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कोरोना का अजाब, पूरा हुआ सदभावना का ख्वाब

Sun, 22 Mar 2020 11:33 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 22 Mar 2020 11:33 PM IST
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The glory of Corona, dream of goodwill fulfilled
मीरापुर में जनता कर्फ्यू के दौरान सूने पडे बाजार। - फोटो : MUZAFFARNAGAR
कोरोना का अजाब, पूरा हुआ सद्भावना का ख्वाब
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मुजफ्फरनगर। करीब साढ़े छह साल बाद लोगों ने फिर कर्फ्यू का सामना किया, लेकिन इस पाबंदी में मजबूरी नहीं बल्कि मजबूती थी। कोरोना के अजाब (संकट) के खिलाफ प्रधानमंत्री की एक आवाज पर हर व्यक्ति डटकर खड़ा हुआ। धर्म, जाति और ऊंच-नीच की दीवार को तोड़ जन-जन ने सहयोग देकर आपसी सद्भावना का संदेश दिया और जता दिया कि देश पर आने वाली किसी भी आफत से निपटने के लिए सब एकजुट हैं।

वर्ष 2013 में दंगे का दंश झेलने वाले मुजफ्फरनगरवासियों ने कर्फ्यू का सामना किया था। उस समय दिलों में मजहब की दूरियां थीं। लोग एक-दूसरे को फूटी आंखों नहीं सुहा रहे थे। करीब एक सप्ताह तक शहर से लेकर गांव तक लोगों को घरों में कैद कर दिया गया था, लेकिन अब हालात जुदा थे। कर्फ्यू अब भी था, लेकिन यह मजबूरी का नहीं बल्कि मजबूती का था। न केवल वायरस के खिलाफ लोगों ने लड़ाई लड़ी, बल्कि आपसी सौहार्द और सद्भावना की मिसाल पेश की। कोरोना के खौफ से ही सही, लेकिन दिलों की दूरियां दूर होती दिखी। प्रधानमंत्री की आवाज पर हर वर्ग और जाति-धर्म के व्यक्ति ने जनता कर्फ्यू में पूरा सहयोग दिया। दुकानें चाहे अल्पसंख्यक वर्ग की रही या बहुसंख्यकों की, सभी ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। नौकरीपेशा से लेकर मजदूर, रिक्शा चालक, ठेले एवं खोमचे वालों का भी सहयोग कम नहीं रहा। आर्थिक और सामाजिक मजबूरियों को दरकिनार करते हुए हर व्यक्ति ने समाज और देश के प्रति अपनी जिम्मेदारी को निभाया। शहर की पॉश कॉलोनियों में जितना सन्नाटा था, उतना ही सुकून मलिन बस्तियों और घनी आबादी वाले इलाकों में दिखा। कहीं न कोई दुकान खुली और न ही चाय और पान-बीड़ी के खोखे और ठेले नजर आए। लोगों ने आर्थिक नुकसान झेलकर भी कोरोना के खिलाफ मजबूत लड़ाई का आगाज किया।
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इन्होंने कहा...
- देश को कोरोना से बचाने के लिए यह बहुत अच्छा कदम है। जनमानस हर लड़ाई के प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के साथ खड़ा है।
- हेमंत, कच्ची सड़क।
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- जनता कर्फ्यू में सबने सहयोग किया है। लोगों ने दिखा दिया कि कोई भी संकट देशवासियों को कमजोर नहीं कर सकता।
- सुनील, कच्ची सड़क।
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- कोरोना का वायरस सभी के सहयोग से हारेगा। इसलिए सभी एकजुट हुए हैं और यह बहुत अच्छी बात है।
- ललिता, गृहिणी।
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- कोरोना से लड़ने के लिए हम एक दिन नहीं, बल्कि एक सप्ताह के भी लॉकडाउन के लिए तैयार हैं। हर नागरिक को सरकार का साथ देना चाहिए।
- महेश सैनी, व्यापारी।
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- जनता कर्फ्यू सरकार का बहुत अच्छा कदम है। सबने मिलजुलकर इसमें साथ दिया। संयुक्त प्रयासों से ही वायरस को हराया जा सकता है।
- मोहम्मद अमजद, खालापार।
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- यह हर व्यक्ति का संकट है। इसलिए सबने मिलजुलकर इसके खिलाफ जनता कर्फ्यू को सफल बनाया है। कहीं कोई दुकान नहीं खुली।
- मोहम्मद आदिल, खालापार।
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- कोरोना को लेकर हर कोई फिक्रमंद है। लोग तन-मन-धन से सहयोग को तैयार हैं। घरों में रहकर इस वायरस के खात्मे की दुआ मांग रहे हैं।
- हकीम रब्बानी, खालापार।

चरथावल में रोहाना मार्ग पर सन्नाटा एवं दुकानें बंद

चरथावल में रोहाना मार्ग पर सन्नाटा एवं दुकानें बंद- फोटो : MUZAFFARNAGAR

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