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Muzaffarnagar News: आस्था के पथ पर ढह गई धर्म की दीवार
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हाथ में ध्वज और गंगाजल लेकर रुड़की रोड से गुजरती हुई कांवड़िया अनीशा व तमन्ना स्रोत संवाद
मुजफ्फरनगर। कांवड़ यात्रा के बीच शुक्रवार को दिल्ली की रहने वाली अनीसा और संभल की तमन्ना की शिवभक्ति लोगों के आकर्षण का केंद्र बन गई। हरिद्वार से गंगाजल लेकर दोनों महिलाएं शिव चौक पहुंची। भगवान शिव की परिक्रमा कर अनीसा ने अपने बच्चों से मिलन की कामना की, जबकि तमन्ना ने अपनी सहेली का साथ निभाते हुए सामाजिक सौहार्द और आस्था का संदेश दिया।
अनीसा अपने जीवन के कठिन दौर से गुजर रही हैं। दो वर्ष पूर्व उनका अपने पति से तलाक हो चुका है। उनकी 13 वर्षीय बेटी और आठ वर्षीय बेटा पति के पास हैं। इसको लेकर विवाद चल रहा है। बच्चों को पाने की मनोकामना के लिए उन्होंने भगवान शिव का जलाभिषेक करने का संकल्प लेकर कांवड़ यात्रा शुरू की है। उनका विश्वास है कि भोलेनाथ की कृपा से उन्हें अपने बच्चों का सान्निध्य दोबारा मिलेगा।
इस कठिन यात्रा में उनकी सहेली तमन्ना हर कदम पर उनके साथ हैं। तमन्ना पिछले वर्ष भी कांवड़ यात्रा पर आई थीं। इस बार वह अपना कांवड़ का संकल्प पूरा करने के साथ-साथ अनीसा को न्याय मिलने और उनकी मनोकामना पूर्ण होने की प्रार्थना कर रही हैं। दोनों की यह यात्रा देखने के लिए शिव चौक शिव भक्त कांवड़ियों और राहगीरों की भीड़ लगी।
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सनातन धर्म में महिलाओं को सम्मान मिलता है : तमन्ना
संभल की रहने वाली तमन्ना ने कहा कि उन्हें सनातन संस्कृति और भगवान शिव में गहरी आस्था है। उनका कहना है कि सनातन धर्म में महिलाओं को सम्मान और अधिकार दिए जाते हैं। वह अपनी सहेली के साथ पूरी श्रद्धा से कांवड़ यात्रा कर रही हैं और भगवान शिव से प्रार्थना कर रही हैं कि उन्हें जल्द न्याय मिले और उनके बच्चे उन्हें वापस मिलें।
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भोलेनाथ की कृपा से मेरे बच्चे जरूर मिलेंगे : अनीसा
मूल रुप से राजस्थान की रहने वाली और वर्तमान में दिल्ली में रह रही अनीसा ने बताया कि वह फिलहाल दिल्ली में रह रही हैं। उनके दोनों बच्चे राजस्थान में अपने पिता के साथ हैं। उन्होंने कहा कि भगवान शिव पर उनकी आस्था लगातार बढ़ी है। पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ वह कांवड़ यात्रा कर रही हैं। उन्हें भरोसा है कि भोलेनाथ के आशीर्वाद से जल्द ही उन्हें अपने बच्चों का साथ मिलेगा।
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अनीसा अपने जीवन के कठिन दौर से गुजर रही हैं। दो वर्ष पूर्व उनका अपने पति से तलाक हो चुका है। उनकी 13 वर्षीय बेटी और आठ वर्षीय बेटा पति के पास हैं। इसको लेकर विवाद चल रहा है। बच्चों को पाने की मनोकामना के लिए उन्होंने भगवान शिव का जलाभिषेक करने का संकल्प लेकर कांवड़ यात्रा शुरू की है। उनका विश्वास है कि भोलेनाथ की कृपा से उन्हें अपने बच्चों का सान्निध्य दोबारा मिलेगा।
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इस कठिन यात्रा में उनकी सहेली तमन्ना हर कदम पर उनके साथ हैं। तमन्ना पिछले वर्ष भी कांवड़ यात्रा पर आई थीं। इस बार वह अपना कांवड़ का संकल्प पूरा करने के साथ-साथ अनीसा को न्याय मिलने और उनकी मनोकामना पूर्ण होने की प्रार्थना कर रही हैं। दोनों की यह यात्रा देखने के लिए शिव चौक शिव भक्त कांवड़ियों और राहगीरों की भीड़ लगी।
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सनातन धर्म में महिलाओं को सम्मान मिलता है : तमन्ना
संभल की रहने वाली तमन्ना ने कहा कि उन्हें सनातन संस्कृति और भगवान शिव में गहरी आस्था है। उनका कहना है कि सनातन धर्म में महिलाओं को सम्मान और अधिकार दिए जाते हैं। वह अपनी सहेली के साथ पूरी श्रद्धा से कांवड़ यात्रा कर रही हैं और भगवान शिव से प्रार्थना कर रही हैं कि उन्हें जल्द न्याय मिले और उनके बच्चे उन्हें वापस मिलें।
भोलेनाथ की कृपा से मेरे बच्चे जरूर मिलेंगे : अनीसा
मूल रुप से राजस्थान की रहने वाली और वर्तमान में दिल्ली में रह रही अनीसा ने बताया कि वह फिलहाल दिल्ली में रह रही हैं। उनके दोनों बच्चे राजस्थान में अपने पिता के साथ हैं। उन्होंने कहा कि भगवान शिव पर उनकी आस्था लगातार बढ़ी है। पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ वह कांवड़ यात्रा कर रही हैं। उन्हें भरोसा है कि भोलेनाथ के आशीर्वाद से जल्द ही उन्हें अपने बच्चों का साथ मिलेगा।