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Muzaffarnagar News: मुजफ्फरनगर - शिक्षिका पर बढ़ाई आपत्तिजनक टिप्पणी की धारा

Wed, 01 Nov 2023 12:55 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर Updated Wed, 01 Nov 2023 12:55 AM IST
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The flow of objectionable comments on the teacher increased
- मंसूरपुर के गांव खुब्बापुर में छात्र की थप्पड़ लगवाने का मामला
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संवाद न्यूज एजेंसी

मुजफ्फरनगर। मंसूरपुर के गांव खुब्बापुर में छात्र की थप्पड़ लगवाने के मामले में पुलिस ने धारा 295 ए को बढ़ाया है। जिला पुलिस ने शासन से चार्जशीट लगाने की अनुमति मांगी है।
खुब्बापुर गांव में एक स्कूल में शिक्षिका के कहने पर एक नाबालिग छात्र को थप्पड़ मारने का मामला 24 अगस्त को सामने आया था। इसकी वीडियो वायरल हुई तो मामला जग जाहिर हुआ था। मीडिया की सुर्खियां बनने के बाद मामले की गूंज लखनऊ व दिल्ली तक हुई थी। वर्तमान में यह मामला सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई में चल रहा है। इससे पहले पुलिस की कार्रवाई को लेकर पुलिस को सुप्रीम कोर्ट में अपनी रिपोर्ट दाखिल करनी पड़ी थी। अब सुनवाई के दौरान सोमवार को एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट ने सख्ती बरतते हुए इस मामले में शिक्षिका के खिलाफ मुकदमा का फैसला लेने के लिए आदेश दिया है।
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इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने सात अक्तूबर को इस मामले में वरिष्ष्ठ आईपीएस से जांच कराने के आदेश दिए थे तब मेरठ के आईजी नचिकेता झा ने जांच की थी और उन्होंने अपनी रिपोर्ट शासन में दी थी जिसे सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में पेश किया था। आईजी ने मुकदमे में आइपीसी की धारा 295 ए बढ़ाने को लेकर जांच की थी और धारा का इजाफा कर अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपी थी।
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चार्जशीट लगाने के लिए चाहिए शासन की अनुमति

बताया गया कि आईजी ने जो धारा 295 ए बढ़ाई है उसने चार्जशीट लगाने के लिए शासन से अनुमति लेनी होती है। इसके लिए शासन को रिपोर्ट देकर अनुमति मांगी गई। अनुमति मिलने के बाद पुलिस इस मामले में चार्जशीट लगा पाएगी।



क्या हैं धारा 295

भारतीय दंड संहिता (आइपीसी) की धारा 295ए , किसी भी भाषण, लेखन या संकेत को दंडित करती है जो पूर्व नियोजित और दुर्भावना पूर्ण इरादे से नागरिकों के धर्म या धार्मिक विश्वासों का अपमान करते है। इसमें दो या फिर अधिकतम तीन साल की सजा व आर्थिक दंड का प्रावधान है। धारा गैर जमानती और संज्ञेय अपराध है।



यह था मामला

मंसूरपुर के गांव खुब्बापुर के पब्लिक स्कूल में एक छात्र की सहपाठियों से पिटाई कराई गई थी। इसकी वीडियाे भी वायरल हुआ था, जिसमें शिक्षिका तृप्ति त्यागी एक बच्चे की सहपाठी छात्रों से पिटाई कराती व आपत्ति जनक टिप्पणी करती नजर आ रही थी।



----- कोटसुप्रीम कोर्ट के आदेश पर आईजी मेरठ नचिकेता झा ने जांच कर धारा 295 अपनी रिपोर्ट में बढ़ कर रिपोर्ट शासन को भेजी थी। इस धारा के बढ़ाए जाने के बाद मामले में चार्जशीट लगाने के लिए शासन की अनुमति की जरूरत होती है। अनुमति मांगी गई है। इसके बाद पूरे मामले में अग्रिम कार्रवाई की जाएगी - सत्य नारायण प्रजापत, एसपी सिटी
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