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Khatauli Election Result: जाट क्षत्रपों का सियासी कद तय करेगा परिणाम, रालोद प्रत्याशी ने बनाई बढ़त
Wed, 07 Dec 2022 11:58 PM IST
मेरठ ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
Published by: मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 07 Dec 2022 11:58 PM IST
सार
पश्चिम यूपी के जाट क्षत्रपों के सियासी कद का इम्तिहान भी खतौली उप चुनाव में होगा। यहां का परिणाम बिरादरी में उनकी पकड़ तय करेगा। दसवें राउंड के बाद रालोद प्रत्याशी 9927 वोट से आगे चल रहा है।
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रालोद-सपा प्रत्याशी मदन भैया
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मुजफ्फरनगर में भाजपा की प्रतिष्ठा से जुड़े खतौली उप चुनाव का नतीजा पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति की दिशा तय करेगा। मुकाबला भाजपा प्रत्याशी राजकुमारी सैनी और गठबंधन प्रत्याशी मदन भैया के बीच है। लेकिन पश्चिम यूपी के जाट क्षत्रपों के सियासी कद का इम्तिहान भी खतौली उप चुनाव में होगा। यहां का परिणाम बिरादरी में उनकी पकड़ तय करेगा। 9वें राउंड में त्यागी बहुल नावला, खेड़ी तगान में गठबंधन प्रत्याशी मदन भैया को बढ़त मिली है। इस राउंड की बात करें तो रालोद प्रत्याशी को 3561 वोट मिले हैं, जबकि भाजपा प्रत्याशी राजकुमारी को 2722 वोट मिले हैं। इस राउंड में रालोद प्रत्याशी को 839 वोटों की बढ़त मिली हैं। वहीं अब तक की गिनती की कुल वोटों की बात करें तो रालोद प्रत्याशी 8534 वोट से आगे है। दसवें राउंड के बाद रालोद 9927 वोट से आगे चल रहा है।
भाजपा के लिए चुनाव प्रचार में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बाद उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी, क्षेत्रीय अध्यक्ष मोहित बेनीवाल, केंद्रीय मंत्री डॉ. संजीव बालियान, कौशल विकास राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल सहित अन्य नेताओं ने प्रत्याशी राजकुमारी सैनी के लिए प्रचार किया।
यह भी पढ़ें: Khatauli By Election Results Live: खतौली में नौवें राउंड की गिनती पूरी, RLD की रफ्तार और तेज, अब BJP बहुत पीछे
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खतौली विधानासभा केंद्रीय मंत्री डॉ. संजीव बालियान के संसदीय क्षेत्र में आता है। उन्होंने यहां से भाजपा विधायक रहे विक्त्रस्म सैनी की सदस्यता निरस्त होने के बाद हो रहे उप चुनाव को अपना कहकर लड़ा है। प्रचार के लिए वे गांव दर गांव गए, ऐसे में उनके लिए भी यह प्रतिष्ठा का चुनाव है। क्षेत्रीय अध्यक्ष मोहित बेनीवाल के लिए भी चुनाव परीक्षा की तरह है।
सपा-रालोद और आसपास गठबंधन की बात करें तो विक्त्रस्म सैनी की सदस्यता जाने से लेकर और चुनाव प्रचार तक के केंद्र में रालोद अध्यक्ष जयंत सिंह रहे। उन्होंने भी गांव-गांव जाकर प्रचार किया। अब फैसले की घड़ी आ गई है। बृहस्पतिवार को आने वाला उपचुनाव का परिणाम जाट क्षत्रपों के कद और ?पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति की दिशा तय करेगा।
हाथी नहीं चला तो दलितों को कितने भाए चंद्रशेखर
उप चुनाव से बसपा दूर रही है, ऐसे हालात में आसपा अध्यक्ष चंद्रशेखर गठबंधन के पाले में पहुंचे। सवाल यह है कि वह दलित मतदाताओं को कितना समर्थन ले पाए, यह आज तय होगा।
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भाजपा के लिए चुनाव प्रचार में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बाद उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी, क्षेत्रीय अध्यक्ष मोहित बेनीवाल, केंद्रीय मंत्री डॉ. संजीव बालियान, कौशल विकास राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल सहित अन्य नेताओं ने प्रत्याशी राजकुमारी सैनी के लिए प्रचार किया।
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खतौली विधानासभा केंद्रीय मंत्री डॉ. संजीव बालियान के संसदीय क्षेत्र में आता है। उन्होंने यहां से भाजपा विधायक रहे विक्त्रस्म सैनी की सदस्यता निरस्त होने के बाद हो रहे उप चुनाव को अपना कहकर लड़ा है। प्रचार के लिए वे गांव दर गांव गए, ऐसे में उनके लिए भी यह प्रतिष्ठा का चुनाव है। क्षेत्रीय अध्यक्ष मोहित बेनीवाल के लिए भी चुनाव परीक्षा की तरह है।
सपा-रालोद और आसपास गठबंधन की बात करें तो विक्त्रस्म सैनी की सदस्यता जाने से लेकर और चुनाव प्रचार तक के केंद्र में रालोद अध्यक्ष जयंत सिंह रहे। उन्होंने भी गांव-गांव जाकर प्रचार किया। अब फैसले की घड़ी आ गई है। बृहस्पतिवार को आने वाला उपचुनाव का परिणाम जाट क्षत्रपों के कद और ?पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति की दिशा तय करेगा।
हाथी नहीं चला तो दलितों को कितने भाए चंद्रशेखर
उप चुनाव से बसपा दूर रही है, ऐसे हालात में आसपा अध्यक्ष चंद्रशेखर गठबंधन के पाले में पहुंचे। सवाल यह है कि वह दलित मतदाताओं को कितना समर्थन ले पाए, यह आज तय होगा।