{"_id":"5ed930598ebc3ee0a301a592","slug":"the-danger-of-environmental-imbalance-has-to-be-stopped-rajendra-singh-muzaffarnagar-news-mrt4848607181","type":"story","status":"publish","title_hn":"पर्यावरण असंतुलन के खतरे को रोकना होगा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पर्यावरण असंतुलन के खतरे को रोकना होगा
विज्ञापन
पर्यावरण असंतुलन के खतरे को रोकना होगा: राजेंद्र सिंह
मुजफ्फरनगर। भारत विकास परिषद ने विश्व पर्यावरण दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित आनलाइन वेबिनार ‘हरीतिमा’ का आयोजन किया। जलपुरुष राजेंद्र सिंह ने कहा कि पर्यावरण असंतुलन के खतरे को पेड़ पौधे लगाकर ही रोका जा सकता है।
मुख्य वक्ता राजेंद्र सिंह ने 21 वीं सदी में जलवायु परिवर्तन से आने वाली समस्याओं से चेताया। जलवायु परिवर्तन के कुप्रभाव के कारण सभी वस्तुएं अपने अस्तित्व को खोती नजर आ रही हैं। सर्दी, गर्मी तथा वर्षा बेमौसम होने के कारण कहीं अकाल तो कही बाढ़ आ रही है। हमें पेड़-पौधे लगाकर पर्यावरण को बचाना होगा। अरुण खंडेलवाल ने कहा कि ‘पर्यावरण की समस्या पूरे विश्व की समस्या है। हम सभी ने भौतिकता की चाह में प्रकृति से खिलवाड़ कर इस समस्या को पैदा किया है। राष्ट्रीय पर्यावरण नीति में आज के हालात के अनुसार परिवर्तन करना आवश्यक है। गिरीश शुक्ला ने अपने घरों में किचिन गार्डन बनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि हम अपनी बालकॉनी व खुली छत पर सब्जियां व औषधि पौधे उगा सकते हैं। सुनील खेड़ा ने कहा कि यदि विश्व ने प्रदूषण पर गंभीरता से एक नीति बनाने के लिए काम नहीं किया, तो आने वाले समय में धरती को बर्बाद होने से कोई नही बचा सकता। अनुराग दुबलिश ने कहा कि हमें जल को बचाना है, प्लास्टिक पॉलिथीन का बहिष्कार करना है। अध्यक्षता प्रांतीय अध्यक्ष एसएन बंसल एवं संचालन प्रांतीय महासचिव वीके सिंघल ने किया। रमेश जैन, प्रमोद राम त्रिपाठी, बसंत गुप्ता, विनीत संगल, नरेश चंद्र गोयल आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर। भारत विकास परिषद ने विश्व पर्यावरण दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित आनलाइन वेबिनार ‘हरीतिमा’ का आयोजन किया। जलपुरुष राजेंद्र सिंह ने कहा कि पर्यावरण असंतुलन के खतरे को पेड़ पौधे लगाकर ही रोका जा सकता है।
मुख्य वक्ता राजेंद्र सिंह ने 21 वीं सदी में जलवायु परिवर्तन से आने वाली समस्याओं से चेताया। जलवायु परिवर्तन के कुप्रभाव के कारण सभी वस्तुएं अपने अस्तित्व को खोती नजर आ रही हैं। सर्दी, गर्मी तथा वर्षा बेमौसम होने के कारण कहीं अकाल तो कही बाढ़ आ रही है। हमें पेड़-पौधे लगाकर पर्यावरण को बचाना होगा। अरुण खंडेलवाल ने कहा कि ‘पर्यावरण की समस्या पूरे विश्व की समस्या है। हम सभी ने भौतिकता की चाह में प्रकृति से खिलवाड़ कर इस समस्या को पैदा किया है। राष्ट्रीय पर्यावरण नीति में आज के हालात के अनुसार परिवर्तन करना आवश्यक है। गिरीश शुक्ला ने अपने घरों में किचिन गार्डन बनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि हम अपनी बालकॉनी व खुली छत पर सब्जियां व औषधि पौधे उगा सकते हैं। सुनील खेड़ा ने कहा कि यदि विश्व ने प्रदूषण पर गंभीरता से एक नीति बनाने के लिए काम नहीं किया, तो आने वाले समय में धरती को बर्बाद होने से कोई नही बचा सकता। अनुराग दुबलिश ने कहा कि हमें जल को बचाना है, प्लास्टिक पॉलिथीन का बहिष्कार करना है। अध्यक्षता प्रांतीय अध्यक्ष एसएन बंसल एवं संचालन प्रांतीय महासचिव वीके सिंघल ने किया। रमेश जैन, प्रमोद राम त्रिपाठी, बसंत गुप्ता, विनीत संगल, नरेश चंद्र गोयल आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन