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यह भी एक दौर है, वह भी एक दौर था
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सुरेंद्र मलिक, महासचिव जिला बार संघ
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
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यह भी एक दौर है, वह भी एक दौर था
मुजफ्फरनगर। कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर से चुनाव प्रचार का तरीका ही बदल गया है। पोस्टर और पत्रक जैसे बीते दौर की बात हो गई। नए दौर में नेताजी मोबाइल पर हाजिर होकर चुनाव प्रचार कर रहे हैं। नीतियां और संकल्प भी मोबाइल पर भेजने का काम किया जा रहा है।
चुनाव प्रचार जोर पकड़ रहा है। लेकिन इस बार ऑनलाइन प्रचार बढ़ा है। फेसबुक पर सत्ता का संग्राम छिड़ा है। प्रत्याशी और उनके समर्थक अपनी नीतियां फेसबुक पर गिना रहे हैं। प्रचार को लाइव किया जा रहा है। व्हाट्सएप ग्रुपों पर भी प्रचार का शोर है। एक-दूसरे को चुनावी मैसेज भेजे जा रहे हैं। व्हाट्सएप पर चुनावी चौपाल लग रही है। इसके अलावा इंस्टाग्राम और ट्वीटर पर प्रत्याशी हाजिर हैं। आमजन के मोबाइल पर वॉइस मैसेज भेजकर वोट मांगे जा रहे हैं। डिजीटल प्रचार के लिए मैसेज तैयार कराए जा रहे हैं।
पहले इस तरह होता था प्रचार
पोस्टर, पंफलेट, माइक और झंडे लगते थे। राजनीतिक दलों के गांव-गांव खुलने वाले कार्यालयों पर दिनभर भीड़ रहती थी।
बच्चों के हाथ से छूटे बिल्ले
चुनाव के दौरान राजनीतिक दलों के बिल्ले बांटने की परंपरा सी बन गई थी। बिल्लों को लेकर बच्चों का उत्साह देने लायक होता था। लेकिन डिजीटल दौर में बिल्ले नहीं बांटे जा रहे हैं।
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फ्लैक्स छपवाने का दौर
राजनीतिक दल अब बड़े-बड़े फ्लैक्स छपवाकर प्रचार में प्रयोग कर रहे हैं। प्रिंटिंग मशीन पर छपवाकर चुनाव चिन्ह के पर्चे बांटे जाते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं किया जाता है।
रिक्शा में लाउडस्पीकर
प्रचार के लिए लाउड स्पीकर का प्रयोग किया जाता था। गली-मोहल्लों में रिक्शा पर लाउडस्पीकर लगाकर भेजे जाते थे।
अब इनका काम हुआ कम
चुनाव प्रचार के दौरान पहले पेंटर की अहमियत होती थी। वॉल पेंटिंग कराई जाती थी, लेकिन अब ऐसा नहीं होता है। प्रचार के दौरान फोटोग्राफर बुक किए जाते थे। इसके अलावा टैंट के काम पर भी बहार रहती थी।
प्रचार का तरीका बदला
जिला बार संघ के महासचिव सुरेंद्र मलिक का कहना है कि प्रचार का तरीका बदल गया है। डिजीटल दौर में मोबाइल पर प्रचार चल रहा है।
पहले जैसा माहौल नहीं बनता
पूर्व जिला बार संघ अध्यक्ष जय प्रकाश आजाद का कहना है कि पहले चुनाव का माहौल आम से आम आदमी को नजर आ था, लेकिन अब इस तरह का माहौल नहीं दिखता है।
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मुजफ्फरनगर। कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर से चुनाव प्रचार का तरीका ही बदल गया है। पोस्टर और पत्रक जैसे बीते दौर की बात हो गई। नए दौर में नेताजी मोबाइल पर हाजिर होकर चुनाव प्रचार कर रहे हैं। नीतियां और संकल्प भी मोबाइल पर भेजने का काम किया जा रहा है।
चुनाव प्रचार जोर पकड़ रहा है। लेकिन इस बार ऑनलाइन प्रचार बढ़ा है। फेसबुक पर सत्ता का संग्राम छिड़ा है। प्रत्याशी और उनके समर्थक अपनी नीतियां फेसबुक पर गिना रहे हैं। प्रचार को लाइव किया जा रहा है। व्हाट्सएप ग्रुपों पर भी प्रचार का शोर है। एक-दूसरे को चुनावी मैसेज भेजे जा रहे हैं। व्हाट्सएप पर चुनावी चौपाल लग रही है। इसके अलावा इंस्टाग्राम और ट्वीटर पर प्रत्याशी हाजिर हैं। आमजन के मोबाइल पर वॉइस मैसेज भेजकर वोट मांगे जा रहे हैं। डिजीटल प्रचार के लिए मैसेज तैयार कराए जा रहे हैं।
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पहले इस तरह होता था प्रचार
पोस्टर, पंफलेट, माइक और झंडे लगते थे। राजनीतिक दलों के गांव-गांव खुलने वाले कार्यालयों पर दिनभर भीड़ रहती थी।
बच्चों के हाथ से छूटे बिल्ले
चुनाव के दौरान राजनीतिक दलों के बिल्ले बांटने की परंपरा सी बन गई थी। बिल्लों को लेकर बच्चों का उत्साह देने लायक होता था। लेकिन डिजीटल दौर में बिल्ले नहीं बांटे जा रहे हैं।
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फ्लैक्स छपवाने का दौर
राजनीतिक दल अब बड़े-बड़े फ्लैक्स छपवाकर प्रचार में प्रयोग कर रहे हैं। प्रिंटिंग मशीन पर छपवाकर चुनाव चिन्ह के पर्चे बांटे जाते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं किया जाता है।
रिक्शा में लाउडस्पीकर
प्रचार के लिए लाउड स्पीकर का प्रयोग किया जाता था। गली-मोहल्लों में रिक्शा पर लाउडस्पीकर लगाकर भेजे जाते थे।
अब इनका काम हुआ कम
चुनाव प्रचार के दौरान पहले पेंटर की अहमियत होती थी। वॉल पेंटिंग कराई जाती थी, लेकिन अब ऐसा नहीं होता है। प्रचार के दौरान फोटोग्राफर बुक किए जाते थे। इसके अलावा टैंट के काम पर भी बहार रहती थी।
प्रचार का तरीका बदला
जिला बार संघ के महासचिव सुरेंद्र मलिक का कहना है कि प्रचार का तरीका बदल गया है। डिजीटल दौर में मोबाइल पर प्रचार चल रहा है।
पहले जैसा माहौल नहीं बनता
पूर्व जिला बार संघ अध्यक्ष जय प्रकाश आजाद का कहना है कि पहले चुनाव का माहौल आम से आम आदमी को नजर आ था, लेकिन अब इस तरह का माहौल नहीं दिखता है।

जय प्रकाश आजाद, पूर्व अध्यक्ष जिला बार संघ- फोटो : MUZAFFARNAGAR

मुजफ्फरनगर में बिक्री को रखे भोपू।- फोटो : MUZAFFARNAGAR

मुजफ्फरनगर में बिक्री को रखे भोपू।- फोटो : MUZAFFARNAGAR