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जिला पंचायत अध्यक्ष पिछड़ी जाति का होगा
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जिला पंचायत अध्यक्ष पिछड़ी जाति का होगा
मुजफ्फरनगर। जिला पंचायत अध्यक्ष पद इस बार ओबीसी होगा। पिछड़ी जाति के लिए यहां पहली बार आरक्षण हुआ है। इससे पहले यह पद एससी महिला, ओबीसी महिला और महिला के लिए आरक्षित रह चुका है।
जिला पंचायत अध्यक्ष के पद को लेकर शासन ने आरक्षण की सूची जारी कर दी है। मुजफ्फरनगर जिले में यह पद ओबीसी के लिए आरक्षित किया गया है। जिला पंचायत में आरक्षण व्यवस्था लागू होने के बाद से पहली बार यह पद ओबीसी के लिए आरक्षित हुआ है। ओबीसी के लिए आरक्षित हो जाने के बाद राजनीतिक दलों ने अध्यक्ष पद को लेकर अपनी गोटियां बिछानी शुरू कर दी हैं।
अध्यक्ष पद के दावेदार अपने लिए सुरक्षित वार्ड भी तलाशने लगे हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष पद यहां अब से पहले एससी महिला के लिए आरक्षित था, जिसमें 2015 में यहां आंचल जिला पंचायत अध्यक्ष चुनी गई थीं। 2010 में यह पद सामान्य महिला के लिए आरक्षित रहा और इंतखाब राना जिला पंचायत अध्यक्ष बनीं।
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2005 में यह पद ओबीसी महिला के लिए आरक्षित रहा और सुदेशा मलिक जिला पंचायत अध्यक्ष बनीं। इससे पहले 2000 में तरसपाल मलिक जिला पंचायत अध्यक्ष रहे। जिला पंचायत का पद अब सभी प्रकार के आरक्षण में आ गया है, केवल एससी का आरक्षण बाकी रह गया है।
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मुजफ्फरनगर। जिला पंचायत अध्यक्ष पद इस बार ओबीसी होगा। पिछड़ी जाति के लिए यहां पहली बार आरक्षण हुआ है। इससे पहले यह पद एससी महिला, ओबीसी महिला और महिला के लिए आरक्षित रह चुका है।
जिला पंचायत अध्यक्ष के पद को लेकर शासन ने आरक्षण की सूची जारी कर दी है। मुजफ्फरनगर जिले में यह पद ओबीसी के लिए आरक्षित किया गया है। जिला पंचायत में आरक्षण व्यवस्था लागू होने के बाद से पहली बार यह पद ओबीसी के लिए आरक्षित हुआ है। ओबीसी के लिए आरक्षित हो जाने के बाद राजनीतिक दलों ने अध्यक्ष पद को लेकर अपनी गोटियां बिछानी शुरू कर दी हैं।
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अध्यक्ष पद के दावेदार अपने लिए सुरक्षित वार्ड भी तलाशने लगे हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष पद यहां अब से पहले एससी महिला के लिए आरक्षित था, जिसमें 2015 में यहां आंचल जिला पंचायत अध्यक्ष चुनी गई थीं। 2010 में यह पद सामान्य महिला के लिए आरक्षित रहा और इंतखाब राना जिला पंचायत अध्यक्ष बनीं।
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2005 में यह पद ओबीसी महिला के लिए आरक्षित रहा और सुदेशा मलिक जिला पंचायत अध्यक्ष बनीं। इससे पहले 2000 में तरसपाल मलिक जिला पंचायत अध्यक्ष रहे। जिला पंचायत का पद अब सभी प्रकार के आरक्षण में आ गया है, केवल एससी का आरक्षण बाकी रह गया है।