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देवबंद मंडी में इस बार 27 हजार 866 क्विंटल कम हुई गेहूं खरीद
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देवबंद। पिछले साल के मुकाबले इस सीजन में अब तक 6162 क्विंटल गेहूं की खरीद की गई। जबकि पिछले वर्ष 34048 क्विंटल गेहूं खरीदा गया था। इस प्रकार गत वर्ष के मुकाबले इस वर्ष 27 हजार 886 क्विंटल कम गेहूं खरीद हुई है।
सरकार ने एक अप्रैल से गेहूं की सरकारी खरीद आरंभ करा दी थी। लेकिन इसी दौरान पंचायत चुनाव संपन्न हुए। जिसके चलते 15 अप्रैल के बाद ही देवबंद की नवीन मंडी में गेहूं पहुंचना आरंभ हुआ। गेहूं कटाई में 15 अप्रैल के बाद तेजी आई। जिसका परिणाम यह है कि 15 अप्रैल से लेकर 31 मई तक सिर्फ 6162 क्विंटल गेहूं खरीदा गया। जबकि पिछले वर्ष अप्रैल व मई माह के दौरान 34048 क्विंटल गेहूं खरीदा गया था। मंडी समिति के सचिव अरविंद कुमार ने बताया कि मंडी शुल्क मिलने के चलते पहले बाह्य क्रय केंद्रों का गेहूं भी मंडी में ही आता था। लेकिन पिछले वर्ष सरकार ने कुछ वस्तुओं की खरीद पर मंडी शुल्क खत्म कर दिया। जिसके चलते बाह्य क्रय केंद्रों से टेक्स मिलना बंद हो गया। अब उन क्रय केंद्रों से पीसीएफ गेहूं खरीद करती है। सचिव ने बताया कि बाह्य क्रय केंद्रों का गेहूं नहीं मिलने के चलते इस बार गत वर्ष के मुकाबले 27 हजार 886 क्विंटल गेहूं की कम खरीद है। वहीं, पीसीएफ के अधिकारी दिवाकर ने बताया कि एजेंसी द्वारा कितना गेहूं खरीदा गया उसका रिकार्ड अभी बनाया जा रहा है।
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सरकार ने एक अप्रैल से गेहूं की सरकारी खरीद आरंभ करा दी थी। लेकिन इसी दौरान पंचायत चुनाव संपन्न हुए। जिसके चलते 15 अप्रैल के बाद ही देवबंद की नवीन मंडी में गेहूं पहुंचना आरंभ हुआ। गेहूं कटाई में 15 अप्रैल के बाद तेजी आई। जिसका परिणाम यह है कि 15 अप्रैल से लेकर 31 मई तक सिर्फ 6162 क्विंटल गेहूं खरीदा गया। जबकि पिछले वर्ष अप्रैल व मई माह के दौरान 34048 क्विंटल गेहूं खरीदा गया था। मंडी समिति के सचिव अरविंद कुमार ने बताया कि मंडी शुल्क मिलने के चलते पहले बाह्य क्रय केंद्रों का गेहूं भी मंडी में ही आता था। लेकिन पिछले वर्ष सरकार ने कुछ वस्तुओं की खरीद पर मंडी शुल्क खत्म कर दिया। जिसके चलते बाह्य क्रय केंद्रों से टेक्स मिलना बंद हो गया। अब उन क्रय केंद्रों से पीसीएफ गेहूं खरीद करती है। सचिव ने बताया कि बाह्य क्रय केंद्रों का गेहूं नहीं मिलने के चलते इस बार गत वर्ष के मुकाबले 27 हजार 886 क्विंटल गेहूं की कम खरीद है। वहीं, पीसीएफ के अधिकारी दिवाकर ने बताया कि एजेंसी द्वारा कितना गेहूं खरीदा गया उसका रिकार्ड अभी बनाया जा रहा है।
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