिपर खरीदे हैं। आरोप है कि वाहन ठेकेदार से सांठ-गांठ कर एडवांस भुगतान करके बाजार मूल्य से ज्यादा पर खरीद की गई। शिकायतकर्ता ने एडवांस भुगतान, ठेकेदार द्वारा पूर्व में कितनी फर्मों को वाहन बेचे गए, कितने लोगों ने टेंडर प्रक्रिया में भाग लिया समेत करीब नौ बिंदुओं पर जांच की मांग की थी।
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केंद्रीय मंत्री ने भुगतान पर रोक के लिए लिखा था पत्र
मुजफ्फरनगर। केंद्रीय राज्यमंत्री डा. संजीव बालियान ने भी नगर पालिका में टिपर खरीद की जांच कराने और भुगतान पर रोक लगाने के लिए मंडलायुक्त को पत्र लिखा था। नगर पालिका एक टिपर छह लाख 85 हजार का खरीदा गया है। 35 टिपर दो करोड़ 38 में खरीदे गए। यही टिपर पुरकाजी नगर पंचायत में चार लाख 85 हजार और बुढ़ाना नगर पंचायत में चार लाख 75 हजार के खरीदे गए। सूत्रों का कहना है कि जैम पोर्टल पर 11 फर्म सामने आई थीं, जिसमें एक फर्म गोल्डन ट्राइंगल सर्विसेज से यह खरीदारी की गई। टेंडर छूटने के बाद फर्म 11 टिपर की आपूर्ति भी कर चुकी है। एक ही कंपनी के टिपर दो लाख रुपये ज्यादा में खरीदे गए।
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ऑडियो वायरल होने से उठे थे सवाल
मुजफ्फरनगर। स्वच्छ भारत मिशन के जिला प्रबंधक सरदार बलजीत सिंह, ठेकेदार नवीन राणा और लवी त्यागी के बीच ठेके के नाम पर सात लाख रुपये की ठगी का प्रकरण भी चल रहा है। ठेकों को लेकर कई ऑडियो वायरल हुई हैं। इनमें ठेके दिलाने तथा कमीशनखोरी को लेकर बातचीत है। शिकायत की जांच सिटी मजिस्ट्रेट अतुल कुमार कर रहे हैं। टिपर खरीद का मामला भी स्वच्छ भारत मिशन से जुड़ा है।
नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी विनय कुमार मणि त्रिपाठी का कहना है कि टिपर की खरीद में प्रक्रिया का पालन किया गया है। अलग-अलग मॉडल के टिपर की कीमत अलग होती है। एक्सेसरीज का भी अंतर हो सकता है। हमने जो टिपर खरीदे हैं, उनमें कई सुविधाएं अधिक हैं।