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दंगे के बाद बदल गए सियासी हालात

Sun, 15 Jan 2017 12:05 AM IST
ब्यूराो /अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
ब्यूराो /अमर उजाला, मुजफ्फरनगर Updated Sun, 15 Jan 2017 12:05 AM IST
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The political situation changed after riots
चुनाव - फोटो : file
मुजफ्फरनगर। वर्ष 2013 के सांप्रदायिक दंगे का सर्वाधिक असर बुढ़ाना विधानसभा पर ही रहा। दंगे के बाद से यहां के सियासी हालात बदल गए हैं। 2012 के परिसीमन में कांधला और खतौली सीट के गांव काटकर बुढ़ाना विधानसभा बनी थी। पहली बार सपा के नवाजिश आलम ने सीट पर जीत दर्ज कराई। दंगे से बदले समीकरण के बाद विधायक भी सपा छोड़कर बसपा में चले गए। 
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जिले का बुढ़ाना इलाका वर्ष 2013 के सांप्रदायिक दंगों की चपेट में आया था, यहां सर्वाधिक जानमाल का नुकसान हुआ था। खासकर मुसलिम और जाट बिरादरी के बीच पैदा हुई खाई अभी तक नहीं भरी है। लोग एक-दूसरे के साथ बैठने से कतराते हैं। दंगे के बाद से जो लोग घरों को छोड़कर चले गए, वह भी अभी तक नहीं लौटे हैं।
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दंगे के बाद इस सीट पर यह पहला चुनाव होने जा रहा है। इसी कारण सीट को अतिसंवेदनशील की श्रेणी में रखा गया है। क्षेत्र की मूलभूत समस्याएं ज्यों की त्यों हैं। सपा के विधायक नवाजिश आलम अब बसपा में चले गए हैं। बसपा ने मीरापुर से अपना प्रत्याशी बना रखा है। फिलहाल यहां बसपा ने पूर्व सांसद
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कादिर राना की पत्नी सैय्यदा बेगम को अपना प्रत्याशी घोषित कर रखा है। 

कांधला और खतौली से काटकर बनाए गए बुढ़ाना विधानसभा क्षेत्र में समस्याओं की लंबी फेहरिस्त है। क्षेत्र के लोग तकनीकी शिक्षा, चिकित्सा सुविधा, लिंक मार्गों की खस्ता हालत और बिजली की समस्याओं का रोना रोते हैं। लोग पिछले दो दशक से कस्बे में फायर स्टेशन की मांग करते आ रहे हैं। 
लिंक मार्गों की हालत खस्ता

बुढ़ाना क्षेत्र से जुड़े सभी गांवों के लिंक मार्गों की हालत बेहद खस्ता है। आम लोगों को जर्जर सड़कों और लिंक मार्गों से सफर करने में भारी मुसीबतों का सामना करना पड़ता है। बुढ़ाना-कांधला मार्ग से जुड़े परासौली-बिराल लिंक मार्ग पिछले दो दशक से गड्ढों में तब्दील हो चुका है। खेड़ा मस्तान से डूंगर लिंक मार्ग, जौला से कुरालसी लिंक मार्ग, बुढ़ाना से वाया मौहम्मदपुर सिसौली लिंक मार्ग सहित कई कई मार्ग गड्ढों में तब्दील हो चुके हैं। 

क्या कहते हैं लोग ः ग्राम विकास संस्था फुगाना के महासचिव एवं सेवानिवृत्त जिला वन अधिकारी ओमप्रकाश मलिक का कहना है कि डार्कजोन होने के कारण क्षेत्र में पानी की गंभीर समस्या है। चौगामा नहर में नियमित पानी आना चाहिए। 

ग्राम प्रधान संगठन के पूर्व अध्यक्ष एवं वर्तमान प्रधान चरण सिंह कुरावा का कहना है कि गर्मी के दिनों में इस क्षेत्र के लिए डबल ग्रुप सप्लाई की आवश्यकता है। सेवानिवृत्त अपर जिला कृषि अधिकारी रामनिवास सहरावत का कहना है कि यह क्षेत्र कृषि प्रधान है। इस क्षेत्र में बिजली, पानी और उच्च शिक्षा की गंभीर समस्या है। क्षेत्र के विधायकों को इन समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए। जिला पंचायत सदस्य रामनाथ सिंह का कहना है कि विधायक क्षेत्र          का हो, बिरादरी से ऊपर उठकर कार्य करे। 

शिक्षा और रोजगार में पिछड़े
कस्बा और देहात क्षेत्र में तकनीकी अथवा अन्य रोजगारपरक शिक्षा के कॉलेज नहीं हैं। इस क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को उच्च एवं तकनीकी शिक्षा के लिए दूसरे शहरों का रुख करना पड़ता है। दूसरे जनपदों में शिक्षा प्राप्त करना सुरक्षा तथा आर्थिक स्थिति के लिए देहात के लोगों के लिए मुश्किल और महंगा है। चुनाव के दौरान हर कोई प्रतिनिधि क्षेत्र की शिक्षा के लिए लड़कियों के डिग्री कॉलेज और अन्य तकनीकी कॉलेज खुलवाने के वादे करते हैं, लेकिन चुनाव जीतने के बाद यह सारे वादे हवा हवाई साबित जाते हैं।

बिजली आपूर्ति का संकट
बुढ़ाना तहसील मुख्यालय है। यहां शासन की ओर से 16 से 18 घंटे रोजाना विद्युत आपूर्ति के आदेश हैं, लेकिन इस क्षेत्र का दुर्भाग्य है कि तहसील मुख्यालय होने के बाद भी 10-12 घंटे से अधिक आपूर्ति नहीं मिलती। क्षेत्र के पिछड़ेपन का यह भी बड़ा कारण है। यहां के कुटीर उद्योग-धंधे दम तोड़ चुके हैं। विद्युत आपूर्ति को लेकर लोग कई बार प्रदर्शन कर चुके हैं, लेकिन समस्या का कोई हल नहीं निकलता। इस समस्या का समाधान होना अति आवश्यक है। गर्मी के दिनों में कस्बा एवं देहात में डबल ग्रुप सप्लाई की आवश्यकता है। 


देहात को मिले स्वास्थ्य सेवाएं
अधिकतर गांवों में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र तक नहीं हैं। एएनएम के सेंटर भी ठप पड़े रहते हैं। छोटी-छोटी बीमारियों में भी देहात के लोगों को कस्बे एवं शहर की ओर दौड़ना पड़ता है। गंभीर बीमारियों के लिए मुजफ्फरनगर या मेरठ की ओर जाना पड़ता है। यह एक गंभीर समस्या है। इसके लिए लोग लंबे समय से प्रयासरत हैं, लेकिन समस्या का कोई समाधान नहीं होता।

वोटों के आंकड़े 
कुल मतदाता    3,58,693
पुरुष वोटर      1,96,172
महिला वोटर    1,62,513
थर्ड जेंडर        8

विधानसभा के प्रमुख क्षेत्र
बुढ़ाना, जौला, बिटावदा, इटावा, फुगाना, खरड़, सिसौली, शाहपुर, खेड़ा मस्तान, करौंदा महाजन, डूंगर सरनावली, बिराल, राजपुर-छाजपुर आदि।
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