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2013 में हुए बवाल की सीबीआई से जांच कराए सरकार
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देवबंद। बजरंग दल के प्रांत संयोजक विकास त्यागी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को दोबारा पत्र लिखकर देवबंद में अप्रैल 2013 में फल विक्रेता की मौत के बाद हुए बवाल की सीबीआई जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
विकास त्यागी ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में बताया कि अप्रैल 2013 में फल विक्रेता की हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। इस दौरान मुस्लिम दंगाइयों द्वारा किए गए बवाल में न सिर्फ पुलिस अधिकारियों से मारपीट की गई, बल्कि हमले में घायल तत्कालीन एसपी देहात डॉ. अनिल मिश्रा के गनर से एके-47 राइफल लूट ली गई। दंगाइयों ने कई सरकारी और प्राइवेट वाहनों में आग लगाकर उन्हें नष्ट कर दिया। पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में भी आगजनी की गई थी। उस वक्त पुलिस ने मामला पंजीकृत करते हुए दोषियों की गिरफ्तारी को कार्रवाई आरंभ की थी, लेकिन तत्कालीन सपा सरकार ने दोषियों को बचाते हुए पुलिस कार्रवाई न करने के निर्देश लखनऊ से जारी कर दिए थे। जिसके बाद उक्त प्रकरण ठंडे बस्ते में चला गया, लेकिन भाजपा सरकार बनने के बाद उनके द्वारा मामला उठाए जाने से शासन ने उक्त प्रकरण को एसटीएफ के हवाले कर दिया गया था। एसटीएफ को भी कोई खास सफलता नहीं मिल सकी। जिसके बाद यह प्रकरण फिर से ठंडे बस्ते चला गया। विकास त्यागी ने मुख्यमंत्री से उक्त प्रकरण को सीबीआई के हवाले किए जाने की मांग की है। उन्होंने मांग रखी कि इस प्रकरण में जो भी लोग दोषी है उन सब पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत कार्यवाई की जाए। पत्र की प्रतिलिपि पुलिस महानिदेशक मुकुल गोयल, एसएसपी आकाश तोमर को भी भेजी गई। इनके साथ में पूर्व राज्यपाल रामनाइक को भेेजे गए पत्र भी संलग्न किए गए हैं।
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विकास त्यागी ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में बताया कि अप्रैल 2013 में फल विक्रेता की हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। इस दौरान मुस्लिम दंगाइयों द्वारा किए गए बवाल में न सिर्फ पुलिस अधिकारियों से मारपीट की गई, बल्कि हमले में घायल तत्कालीन एसपी देहात डॉ. अनिल मिश्रा के गनर से एके-47 राइफल लूट ली गई। दंगाइयों ने कई सरकारी और प्राइवेट वाहनों में आग लगाकर उन्हें नष्ट कर दिया। पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में भी आगजनी की गई थी। उस वक्त पुलिस ने मामला पंजीकृत करते हुए दोषियों की गिरफ्तारी को कार्रवाई आरंभ की थी, लेकिन तत्कालीन सपा सरकार ने दोषियों को बचाते हुए पुलिस कार्रवाई न करने के निर्देश लखनऊ से जारी कर दिए थे। जिसके बाद उक्त प्रकरण ठंडे बस्ते में चला गया, लेकिन भाजपा सरकार बनने के बाद उनके द्वारा मामला उठाए जाने से शासन ने उक्त प्रकरण को एसटीएफ के हवाले कर दिया गया था। एसटीएफ को भी कोई खास सफलता नहीं मिल सकी। जिसके बाद यह प्रकरण फिर से ठंडे बस्ते चला गया। विकास त्यागी ने मुख्यमंत्री से उक्त प्रकरण को सीबीआई के हवाले किए जाने की मांग की है। उन्होंने मांग रखी कि इस प्रकरण में जो भी लोग दोषी है उन सब पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत कार्यवाई की जाए। पत्र की प्रतिलिपि पुलिस महानिदेशक मुकुल गोयल, एसएसपी आकाश तोमर को भी भेजी गई। इनके साथ में पूर्व राज्यपाल रामनाइक को भेेजे गए पत्र भी संलग्न किए गए हैं।
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