Muzaffarnagar News: बीमारियां बांट रहा नाला, कोई नहीं सुनने वाला
- कई फैक्टरियों का पानी भी नाले में बहाने से बढ़ रही परेशानी
- भूगर्भ जलस्तर हुआ प्रदूषित, क्षेत्र के गांवों में बढ़ रही बीमारियां
- कैंसर और त्वचा संबंधी बीमारियों का बढ़ रहा है अधिक प्रकोप
विस्तार
प्रदूषित भूगर्भ जल सिखेड़ा क्षेत्र के गांव के लोगों के लिए मुसीबत बन गया है। नाले में बह रहा फैक्टरियों का प्रदूषित पानी बीमारियां परोस रहा है। निराना गांव में कैंसर और त्वचा की बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ी है। ग्रामीणों का दावा है कि पिछले कुछ सालों में ही कैंसर से 12 लोगों की मौत भी हो चुकी है।
शिकायत जनप्रतिनिधियों से लेकर अधिकारियों के सामने रखी गई, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। गंदा नाला लोगों के लिए मुसीबत बनने लगा है। सिर्फ बड़े ही नहीं, बल्कि बच्चे भी कैंसर की चपेट में आने लगे हैं। गंदा नाला गाधला, धंधेड़ा, भिक्की, सिकरेड़ा, निराना, जड़ौदा और बिलासपुर समेत अन्य गांवों के पास से गुजरता है। मगर, प्रदूषित जल से सबसे ज्यादा समस्या निराना गांव के लोगों को उठानी पड़ रही है।
नाले में बहाया जा रहा फैक्टरियों का पानी
ग्रामीणों का आरोप है कि नाले में रात के समय फैक्टरियों का प्रदूषित पानी बहा दिया जाता है। इससे गांव में बीमारियां बढ़ रही है। नाला पुरकाजी क्षेत्र से निकलकर कई गांव से निकल रहा है, जिसमें फैक्टरियों का गंदा पानी बहा दिया जाता है।
ये लोग कैंसर से पीड़ित
ग्राम प्रधान के पति अय्यूब ने बताया कि गांव में बाबर (40), अब्दुल रहीम (05), जाकिर (65), हनीफ (55) और ऋषिपाल (60) समेत अन्य कई लोग कैंसर की बीमारी से जूझ रहे हैं। पीड़ितों का उपचार दिल्ली एम्स और चंडीगढ़ में चल रहा है।
निरामय जन उत्थान संस्थान के संस्थापक प्रवेश पाल और अध्यक्षक अंकित तोमर ने बताया कि गांव निराना, भिक्की, सिखरेहड़ा, भंडूरा, धंधेड़ा और शेरनगर में लोगों को कैंसर, सोरायसिस, काला पिलिया जैसी बीमारी होने के साथ-साथ उनके गुर्दे और आंखे खराब हो रही है।
इन ग्रामीणों की हो चुकी मौत
निराना गांव निवासी कैंसर ने बताया कि उसके बेटा अनस (20) की डेढ़ माह पहले कैंसर से मौत हो गई थी। इससे पहले गांव के ही मोहम्मद शौकत (65), मोहम्मद अरशद (60), मतलूब (55), खुर्शीद (70), नसीम (60), तासीन (53), रफी (37), यामीन (23), मुनत्याज (50), खतीजा (65) और महफरीन (45) की मौत भी कैंसर से ही हुई है।
ग्रामीण बोले, शिकायत पर नहीं हो रही कार्रवाई
निराना गांव के प्रधान के पति अय्यूब, ग्रामीण मरगूब, मुस्सईद, बाकिर, शाहनवाज मास्टर, महताब और ऋषिपाल का कहना है कि क्षेत्र में फैक्टरियां बढ़ने के साथ ही बीमारियां भी बढ़ रही है। गांव में ऐसा कोई घर नहीं है, जिस घर में बीमारी न हो। कई बार शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होती है।
तालाब की कई बार कराई सफाई
निराना गांव के तालाब को त्रिवेणी फैक्टरी ने 27 अप्रैल 2017 को गोद लिया था। इसके बाद तालाब की कई बार साफ-सफाई कराई गई। कर्मचारियों का कहना है कि उनकी फैक्टरी से प्रदूषित पानी नहीं निकलता है। फैक्टरी में बॉयलर लगा हुआ है, जिससे पानी बाहर नहीं जाता है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड गठित करेगा टीम, होगी जांच
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी अंकित सिंह का कहना है कि समय-समय पर पानी की जांच कराई जाती है। अगर ग्रामीणों की शिकायत है तो फिर से जांच कराई जाएगी। टीम गठित कर नमूने लेकर जांच के लिए भेजे जाएंगे।
कराई जाएगी पानी की जांच
एसडीएम सदर परमानंद झा का कहना है कि ग्रामीणों को परेशानी नहीं होने दी जाएगी। प्रशासन की टीम भेजकर जांच कराई जाएगी।