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अनपढ़ मां ने बढ़ाई हिम्मत तो शिक्षक बन गए बेटे
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भोपा। भोपा निवासी मुन्नी ने पति की मौत के बाद हौसला नहीं हारा। बच्चों की उच्च शिक्षा पर ध्यान दिया। तीनों बेटों को दिन रात मेहनत कर खूब पढ़ाया। दो बेटे शिक्षक तो तीसरा बेटा एसएचओ बन गया।
भोपा निवासी मुन्नी बताती हैं कि उनके पति जोगराज उत्तर प्रदेश पुलिस में कांस्टेबल के पद पर थे। लगभग 15 वर्ष पूर्व उनकी बीमारी के चलते मौत हो गई थी। पति की मौत के सदमे से वह बीमार रहने लगी। लेकिन मन में एक ही बात थी की अपने पांचों बच्चों को लिखा पढ़ा कर कामयाब बना सकूं। अनपढ़ होने के बाद भी मुन्नी देवी ने अपनी दोनों बेटी ममता व गीता को उच्च शिक्षा दिलाई। बड़ा बेटा कुलदीप सिंह उत्तर प्रदेश पुलिस में संभल जिले में इंस्पेक्टर हैं। दूसरा बेटा पंकज कुमार भोपा के यूसुफपुर प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक हैं तो सबसे छोटा बेटा मनवीर सिंह भी शिक्षक है, जिनकी तैनाती पुरकाजी विकासखंड क्षेत्र के विद्यालय में हैं। शिक्षक मनवीर सिंह, पंकज कुमार ने बताया कि वह मूल रूप से बुढ़ाना क्षेत्र के गांव रायपुर अटेरना निवासी है। काफी समय तक वह जनपद अमरोहा में रहे और अब पिछले कई वर्षों से भोपा में रह रहे हैं। तीनों भाइयों का कहना है कि पिता की मौत के बाद मां ने जो मेहनत की है उसको वह शब्दों में बयां नहीं कर सकते हैं।
जो भी हैं हम मां के दम पर
थाना क्षेत्र के गांव अथाई निवासी मोंटी उत्तर प्रदेश पुलिस में कांस्टेबल है। उसका कहना है कि पिता की मौत के बाद अनपढ़ होने के बाद भी मां धर्मवीरी ने मेहनत मजदूरी कर उसे इस मुकाम पर पहुंचाया। आज वह जो भी है अपनी मां की बदौलत है।
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गांव जौली निवासी भारत वीर मुंबई में रेलवे सुरक्षा बल में तैनात है। भारत वीर का कहना है की मां संतरी की कड़ी मेहनत से वह सरकारी नौकरी पर हैं।
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भोपा निवासी मुन्नी बताती हैं कि उनके पति जोगराज उत्तर प्रदेश पुलिस में कांस्टेबल के पद पर थे। लगभग 15 वर्ष पूर्व उनकी बीमारी के चलते मौत हो गई थी। पति की मौत के सदमे से वह बीमार रहने लगी। लेकिन मन में एक ही बात थी की अपने पांचों बच्चों को लिखा पढ़ा कर कामयाब बना सकूं। अनपढ़ होने के बाद भी मुन्नी देवी ने अपनी दोनों बेटी ममता व गीता को उच्च शिक्षा दिलाई। बड़ा बेटा कुलदीप सिंह उत्तर प्रदेश पुलिस में संभल जिले में इंस्पेक्टर हैं। दूसरा बेटा पंकज कुमार भोपा के यूसुफपुर प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक हैं तो सबसे छोटा बेटा मनवीर सिंह भी शिक्षक है, जिनकी तैनाती पुरकाजी विकासखंड क्षेत्र के विद्यालय में हैं। शिक्षक मनवीर सिंह, पंकज कुमार ने बताया कि वह मूल रूप से बुढ़ाना क्षेत्र के गांव रायपुर अटेरना निवासी है। काफी समय तक वह जनपद अमरोहा में रहे और अब पिछले कई वर्षों से भोपा में रह रहे हैं। तीनों भाइयों का कहना है कि पिता की मौत के बाद मां ने जो मेहनत की है उसको वह शब्दों में बयां नहीं कर सकते हैं।
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जो भी हैं हम मां के दम पर
थाना क्षेत्र के गांव अथाई निवासी मोंटी उत्तर प्रदेश पुलिस में कांस्टेबल है। उसका कहना है कि पिता की मौत के बाद अनपढ़ होने के बाद भी मां धर्मवीरी ने मेहनत मजदूरी कर उसे इस मुकाम पर पहुंचाया। आज वह जो भी है अपनी मां की बदौलत है।
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गांव जौली निवासी भारत वीर मुंबई में रेलवे सुरक्षा बल में तैनात है। भारत वीर का कहना है की मां संतरी की कड़ी मेहनत से वह सरकारी नौकरी पर हैं।