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चेयरपर्सन ने सीएमओ को लिखा पत्र, पालिका की शांति क्यों भंग कराना चाहते हैं आप
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चेयरपर्सन ने सीएमओ को लिखा पत्र, पालिका की शांति क्यों भंग कराना चाहते हैं आप
मुजफ्फरनगर। सीएमओ डॉ. एमएस फौजदार द्वारा डॉ. अतुल कुमार को नगर स्वास्थ्य अधिकारी का कार्यभार देने के आदेश का चेयरपर्सन ने विरोध किया है। उन्होंने कहा कि बोर्ड उनके खिलाफ प्रस्ताव पास कर चुका है, इस पद पर उनका योगदान नहीं कराया जा सकता। इससे पालिका की शांति भंग हो सकती है।
उन्होंने पत्र में लिखा है कि डॉ. बृजेंद्र सिंह के हटाए जाने से पालिका में जहां शांति का माहौल बना था, वहीं डॉ. अतुल कुमार को इस पद पर दोबारा भेजे जाने से शांति भंग की स्थिति बन गई है। पालिका बोर्ड के सभासद त्यागपत्र देने के लिए तैयार हैं। चेयरपर्सन ने लिखा कि ऐसा लगता है कि आपका कार्यालय पालिका में कानून व्यवस्था खराब करना चाहता है। डॉ. अतुल कुमार के खिलाफ सभी सभासदों ने बोर्ड में हटाए जाने का प्रस्ताव पास किया था। अभी केवल तीन माह इस प्रस्ताव को हुए हैं, छह माह से पहले डॉ. अतुल कुमार को यहां भेजना वैधानिक नहीं है। वह डॉ. अतुल कुमार का योगदान यहां नहीं कराएंगे। अन्य कोई चिकित्सक नहीं है तो पद को खाली रहने दें। यहां तक लिखा है कि डॉ. अतुल पालिका के दो सभासदों पर एससी एक्ट में मुकदमा दर्ज करा चुके हैं। ऐसे व्यक्ति को बोर्ड किसी भी हालत में पालिका में नहीं रखेगा।
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मुजफ्फरनगर। सीएमओ डॉ. एमएस फौजदार द्वारा डॉ. अतुल कुमार को नगर स्वास्थ्य अधिकारी का कार्यभार देने के आदेश का चेयरपर्सन ने विरोध किया है। उन्होंने कहा कि बोर्ड उनके खिलाफ प्रस्ताव पास कर चुका है, इस पद पर उनका योगदान नहीं कराया जा सकता। इससे पालिका की शांति भंग हो सकती है।
उन्होंने पत्र में लिखा है कि डॉ. बृजेंद्र सिंह के हटाए जाने से पालिका में जहां शांति का माहौल बना था, वहीं डॉ. अतुल कुमार को इस पद पर दोबारा भेजे जाने से शांति भंग की स्थिति बन गई है। पालिका बोर्ड के सभासद त्यागपत्र देने के लिए तैयार हैं। चेयरपर्सन ने लिखा कि ऐसा लगता है कि आपका कार्यालय पालिका में कानून व्यवस्था खराब करना चाहता है। डॉ. अतुल कुमार के खिलाफ सभी सभासदों ने बोर्ड में हटाए जाने का प्रस्ताव पास किया था। अभी केवल तीन माह इस प्रस्ताव को हुए हैं, छह माह से पहले डॉ. अतुल कुमार को यहां भेजना वैधानिक नहीं है। वह डॉ. अतुल कुमार का योगदान यहां नहीं कराएंगे। अन्य कोई चिकित्सक नहीं है तो पद को खाली रहने दें। यहां तक लिखा है कि डॉ. अतुल पालिका के दो सभासदों पर एससी एक्ट में मुकदमा दर्ज करा चुके हैं। ऐसे व्यक्ति को बोर्ड किसी भी हालत में पालिका में नहीं रखेगा।
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