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जिस तरह घटनाएं बढ़ीं, देना पड़ेगा बेटा बचाओ का नारा : महामंडलेश्वर यतीन्द्रानंद गिरि
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फोटो समाचार
संवाद न्यूज एजेंसी
खतौली। जूना अखाड़ा के पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर स्वामी यतीन्द्रानंद गिरि ने कहा कि माता ही देश की संस्कृति का निर्माण कर सकती हैं। आज माता घर से बाहर है, दफ्तरों में है। इस आधुनिक व्यवसायिक शिक्षा के साथ-साथ मौलिक धर्म की शिक्षा है और संस्कारों की शिक्षा है। कुछ दिनों में जिस तरह की घटनाएं बढ़ी हैं, उससे बेटा बचाओ का नारा देना पड़ेगा।
महामंडलेश्वर हरिद्वार से वृंदावन जाते समय कुछ समय के लिए रचित मेहता के आवास पर रुके। देश में पत्नी द्वारा पति की हत्या करने की बढ़ रही घटनाओं के बारे में उन्होंने कहा कि बहन-बेटियों के बारे में देश और सनातन को सोचना पड़ेगा। आज देश में पाश्चात संस्कृति का प्रभाव पड़ता जा रहा है।
इसके कारण देश में यह दोष बढ़ता जा रहा है। हर तीसरी शादी विवाद में है या फिर कोर्ट में है। आए दिन नई नई घटनाएं सामने आ रही हैं। एक बार पूरी सोसायटी को इस बारे में सोचना होगा कि इस दिशा में हम क्या कदम उठाएं।
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जिस प्रकार की घटनाएं हो रही हैं। इसको लेकर तो बेटी बचाओ के नहीं बेटा बचाओ के नारे की आवश्यकता पड़ गई है। पहले बेटियों को उच्च कुल के अनुरुप संस्कार और शिक्षा दी जाती थी। इस शिक्षा की ओर समाज को लौटना पड़ेगा।
इस्लाम के नाम पर विश्व में आतंक चल रहा है। आतंकवादी संगठन मानवता का नाश करने लगे हैं। आज विश्व को मिलकर इन सबका सफाया करना पड़ेगा। इस दौरान अनिल मेहता, डॉ. अरुण मेहता, मोहित, प्रणव, रवि ग्रोवर, राजकुमार छाबड़ा, सतीश नागपाल आदि मौजूद रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
खतौली। जूना अखाड़ा के पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर स्वामी यतीन्द्रानंद गिरि ने कहा कि माता ही देश की संस्कृति का निर्माण कर सकती हैं। आज माता घर से बाहर है, दफ्तरों में है। इस आधुनिक व्यवसायिक शिक्षा के साथ-साथ मौलिक धर्म की शिक्षा है और संस्कारों की शिक्षा है। कुछ दिनों में जिस तरह की घटनाएं बढ़ी हैं, उससे बेटा बचाओ का नारा देना पड़ेगा।
महामंडलेश्वर हरिद्वार से वृंदावन जाते समय कुछ समय के लिए रचित मेहता के आवास पर रुके। देश में पत्नी द्वारा पति की हत्या करने की बढ़ रही घटनाओं के बारे में उन्होंने कहा कि बहन-बेटियों के बारे में देश और सनातन को सोचना पड़ेगा। आज देश में पाश्चात संस्कृति का प्रभाव पड़ता जा रहा है।
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इसके कारण देश में यह दोष बढ़ता जा रहा है। हर तीसरी शादी विवाद में है या फिर कोर्ट में है। आए दिन नई नई घटनाएं सामने आ रही हैं। एक बार पूरी सोसायटी को इस बारे में सोचना होगा कि इस दिशा में हम क्या कदम उठाएं।
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जिस प्रकार की घटनाएं हो रही हैं। इसको लेकर तो बेटी बचाओ के नहीं बेटा बचाओ के नारे की आवश्यकता पड़ गई है। पहले बेटियों को उच्च कुल के अनुरुप संस्कार और शिक्षा दी जाती थी। इस शिक्षा की ओर समाज को लौटना पड़ेगा।
इस्लाम के नाम पर विश्व में आतंक चल रहा है। आतंकवादी संगठन मानवता का नाश करने लगे हैं। आज विश्व को मिलकर इन सबका सफाया करना पड़ेगा। इस दौरान अनिल मेहता, डॉ. अरुण मेहता, मोहित, प्रणव, रवि ग्रोवर, राजकुमार छाबड़ा, सतीश नागपाल आदि मौजूद रहे।