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Muzaffarnagar News: स्वच्छता और हरियाली की कसौटी पर परखे जाएंगे जिले के माध्यमिक विद्यालय
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- जल, स्वच्छता, स्वास्थ्य और पर्यावरण का मूल्यांकन
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। जिले के माध्यमिक विद्यालयों में अब पढ़ाई के साथ-साथ स्वच्छता, स्वास्थ्य और पर्यावरणीय व्यवस्थाओं की भी परीक्षा होगी। स्वच्छ एवं हरित विद्यालय रेटिंग एसएचवीआर 2026-27 अभियान के तहत जिले के सभी विद्यालयों को पोर्टल पर पंजीकरण कराकर स्व-मूल्यांकन पूरा करना होगा। इसके बाद विद्यालयों को विभिन्न मानकों के आधार पर रेटिंग दी जाएगी।
डीआईओएस हरिकेश यादव ने सभी प्रधानाचार्यों को अभियान से जुड़ने के निर्देश दिए हैं। सरकारी विद्यालयों के साथ निजी, सहायता प्राप्त, आवासीय और अल्पसंख्यक विद्यालय भी इसमें शामिल होंगे। विद्यालयों को अपने यू-डायस प्लस कोड के माध्यम से एसएचवीआर पोर्टल पर पंजीकरण कर स्व-मूल्यांकन करना होगा।
मूल्यांकन में विद्यालयों में पेयजल, शौचालय, साबुन से हाथ धोने की सुविधा, साफ-सफाई, रखरखाव, स्वच्छता व्यवहार और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े मानकों को देखा जाएगा। इसके अलावा मिशन लाइफ के तहत जल संरक्षण, ऊर्जा बचत, प्लास्टिक मुक्त परिसर और पर्यावरण जागरूकता जैसी गतिविधियों को भी मूल्यांकन में शामिल किया जाएगा।
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पहले जिला स्तर पर होगा मूल्यांकन
जिला समन्वयक अलका ने बताया कि एसएचवीआर की प्रक्रिया में विद्यालयों के प्रदर्शन के आधार पर रेटिंग दी जाएगी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 30 सितंबर तक विद्यालय ऑनलाइन आवेदन जमा कर सकते हैं। इसके बाद अक्तूबर में जिला स्तर पर मूल्यांकन होगा और बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यालयों को आगे राज्य व राष्ट्रीय स्तर की प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। जिले के माध्यमिक विद्यालयों में अब पढ़ाई के साथ-साथ स्वच्छता, स्वास्थ्य और पर्यावरणीय व्यवस्थाओं की भी परीक्षा होगी। स्वच्छ एवं हरित विद्यालय रेटिंग एसएचवीआर 2026-27 अभियान के तहत जिले के सभी विद्यालयों को पोर्टल पर पंजीकरण कराकर स्व-मूल्यांकन पूरा करना होगा। इसके बाद विद्यालयों को विभिन्न मानकों के आधार पर रेटिंग दी जाएगी।
डीआईओएस हरिकेश यादव ने सभी प्रधानाचार्यों को अभियान से जुड़ने के निर्देश दिए हैं। सरकारी विद्यालयों के साथ निजी, सहायता प्राप्त, आवासीय और अल्पसंख्यक विद्यालय भी इसमें शामिल होंगे। विद्यालयों को अपने यू-डायस प्लस कोड के माध्यम से एसएचवीआर पोर्टल पर पंजीकरण कर स्व-मूल्यांकन करना होगा।
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मूल्यांकन में विद्यालयों में पेयजल, शौचालय, साबुन से हाथ धोने की सुविधा, साफ-सफाई, रखरखाव, स्वच्छता व्यवहार और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े मानकों को देखा जाएगा। इसके अलावा मिशन लाइफ के तहत जल संरक्षण, ऊर्जा बचत, प्लास्टिक मुक्त परिसर और पर्यावरण जागरूकता जैसी गतिविधियों को भी मूल्यांकन में शामिल किया जाएगा।
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पहले जिला स्तर पर होगा मूल्यांकन
जिला समन्वयक अलका ने बताया कि एसएचवीआर की प्रक्रिया में विद्यालयों के प्रदर्शन के आधार पर रेटिंग दी जाएगी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 30 सितंबर तक विद्यालय ऑनलाइन आवेदन जमा कर सकते हैं। इसके बाद अक्तूबर में जिला स्तर पर मूल्यांकन होगा और बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यालयों को आगे राज्य व राष्ट्रीय स्तर की प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा।