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Muzaffarnagar News: सहारनपुर से दिल्ली चलने वाली मेमो ट्रेन में कम किए तीन डिब्बे, यात्री परेशान
Sun, 29 Oct 2023 12:59 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
Updated Sun, 29 Oct 2023 12:59 AM IST
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मुजफ्फरनगर से दिल्ली जाते समय मेमो ट्रेन के डिब्बे में यात्रियों की भीड़
मुजफ्फरनगर। सहारनपुर से पुरानी दिल्ली आने-जाने वाली ट्रेन के तीन डिब्बे हटा दिए गए। इससे दूसरे डिब्बों में यात्रियों की भीड़ गई है। जिस कारण यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा हैं।
सुबह सहारनपुर से चलकर वाया मुजफ्फरनगर होकर पुरानी दिल्ली जाने वाली मेमो ट्रेन से सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, मेरठ, गाजियाबाद क्षेत्रों से रोजाना हजारों लोग दिल्ली जाते हैं। यह ट्रेन लगभग दस साल पहले डीजल से चलती थी और उस समय इस ट्रेन में बीस डिब्बे होते थे। बाद में बिजली वाले इंजन से ट्रेन का संचालन शुरू किया गया तो रेलवे विभाग ने ट्रेन के डिब्बे घटा कर बारह कर दिए। इस ट्रेन को मेमो नाम दिया गया। अब इस ट्रेन के तीन डिब्बे कम कर दिए गए जिससे अब डिब्बों की संख्या नौ रह गई हैं। इससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
- दूसरे डिब्बों में बढ़ी भीड़
ट्रेन के तीन डिब्बे हटाने से दूसरे नौ डिब्बों में यात्रियों की संख्या ज्यादा होने के कारण यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही हैं। क्योंकि कम किए गए डिब्बों के यात्रियों को भी इन्हीं नौ डिब्बों में यात्रा करनी पड़ रही हैं। महिलाओं, बच्चों व बुजुर्ग विशेष तौर पर परेशान है। नौ डिब्बों में एक महिला डिब्बा व एक छोटा डिब्बा है जो इंजन के पीछे लगाया जाता है उसमें कम यात्री ही बैठ पाते हैं।
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- शहर से जाते हैं रोजाना दो हजार यात्री
खतौली व शहर से दिल्ली, गाजियाबाद रोजाना लगभग दो हजार लोग नौकरी व अन्य कामों से जाते हैं। मेरठ, सुभारती मेडिकल, गाजियाबाद सैकडों छात्र-छात्राएं भी शिक्षा ग्रहण करने जाते हैं।
- इन्होंने कहा
दैनिक यात्री संघ के अध्यक्ष घनश्याम भगत का कहना है कि तीन डिब्बे कम करने से महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों को ज्यादा परेशानी हो रही है। यात्रियों को खड़े होकर यात्रा करनी पड़ रही है। हालातों को देखते हुए ट्रेन में डिब्बे कम नहीं बढ़ाने की जरूरत है।
- दैनिक यात्री तिरसपाल सिंह का कहना है कि डिब्बे कम करने से ट्रेन में यात्रियों की भीड़ गई है। इससे स्टेशन पर उतरने व चढ़ने वालों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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सुबह सहारनपुर से चलकर वाया मुजफ्फरनगर होकर पुरानी दिल्ली जाने वाली मेमो ट्रेन से सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, मेरठ, गाजियाबाद क्षेत्रों से रोजाना हजारों लोग दिल्ली जाते हैं। यह ट्रेन लगभग दस साल पहले डीजल से चलती थी और उस समय इस ट्रेन में बीस डिब्बे होते थे। बाद में बिजली वाले इंजन से ट्रेन का संचालन शुरू किया गया तो रेलवे विभाग ने ट्रेन के डिब्बे घटा कर बारह कर दिए। इस ट्रेन को मेमो नाम दिया गया। अब इस ट्रेन के तीन डिब्बे कम कर दिए गए जिससे अब डिब्बों की संख्या नौ रह गई हैं। इससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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- दूसरे डिब्बों में बढ़ी भीड़
ट्रेन के तीन डिब्बे हटाने से दूसरे नौ डिब्बों में यात्रियों की संख्या ज्यादा होने के कारण यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही हैं। क्योंकि कम किए गए डिब्बों के यात्रियों को भी इन्हीं नौ डिब्बों में यात्रा करनी पड़ रही हैं। महिलाओं, बच्चों व बुजुर्ग विशेष तौर पर परेशान है। नौ डिब्बों में एक महिला डिब्बा व एक छोटा डिब्बा है जो इंजन के पीछे लगाया जाता है उसमें कम यात्री ही बैठ पाते हैं।
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- शहर से जाते हैं रोजाना दो हजार यात्री
खतौली व शहर से दिल्ली, गाजियाबाद रोजाना लगभग दो हजार लोग नौकरी व अन्य कामों से जाते हैं। मेरठ, सुभारती मेडिकल, गाजियाबाद सैकडों छात्र-छात्राएं भी शिक्षा ग्रहण करने जाते हैं।
- इन्होंने कहा
दैनिक यात्री संघ के अध्यक्ष घनश्याम भगत का कहना है कि तीन डिब्बे कम करने से महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों को ज्यादा परेशानी हो रही है। यात्रियों को खड़े होकर यात्रा करनी पड़ रही है। हालातों को देखते हुए ट्रेन में डिब्बे कम नहीं बढ़ाने की जरूरत है।
- दैनिक यात्री तिरसपाल सिंह का कहना है कि डिब्बे कम करने से ट्रेन में यात्रियों की भीड़ गई है। इससे स्टेशन पर उतरने व चढ़ने वालों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।