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Muzaffarnagar News: ऑनलाइन हाजिरी के विरोध में शिक्षकों ने घेरी कलक्ट्रेट

Tue, 09 Jul 2024 05:28 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 09 Jul 2024 05:28 AM IST
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Teachers surrounded the Collectorate in protest against online attendance
मुजफ्फरनगर। बेसिक शिक्षा के परिषदीय स्कूलों में कार्यरत शिक्षक-शिक्षिकाओं ने टैबलेट पर ऑनलाइन उपस्थिति लगाने का विरोध करते हुए कलक्ट्रेट का घेराव करते हुए नारेबाजी की। शिक्षकों ने कहा कि डिजिटल हाजिरी का आदेश अव्यावहारिक है। उन्होंने ऐलान किया कि 11 और 15 जुलाई को फिर से विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
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सोमवार को परिषदीय विद्यालयों में पहले दिन किसी भी स्कूल में शिक्षकों ने डिजिटल अटेंडेंस (टैबलेट पर चेहरा दिखाकर उपस्थिति) नहीं लगाई। शिक्षक-शिक्षिकाओं ने हाथ पर काली पट्टी बांधकर सरकार के इस फैसले का विरोध किया। कलक्ट्रेट पहुंचे शिक्षकों ने व्यवस्था में बदलाव की मांग रखी।
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राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के जिलाध्यक्ष अरविंद मलिक ने कहा कि पूरे यूपी में केवल नौ अध्यापकों ने ही ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराई है। आदेश निकालने वाले भी समय पर नहीं पहुंचते है। आदेश बदला जाना चाहिए।
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महिला शिक्षक संघ की जिलाध्यक्ष वंदना बालियान ने कहा कि शिक्षक-शिक्षिकाओं को उनके मूल कार्य से हटाकर कंप्यूटर ऑपरेटर बना दिया गया है। कई गांव के स्कूल ऐसे है, जहां तक पहुंचने के लिए कोई साधन भी नहीं होता है। अध्यापकों को इन कार्यों में लगाकर बच्चों को कहां से निपुण बनाया जाएगा।

जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष संजीव बालियान ने कहा कि डिटिजल उपस्थिति बेसिक शिक्षा परिषद की नियमावली में नहीं है। ऐसे में किसी को भी डरने की जरूरत नहीं है। सरकार को इस बार झटका लगा है, अबकी बार सूपड़ा ही साफ कर दिया जाएगा।

एक साथ नजर आए शिक्षक संगठन

विरोध प्रदर्शन के दौरान सभी शिक्षक संगठन एक साथ नजर आए। इस मौके पर राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, महिला शिक्षक संघ, प्राथमिक शिक्षक संघ (सुदेश कुमार), जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ, यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन, उर्दू एसोसिएशन, शिक्षा मित्र शिक्षक संगठन, अनुदेशक एसोसिएशन, टीचर्स सेल्फ केयर टीम के अलावा अन्य संगठनों के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने विरोध जताया।

ये रखीं मुख्य मांगें

- अध्यापक/कार्मिकों को अन्य विभागों की तरह हाफ डे लीव की सुविधा मिले।

- शिक्षकों को भी राज्य कर्मचारियों की तरह वर्ष में 30 दिन ईएल व मेडिकल लीव मिले।
-विषम परिस्थितियों में देरी होने पर शिक्षकों से उचित स्पष्टीकरण के बाद उन्हें उपस्थित माना जाए।

-अवकाश के दिनों में कार्य करने पर देय प्रतिकर अवकाश का विकल्प मानव सम्पदा पोर्टल पर प्रदान किया जाए।

-बेसिक शिक्षा में ऑनलाइन उपस्थिति की व्यवस्था अन्य विभागों की भांति ही लागू की जाए।

-सर्वर क्रैश होने पर वैकल्पिक व्यवस्था का स्पष्ट दिशा निर्देश किया जाए।

समाधान नहीं होने पर फिर प्रदर्शन का आह्वान

विरोध प्रदर्शन के दौरान शिक्षक संगठनों ने समाधान ना होने तक लगातार प्रदर्शन करने का आह्वान किया। सभी संगठनों ने अलग-अलग तरीके से विरोध जताया। कहा कि 11 और 15 जुलाई को फिर से विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। अगर तब भी समाधान नहीं हुआ तो फिर 22 को लखनऊ की ओर कूच किया जाएगा। वहीं, रेल रोको आंदोलन की बात भी कही गई।

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इनसेट

माध्यमिक शिक्षक संघ ने भी किया समर्थन

बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षक-शिक्षिकाओं की मांग का माध्यमिक शिक्षक संघ ने भी समर्थन किया। जिला अध्यक्ष डॉ. राहुल कुशवाहा ने कहा कि माध्यमिक शिक्षक संघ भी उनके साथ है। सभी शिक्षकों की मांगे जायज हैं। उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर चला जाएगा।

बीएसए ऑफिस में करीब 20 से अधिक शिकायत

ऑनलाइन उपस्थिति लगाने के लिए टैबलेट को पहले दिन इस्तेमाल करने की कोशिश की गई। ऐसे में सोमवार बीएसए ऑफिस के व्हाट्सएप ग्रुप पर करीब 20 से अधिक शिकायतें आईं, जिनपर टैबलेट और प्रेरणा पोर्टल काम ना करने की बात कही गई। इन सभी शिकायतों को प्रदेश के व्हाट्सएप ग्रुप पर भेजा गया।

स्कूल पहुंचने में आती हैं दिक्कतें

विरोध प्रदर्शन में शामिल शिक्षक-शिक्षिकाओं का कहना था कि स्कूल पहुंचने तक कई सारी दिक्कतें रास्ते में आती है। उन्होंने कहा कि गांव में रास्तों पर भूसे की ट्रॉली, चारे के ट्रॉली, गाड़ी फंसना, वाहन ना जाना, रास्ते में एक्सीडेंट होने पर रास्ता जाम होना समेत अन्य दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि कोई भी शिक्षक या शिक्षिकाएं देरी से नहीं पहुंचना चाहते, लेकिन रास्ते में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।


ये रहे मौजूद

विरोध प्रदर्शन के दौरान रविंद्र सिंह, लोकेश वशिष्ठ, जय गिरी गोस्वामी, रूपक राणा, अमित तोमर, कपिल तोमर, राम रतन, प्रीत वर्धन, शैलेंद्र, फरुख हसन, पंखूरी गर्ग, मनीषा निर्वाल, सुमन चौहान, क्षमा मित्तल, अनीता, मंजू, शालिनी, मीरा शर्मा, रूचि गर्ग, राजश्री शर्मा, विजयता चौधरी, दीपशिखा जैन. अनमोल सिंगला, शालिनी सिंह मौजूद रहीं।
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