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देशी घी और तेल के दाम बिगाड़ने लगे बजट
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तेल विक्रेता--अशोक।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
देशी घी और तेल के दाम बिगाड़ने लगे बजट
मुजफ्फरनगर। खाद्य तेल के दामों में बढ़ोत्तरी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। पिछले 15 दिन में सरसों का तेल 20 रुपये महंगा हुआ है, जिससे फुटकर में 180 रुपये किलो तक बिक रहा है। तेल के दाम बढ़ने से लोगों की जेब ढीली होने लगी है।
मधुसूदन कंपनी के देशी घी के दाम सबसे अधिक बढ़े हैं। भाव करीब 20 रुपये बढ़कर 445 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गए हैं। व्यापारियों ने बताया कि रूस के यूक्रेन पर हमले के बाद सूरजमुखी का तेल 20 रुपये महंगा हो गया है। बंदरगाहों पर माल फंसा है, जिस कारण मांग के सापेक्ष आपूर्ति नहीं हो पाई है।
क्या कहते हैं दुकानदार
- दाल मंडी के दुकानदार देवेंद्र कुमार ने बताया कि पिछले 15 दिन में अचानक दाम बढ़े हैं। खाद्य तेल की मांग भी बढ़ी है।
- दाल मंडी के तेल व्यापारी अमित सिंघल का कहना है कि लॉकडाउन और नोटबंदी में भी तेल के दाम इतने नहीं बढ़े थे। बाजार में तेजी है।
- व्यापार शैलेंद्र खट्टर का कहना है कि बंदरगाह पर माल फंसा हुआ है,जिस कारण सूरजमुखी के तेल पर महंगाई बढ़ी है।
फुटकर में इस तरह बिक रहा तेल
सरसों 170 रुपये
सोयाबीन 165 रुपये
सूरजमुखी 170 रुपये
मूंगफली 180 रुपये
तिल 150 रुपये
रिफाइंड 160 रुपये
(नोट- वजन प्रति किलो में)
सूरजमुखी का तेल सबसे महंगा
नई मंडी के थोक व्यापारी अशोक कुमार बंसल का कहना है कि सूरजमुखी के तेल पर दाम बढ़े हैं। जनवरी और फरवरी महीने में थोक में सूरजमुखी का तेल 135 रुपये प्रति लीटर बिक रहा था, लेकिन मार्च महीने में दाम 150 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गए हैं।
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क्या कहती हैं गृहणी
- देवपुरम निवासी मोना का कहना है कि खाद्य तेलों पर महंगाई से रसोई का बजट बिगड़ रहा है। होली पर महंगाई और बढऩे के आसार है, जिससे सबसे ज्यादा प्रभावित रसोई का बजट होता है।
- धर्मपुरी निवासी हरदेवी का कहना है कि सरकार को घरों में प्रयोग होने वाली चीजों के दाम पर कंट्रोल रखना चाहिए। सरसों के तेल के दाम लगातार बढ़ने से परेशानी हो रही है।
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मुजफ्फरनगर। खाद्य तेल के दामों में बढ़ोत्तरी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। पिछले 15 दिन में सरसों का तेल 20 रुपये महंगा हुआ है, जिससे फुटकर में 180 रुपये किलो तक बिक रहा है। तेल के दाम बढ़ने से लोगों की जेब ढीली होने लगी है।
मधुसूदन कंपनी के देशी घी के दाम सबसे अधिक बढ़े हैं। भाव करीब 20 रुपये बढ़कर 445 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गए हैं। व्यापारियों ने बताया कि रूस के यूक्रेन पर हमले के बाद सूरजमुखी का तेल 20 रुपये महंगा हो गया है। बंदरगाहों पर माल फंसा है, जिस कारण मांग के सापेक्ष आपूर्ति नहीं हो पाई है।
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क्या कहते हैं दुकानदार
- दाल मंडी के दुकानदार देवेंद्र कुमार ने बताया कि पिछले 15 दिन में अचानक दाम बढ़े हैं। खाद्य तेल की मांग भी बढ़ी है।
- दाल मंडी के तेल व्यापारी अमित सिंघल का कहना है कि लॉकडाउन और नोटबंदी में भी तेल के दाम इतने नहीं बढ़े थे। बाजार में तेजी है।
- व्यापार शैलेंद्र खट्टर का कहना है कि बंदरगाह पर माल फंसा हुआ है,जिस कारण सूरजमुखी के तेल पर महंगाई बढ़ी है।
फुटकर में इस तरह बिक रहा तेल
सरसों 170 रुपये
सोयाबीन 165 रुपये
सूरजमुखी 170 रुपये
मूंगफली 180 रुपये
तिल 150 रुपये
रिफाइंड 160 रुपये
(नोट- वजन प्रति किलो में)
सूरजमुखी का तेल सबसे महंगा
नई मंडी के थोक व्यापारी अशोक कुमार बंसल का कहना है कि सूरजमुखी के तेल पर दाम बढ़े हैं। जनवरी और फरवरी महीने में थोक में सूरजमुखी का तेल 135 रुपये प्रति लीटर बिक रहा था, लेकिन मार्च महीने में दाम 150 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गए हैं।
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क्या कहती हैं गृहणी
- देवपुरम निवासी मोना का कहना है कि खाद्य तेलों पर महंगाई से रसोई का बजट बिगड़ रहा है। होली पर महंगाई और बढऩे के आसार है, जिससे सबसे ज्यादा प्रभावित रसोई का बजट होता है।
- धर्मपुरी निवासी हरदेवी का कहना है कि सरकार को घरों में प्रयोग होने वाली चीजों के दाम पर कंट्रोल रखना चाहिए। सरसों के तेल के दाम लगातार बढ़ने से परेशानी हो रही है।

तेल विक्रेता-- योगेन्द्र।- फोटो : MUZAFFARNAGAR

तेल विक्रेता--- अमित सिगंल।- फोटो : MUZAFFARNAGAR