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तहसीलदार को दी उपद्रवियों से वसूली की जिम्मेदारी
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तहसीलदार को दी उपद्रवियों से वसूली की जिम्मेदारी
मुजफ्फरनगर। सीएए के विरोध में गत 20 दिसंबर को हुए उपद्रव में शामिल 53 उपद्रवियों से नुकसान के 23.41 लाख रुपये की वसूली तहसीलदार सदर करेंगे। एडीएम प्रशासन ने आदेश में उन्हें वसूली के लिए नामित किया है। तहसीलदार को सभी 53 के नाम पते के साथ आदेश की कॉपी दे दी गई है।
नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में शहर में 20 दिसंबर को हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान शहर में कई स्थानों पर हिंसा हुई थी। इसमें सिविल लाइन थाना क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित रहा था। शहर कोतवाली क्षेत्र में भी हिंसा और तोड़फोड़ -आगजनी की घटना घटित हुई थी। दोनों थाना क्षेत्रों में इस हिंसा में करीब 50 मुकदमे दर्ज किए गए। इसमें सिविल लाइन क्षेत्र के मदीना चौक, कच्ची सड़क पर व्यापक हिंसा हुई थी। हिंसा पर सीएम ने उपद्रवियों से नुकसान की भरपाई करने के आदेश जारी किए थे। डीएम सेल्वा कुमारी जे ने नगरीय क्षेत्र में हिंसा में हुए नुकसान की पूर्ति के निर्धारण और निस्तारण को एडीएम प्रशासन अमित सिंह को सक्षम प्राधिकारी नामित किया था। एडीएम प्रशासन के न्यायालय में सरकारी विभागों और निजी व्यक्तियों के द्वारा अपनी संपत्ति के नुकसान के लिए दावे प्रस्तुत किए गए। एडीएम प्रशासन ने बताया कि सिविल लाइन पुलिस की ओर से 30 मुकदमे दर्ज किए गए। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर तैयार रिपोर्ट में एक जनवरी को 27 आरोपियों के नाम दिए गए। इसके बाद 11 जनवरी को दी गई रिपोर्ट के अंतर्गत सिविल लाइन पुलिस की ओर से 32 अन्य आरोपियों के नाम सरकारी और निजी संपत्ति को क्षति पहुंचाने के आरोपियों के रूप में दिए गए। कुल 59 आरोपियों के नाम सिविल लाइन पुलिस ने उनके न्यायालय को दिए। इनमें से दो आरोपियों सरफराज पुत्र सत्तार निवासी इमरान कालोनी और मुजफ्फर पुत्र अशरफ अली निवासी महमूदनगर के नाम दो बार रिपोर्ट में उल्लेख किए गए। इस कारण जांच उपरांत सिविल लाइन पुलिस की ओर से कुल 57 आरोपी उपद्रव में संपत्ति को क्षति पहुंचाने के दोषी पाए गए। इनके परिजनों तथा उनके अधिवक्ताओं को सीसीटीवी फुटेज में आए फोटो को दिखाया गया। निरंतर सुनवाई की प्रक्रिया के बाद 53 लोगों को आरोपी पाया गया। इनसे 23 लाख 41 हजार 290 रुपये की वसूली के लिए तहसीलदार सदर के आदेश दिए गए हैं।
इन लोगों से होगी नुकसान की भरपाई
मुजफ्फरनगर। पुलिस के चिह्नित करने के बाद एडीएम प्रशासन ने जिन आरोपियों को दोषी माना है और जिनके खिलाफ वसूली के आदेश दिए गए हैं, इनमें 53 लोग शामिल है। इनमें कादिर पुत्र मुस्तकीम, भूरा कुरैशी पुत्र जमील, मोनू त्यागी पुत्र सत्तार, पीके उर्फ सलमान पुत्र अशरफ, सोनू पुत्र शमीम त्यागी, शहजाद उर्फ धमन पुत्र रियासत काजी, गुलजार पुत्र जमील, शाकिब सक्का व अजहर सक्का पुत्रगण जफर, आरिस पुत्र कासिम, जीशान पुत्र रब्बान, साबिर पुत्र शकील, राजू बुग्गी वाला, इरशाद कुरैशी पुत्र मंजूर, महताब उर्फ पंजा पुत्र मुनकेद, शाहवेज नाई पुत्र नौशाद, गुलफाम पुत्र इकबाल तेली, शाहवेज पुत्र सगीर बादी, फरमान पुत्र शौकीन अब्बासी, सरफराज पुत्र सत्तार रांघड, शाहनवाज कुरैशी पुत्र शमशाद, बबलू अल्वी पुत्र गयूर, अमीर आलम बादी पुत्र बुन्दू, शहजाद काजी पुत्र अहसान, आबाद पुत्र बुन्दू नेता, मोबीन कुरैशी पुत्र इदरीश, गुलजार पुत्र गफ्फार, आसु पुत्र इस्राइल कुरैशी, नदीम सक्का पुत्र रफीक, नदीम पुत्र नसीम अली, अफजाल अब्बासी पुत्र वहीद मोटा, वसीम तेली पुत्र शमशाद, सैफ अली पुत्र शेरदीन शेरा, शहजादा उर्फ चुंबक पुत्र जाहिद, ताहिर तेली पुत्र शरीफ, सलमान कुरैशी पुत्र शमशाद, सादिक पुत्र शाकिर, मुजफ्फर अली पुत्र अशरफ अली, शानवाज पुत्र सत्तार राव, गुलबहार पुत्र हफीजुद्दीन सक्का, खुर्शीद तेली पुत्र इरशाद, शान उर्फ लाल्ला पुत्र यामीन तेली, लाल्ला पुत्र अहमद अली, तंजीम पुत्र जाकिर, कैफ पुत्र नफीस सक्का, अमन पुत्र सत्तार नाई, आदिल पुत्र फारूख रांघड, इसरार पुत्र जब्बार सक्का, वसीम उर्फ धाबा पुत्र शकील सक्का, फिरोज बिच्छू पुत्र शहजाद तथा असजद पुत्र इकबाल झोझा शामिल हैं।
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एक आरोपी से भी हो सकती है सारी वसूली
मुजफ्फरनगर। तहसीलदार पुष्करनाथ चौधरी का कहना है कि एक्ट के अनुसार सामूहिक अर्थदंड में पूरा पैसा किसी एक से वसूल किया जा सकता है और आपस में बांटकर भी वसूला जा सकता है। एक्ट में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है कि सभी में बराबर बांटकर वसूल किया जाए।
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मुजफ्फरनगर। सीएए के विरोध में गत 20 दिसंबर को हुए उपद्रव में शामिल 53 उपद्रवियों से नुकसान के 23.41 लाख रुपये की वसूली तहसीलदार सदर करेंगे। एडीएम प्रशासन ने आदेश में उन्हें वसूली के लिए नामित किया है। तहसीलदार को सभी 53 के नाम पते के साथ आदेश की कॉपी दे दी गई है।
नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में शहर में 20 दिसंबर को हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान शहर में कई स्थानों पर हिंसा हुई थी। इसमें सिविल लाइन थाना क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित रहा था। शहर कोतवाली क्षेत्र में भी हिंसा और तोड़फोड़ -आगजनी की घटना घटित हुई थी। दोनों थाना क्षेत्रों में इस हिंसा में करीब 50 मुकदमे दर्ज किए गए। इसमें सिविल लाइन क्षेत्र के मदीना चौक, कच्ची सड़क पर व्यापक हिंसा हुई थी। हिंसा पर सीएम ने उपद्रवियों से नुकसान की भरपाई करने के आदेश जारी किए थे। डीएम सेल्वा कुमारी जे ने नगरीय क्षेत्र में हिंसा में हुए नुकसान की पूर्ति के निर्धारण और निस्तारण को एडीएम प्रशासन अमित सिंह को सक्षम प्राधिकारी नामित किया था। एडीएम प्रशासन के न्यायालय में सरकारी विभागों और निजी व्यक्तियों के द्वारा अपनी संपत्ति के नुकसान के लिए दावे प्रस्तुत किए गए। एडीएम प्रशासन ने बताया कि सिविल लाइन पुलिस की ओर से 30 मुकदमे दर्ज किए गए। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर तैयार रिपोर्ट में एक जनवरी को 27 आरोपियों के नाम दिए गए। इसके बाद 11 जनवरी को दी गई रिपोर्ट के अंतर्गत सिविल लाइन पुलिस की ओर से 32 अन्य आरोपियों के नाम सरकारी और निजी संपत्ति को क्षति पहुंचाने के आरोपियों के रूप में दिए गए। कुल 59 आरोपियों के नाम सिविल लाइन पुलिस ने उनके न्यायालय को दिए। इनमें से दो आरोपियों सरफराज पुत्र सत्तार निवासी इमरान कालोनी और मुजफ्फर पुत्र अशरफ अली निवासी महमूदनगर के नाम दो बार रिपोर्ट में उल्लेख किए गए। इस कारण जांच उपरांत सिविल लाइन पुलिस की ओर से कुल 57 आरोपी उपद्रव में संपत्ति को क्षति पहुंचाने के दोषी पाए गए। इनके परिजनों तथा उनके अधिवक्ताओं को सीसीटीवी फुटेज में आए फोटो को दिखाया गया। निरंतर सुनवाई की प्रक्रिया के बाद 53 लोगों को आरोपी पाया गया। इनसे 23 लाख 41 हजार 290 रुपये की वसूली के लिए तहसीलदार सदर के आदेश दिए गए हैं।
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इन लोगों से होगी नुकसान की भरपाई
मुजफ्फरनगर। पुलिस के चिह्नित करने के बाद एडीएम प्रशासन ने जिन आरोपियों को दोषी माना है और जिनके खिलाफ वसूली के आदेश दिए गए हैं, इनमें 53 लोग शामिल है। इनमें कादिर पुत्र मुस्तकीम, भूरा कुरैशी पुत्र जमील, मोनू त्यागी पुत्र सत्तार, पीके उर्फ सलमान पुत्र अशरफ, सोनू पुत्र शमीम त्यागी, शहजाद उर्फ धमन पुत्र रियासत काजी, गुलजार पुत्र जमील, शाकिब सक्का व अजहर सक्का पुत्रगण जफर, आरिस पुत्र कासिम, जीशान पुत्र रब्बान, साबिर पुत्र शकील, राजू बुग्गी वाला, इरशाद कुरैशी पुत्र मंजूर, महताब उर्फ पंजा पुत्र मुनकेद, शाहवेज नाई पुत्र नौशाद, गुलफाम पुत्र इकबाल तेली, शाहवेज पुत्र सगीर बादी, फरमान पुत्र शौकीन अब्बासी, सरफराज पुत्र सत्तार रांघड, शाहनवाज कुरैशी पुत्र शमशाद, बबलू अल्वी पुत्र गयूर, अमीर आलम बादी पुत्र बुन्दू, शहजाद काजी पुत्र अहसान, आबाद पुत्र बुन्दू नेता, मोबीन कुरैशी पुत्र इदरीश, गुलजार पुत्र गफ्फार, आसु पुत्र इस्राइल कुरैशी, नदीम सक्का पुत्र रफीक, नदीम पुत्र नसीम अली, अफजाल अब्बासी पुत्र वहीद मोटा, वसीम तेली पुत्र शमशाद, सैफ अली पुत्र शेरदीन शेरा, शहजादा उर्फ चुंबक पुत्र जाहिद, ताहिर तेली पुत्र शरीफ, सलमान कुरैशी पुत्र शमशाद, सादिक पुत्र शाकिर, मुजफ्फर अली पुत्र अशरफ अली, शानवाज पुत्र सत्तार राव, गुलबहार पुत्र हफीजुद्दीन सक्का, खुर्शीद तेली पुत्र इरशाद, शान उर्फ लाल्ला पुत्र यामीन तेली, लाल्ला पुत्र अहमद अली, तंजीम पुत्र जाकिर, कैफ पुत्र नफीस सक्का, अमन पुत्र सत्तार नाई, आदिल पुत्र फारूख रांघड, इसरार पुत्र जब्बार सक्का, वसीम उर्फ धाबा पुत्र शकील सक्का, फिरोज बिच्छू पुत्र शहजाद तथा असजद पुत्र इकबाल झोझा शामिल हैं।
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एक आरोपी से भी हो सकती है सारी वसूली
मुजफ्फरनगर। तहसीलदार पुष्करनाथ चौधरी का कहना है कि एक्ट के अनुसार सामूहिक अर्थदंड में पूरा पैसा किसी एक से वसूल किया जा सकता है और आपस में बांटकर भी वसूला जा सकता है। एक्ट में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है कि सभी में बराबर बांटकर वसूल किया जाए।