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Muzaffarnagar News: विकास को मिले 60 करोड़ खर्च करने की मियाद बढ़ी
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संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। शहरी विकास के लिए 15वें वित्त आयोग से प्राप्त हुआ रुपया अब लैप्स नहीं होगा। शासन ने प्राप्त धनराशि खर्च करने की मियाद 31 मार्च 2026 तक बढ़ा दी है। शासन से मिले 60 करोड़ रुपये में से 42 करोड़ के प्रस्ताव तैयार कर दिये गए थे, लेकिन बचे हुए 18 करोड़ रुपये के सापेक्ष विकास कार्य कराया जा सकेगा।
शहरी क्षेत्र में विकास कार्यों के लिए 15वें वित्त आयोग के अन्तर्गत निकायों को धनराशि अवमुक्त की जाती है। इसके लिए वित्तीय वर्ष 2024-25 में नगरपालिका मुजफ्फरनगर को करीब 60 करोड़ रुपये टाइड और अनटाइड ग्रांट के रूप में अवमुक्त किए गए। यह धनराशि पालिका को मार्च 2025 तक खर्च करनी थी, इसके लिए करीब 42 करोड़ रुपये की लागत से विकास कार्यों के कई प्रमुख प्रस्ताव डीएम की अध्यक्षता वाली कमेटी से स्वीकृत किये जा चुके हैं, लेकिन इनमें से वहलना चौक सुंदरीकरण, सरकुलर रोड साइड पटरी और रैलिंग निर्माण कार्य वाले प्रस्तावों के टेंडर शिकायत के बाद गड़बड़ी साबित होने पर निरस्त हो गए। वित्तीय वर्ष के अंत तक पूरी ग्रांट के प्रस्ताव स्वीकृत नहीं हो पाए, जिसे देखते हुए शासन ने अब 15वें वित्त में जारी ग्रांट की उपयोगिता के लिए नई समयावधि तय कर दी। ईओ पालिका डॉ. प्रज्ञा सिंह ने बताया कि नगरीय निकाय निदेशालय की ओर से जारी आदेशों में इस ग्रांट को अब 31 मार्च 2026 तक खर्च करने की अनुमति प्रदान की गई है। ऐसे में पालिका प्रशासन द्वारा अब शेष धनराशि के सापेक्ष प्रस्ताव तैयार किये जाएंगे।
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मुजफ्फरनगर। शहरी विकास के लिए 15वें वित्त आयोग से प्राप्त हुआ रुपया अब लैप्स नहीं होगा। शासन ने प्राप्त धनराशि खर्च करने की मियाद 31 मार्च 2026 तक बढ़ा दी है। शासन से मिले 60 करोड़ रुपये में से 42 करोड़ के प्रस्ताव तैयार कर दिये गए थे, लेकिन बचे हुए 18 करोड़ रुपये के सापेक्ष विकास कार्य कराया जा सकेगा।
शहरी क्षेत्र में विकास कार्यों के लिए 15वें वित्त आयोग के अन्तर्गत निकायों को धनराशि अवमुक्त की जाती है। इसके लिए वित्तीय वर्ष 2024-25 में नगरपालिका मुजफ्फरनगर को करीब 60 करोड़ रुपये टाइड और अनटाइड ग्रांट के रूप में अवमुक्त किए गए। यह धनराशि पालिका को मार्च 2025 तक खर्च करनी थी, इसके लिए करीब 42 करोड़ रुपये की लागत से विकास कार्यों के कई प्रमुख प्रस्ताव डीएम की अध्यक्षता वाली कमेटी से स्वीकृत किये जा चुके हैं, लेकिन इनमें से वहलना चौक सुंदरीकरण, सरकुलर रोड साइड पटरी और रैलिंग निर्माण कार्य वाले प्रस्तावों के टेंडर शिकायत के बाद गड़बड़ी साबित होने पर निरस्त हो गए। वित्तीय वर्ष के अंत तक पूरी ग्रांट के प्रस्ताव स्वीकृत नहीं हो पाए, जिसे देखते हुए शासन ने अब 15वें वित्त में जारी ग्रांट की उपयोगिता के लिए नई समयावधि तय कर दी। ईओ पालिका डॉ. प्रज्ञा सिंह ने बताया कि नगरीय निकाय निदेशालय की ओर से जारी आदेशों में इस ग्रांट को अब 31 मार्च 2026 तक खर्च करने की अनुमति प्रदान की गई है। ऐसे में पालिका प्रशासन द्वारा अब शेष धनराशि के सापेक्ष प्रस्ताव तैयार किये जाएंगे।
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