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Muzaffarnagar News: फिर जहरीली हो गई हवा 311 पर पहुंचा एक्यूआई
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मुजफ्फरनगर। पांच दिन तक वायु प्रदूषण में मामूली राहत मिलने के बाद हवा फिर जहरीली हो गई। मंगलवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक 311 दर्ज किया गया, जिस कारण लोगों को सांस लेने में दिक्कत हुई और अस्थमा रोगियों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
मंगलवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक 311 दर्ज किया गया। गत पांच दिनों से एक्यूआई 300 से नीचे चल रहा था। रविवार को तो एक्यूआई 178 रहा था। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी डॉ.गीतेश चन्द्रा ने बताया कि औद्योगिक क्षेत्र सहित शहरी एरिया में लगातार पानी का छिड़काव कराया जा रहा है। वायु प्रदूषण फैलाने वाली औद्योगिक इकाइयों पर कार्रवाई की जा रही है। जिला अस्पताल के वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. योगेंद्र त्रिखा का कहना है कि वायु प्रदूषण बढ़ने से सांस और अस्थमा रोगियोंं सहित हृदय रोगियों को भी दिक्कत हो सकती है।
बताया कि मौजूदा हालात में हवा के साथ प्रदूषित कण फेफड़ों में पहुंचते हैं। किसी भी व्यक्ति को ऑक्सीजन प्राप्त करने के लिए सांस लेने में अधिक जोर लगाना पड़ता है। जिस कारण शरीर का रक्तचाप बढ़ने का खतरा रहता है। उस स्थिति में हृदयघात की आशंका भी पैदा हो जाती है।र
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मंगलवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक 311 दर्ज किया गया। गत पांच दिनों से एक्यूआई 300 से नीचे चल रहा था। रविवार को तो एक्यूआई 178 रहा था। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी डॉ.गीतेश चन्द्रा ने बताया कि औद्योगिक क्षेत्र सहित शहरी एरिया में लगातार पानी का छिड़काव कराया जा रहा है। वायु प्रदूषण फैलाने वाली औद्योगिक इकाइयों पर कार्रवाई की जा रही है। जिला अस्पताल के वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. योगेंद्र त्रिखा का कहना है कि वायु प्रदूषण बढ़ने से सांस और अस्थमा रोगियोंं सहित हृदय रोगियों को भी दिक्कत हो सकती है।
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बताया कि मौजूदा हालात में हवा के साथ प्रदूषित कण फेफड़ों में पहुंचते हैं। किसी भी व्यक्ति को ऑक्सीजन प्राप्त करने के लिए सांस लेने में अधिक जोर लगाना पड़ता है। जिस कारण शरीर का रक्तचाप बढ़ने का खतरा रहता है। उस स्थिति में हृदयघात की आशंका भी पैदा हो जाती है।र
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