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Muzaffarnagar News: नोटिस देते ही खुल गई सफाई कर्मचारियों की हड़ताल
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मुजफ्फरनगर। दो माह के वेतन की मांग को लेकर चल रही कर्मचारियों की हड़ताल कंपनी को नोटिस जारी करते ही समाप्त हो गई। पांच दिन बाद कंपनी कर्मचारी वार्डों मेंं गाड़ियां लेकर पहुंचे और कूड़ा कलेक्शन किया। हड़ताल खुलने के बाद गाड़ियों को तीन राउंड के लिए लगाया गया ताकी अधिक से अधिक कूड़ा एकत्र हो सके। बावजूद कई स्थानों पर कूड़ा बिखरा पाया गया।
शहर में कूड़ा कलेक्शन का काम कर रही कंपनी कर्मचारियों ने दो माह के वेतन की मांग करते हुए हड़ताल कर दी थी। पांच दिन लगातार हड़ताल रही। जिस कारण घरों से कूड़ा एकत्र नहीं हो सका। जिस कारण गली-मोहल्लों में कूड़े के ढेर लगना शुरू हो गए थे। गंदगी के कारण लोगों का बुरा हाल था। कंपनी कर्मचारियों ने बड़े वाहन भी रोक दिए थे।
नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अतुल कुमार ने कूड़ा कलेक्शन में जुटी कंपनी प्रबंधक को नोटिस जारी कर हड़ताल समाप्त कराने के कहा था। अन्यथा की स्थिति में अनुबंध की शर्तों के अनुसार कंपनी के विरुद्ध ही कार्रवाई की चेतावनी दी गई थी। जिसके बाद रविवार सुबह से कंपनी कर्मचारी हड़ताल समाप्त कर काम पर लौट आए। कंपनी एमआइटूसी परियोजना प्रबंधक का अतिरिक्त चार्ज संभाल रहे सेकेंड्री जोन के इंचार्ज कुलदीप सिंह ने डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए वाहनों को निकलवाया। हड़ताल कर रहे कर्मचारियों से वार्ता करते हुए उनको समझाया कि मंगलवार को उनका अक्तूबर माह का वेतन दे दिया जाएगा।
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तय हुआ कि 15 दिसंबर तक नवम्बर माह का वेतन और सितंबर तक के पीएफ का भुगतान भी 25 दिसम्बर तक करा दिया जाएगा। इस आश्वासन पर भी कर्मचारी काम पर लौटने को तैयार नहीं हुए तो सेकेंड्री जोन में कार्यरत चालकों और सुपरवाइजरों को बुलाकर उनको छोटी गाड़ियों के साथ वार्डों में निकालना शुरू कर दिया तो दूसरे कर्मचारी भी हड़ताल छोड़कर काम पर लौटने लगे। कुलदीप सिंह ने बताया कि रविवार को सवेरे 73 में से 44 टिपर वाहनों को वार्डों में निकलवाया गया है। सोमवार को सभी वाहन काम पर आ जाएंगे। चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप के आदेश पर वार्डों में एक गाड़ी के तीन राउंड कराए गए। ताकि पांच दिनों की हड़ताल के कारण घरों में जमा कूड़ा ज्यादा से ज्यादा निकाला जा सके। आशा है कि सोमवार से कार्य नियमित हो जाएगा।
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शहर में कूड़ा कलेक्शन का काम कर रही कंपनी कर्मचारियों ने दो माह के वेतन की मांग करते हुए हड़ताल कर दी थी। पांच दिन लगातार हड़ताल रही। जिस कारण घरों से कूड़ा एकत्र नहीं हो सका। जिस कारण गली-मोहल्लों में कूड़े के ढेर लगना शुरू हो गए थे। गंदगी के कारण लोगों का बुरा हाल था। कंपनी कर्मचारियों ने बड़े वाहन भी रोक दिए थे।
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नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अतुल कुमार ने कूड़ा कलेक्शन में जुटी कंपनी प्रबंधक को नोटिस जारी कर हड़ताल समाप्त कराने के कहा था। अन्यथा की स्थिति में अनुबंध की शर्तों के अनुसार कंपनी के विरुद्ध ही कार्रवाई की चेतावनी दी गई थी। जिसके बाद रविवार सुबह से कंपनी कर्मचारी हड़ताल समाप्त कर काम पर लौट आए। कंपनी एमआइटूसी परियोजना प्रबंधक का अतिरिक्त चार्ज संभाल रहे सेकेंड्री जोन के इंचार्ज कुलदीप सिंह ने डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए वाहनों को निकलवाया। हड़ताल कर रहे कर्मचारियों से वार्ता करते हुए उनको समझाया कि मंगलवार को उनका अक्तूबर माह का वेतन दे दिया जाएगा।
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तय हुआ कि 15 दिसंबर तक नवम्बर माह का वेतन और सितंबर तक के पीएफ का भुगतान भी 25 दिसम्बर तक करा दिया जाएगा। इस आश्वासन पर भी कर्मचारी काम पर लौटने को तैयार नहीं हुए तो सेकेंड्री जोन में कार्यरत चालकों और सुपरवाइजरों को बुलाकर उनको छोटी गाड़ियों के साथ वार्डों में निकालना शुरू कर दिया तो दूसरे कर्मचारी भी हड़ताल छोड़कर काम पर लौटने लगे। कुलदीप सिंह ने बताया कि रविवार को सवेरे 73 में से 44 टिपर वाहनों को वार्डों में निकलवाया गया है। सोमवार को सभी वाहन काम पर आ जाएंगे। चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप के आदेश पर वार्डों में एक गाड़ी के तीन राउंड कराए गए। ताकि पांच दिनों की हड़ताल के कारण घरों में जमा कूड़ा ज्यादा से ज्यादा निकाला जा सके। आशा है कि सोमवार से कार्य नियमित हो जाएगा।