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भाकियू और प्रशासन के बीच वार्ता विफल
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नुमाईश कैम्प में विद्युत अधीक्षण अभियन्ता कार्यालय पर भाकियू के धरना पर वार्ता करते अधिकारी।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
भाकियू और प्रशासन के बीच वार्ता विफल
मुजफ्फरनगर। भाकियू और प्रशासन के बीच चली वार्ता विफल हो गई। धरना दूसरे दिन भी लगातार जारी रहा। भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि सरकारी भवनों में बिजली स्वीकृत लोड से ज्यादा प्रयोग हो रही है। उन्होंने कहा कि विद्युत निगम के अधिकारी बताएं कि डीएम और एसएसपी के ऑफिस पर कितनी बार छापा मारा गया। अफसरों के कार्यालयों और दफ्तरों पर कितनी बार छापा मारा गया। विभाग के भ्रष्ट कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होने और गन्ना भुगतान होने तक धरना जारी रहेगा।
बृहस्पतिवार को नुमाइश कैंप बिजलीघर पर एसई दफ्तर पर चल रहा भारतीय किसान यूनियन का धरना दूसरे दिन भी जारी रहा। भाकियू नेताओं और प्रशासन के बीच चली दो घंटे की वार्ता विफल हो गई। वार्ता में प्रशासन की ओर से एडीएम प्रशासन अमित सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट अभिषेक श्रीवास्तव, डीसीओ आरडी द्विवेदी, विद्युत निगम के तीनों एसई और एक्सईएन मौजूद रहे। शाम के समय चली वार्ता में प्रशासन ने गन्ना भुगतान 15 दिन में करने और भ्रष्ट बिजली कर्मचारियों पर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। भाकियू नेताओं ने तत्काल गन्ना भुगतान की मांग की। इसके बाद वार्ता विफल हो गई। धरने पर आए किसानों को संबोधित करते हुए भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि यहां से प्रारंभ हुआ किसानों का धरना पूरे प्रदेश में चलेगा। मुख्यमंत्री ने 20 अक्तूबर तक समस्त भुगतान की घोषणा की थी, लेकिन अभी भी किसानों का जिले में 500 करोड़ बकाया है। जब तक किसानों का भुगतान और विद्युत निगम के भ्रष्ट कर्मचारियों पर कार्रवाई नहीं होती धरना चलता रहेगा। उन्होंने कहा कि अफसरों को छूट और आम जनता पर कार्रवाई बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन के खिलाफ आरपार की लड़ाई होगी। मंडल महासचिव राजू अहलावत ने कहा कि जिस मिल पर किसानों का बकाया है उस मिल क्षेत्र के किसानों से वसूली नहीं की जानी चाहिए। विद्युत निगम के अफसर अपने कर्मचारियों पर लगाम लगाने में विफल हैं। धरने को जिलाध्यक्ष धीरज लाटियान, नगीना सिंह, योगेश शर्मा, चांदबीर आदि ने संबोधित किया।
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मुजफ्फरनगर। भाकियू और प्रशासन के बीच चली वार्ता विफल हो गई। धरना दूसरे दिन भी लगातार जारी रहा। भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि सरकारी भवनों में बिजली स्वीकृत लोड से ज्यादा प्रयोग हो रही है। उन्होंने कहा कि विद्युत निगम के अधिकारी बताएं कि डीएम और एसएसपी के ऑफिस पर कितनी बार छापा मारा गया। अफसरों के कार्यालयों और दफ्तरों पर कितनी बार छापा मारा गया। विभाग के भ्रष्ट कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होने और गन्ना भुगतान होने तक धरना जारी रहेगा।
बृहस्पतिवार को नुमाइश कैंप बिजलीघर पर एसई दफ्तर पर चल रहा भारतीय किसान यूनियन का धरना दूसरे दिन भी जारी रहा। भाकियू नेताओं और प्रशासन के बीच चली दो घंटे की वार्ता विफल हो गई। वार्ता में प्रशासन की ओर से एडीएम प्रशासन अमित सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट अभिषेक श्रीवास्तव, डीसीओ आरडी द्विवेदी, विद्युत निगम के तीनों एसई और एक्सईएन मौजूद रहे। शाम के समय चली वार्ता में प्रशासन ने गन्ना भुगतान 15 दिन में करने और भ्रष्ट बिजली कर्मचारियों पर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। भाकियू नेताओं ने तत्काल गन्ना भुगतान की मांग की। इसके बाद वार्ता विफल हो गई। धरने पर आए किसानों को संबोधित करते हुए भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि यहां से प्रारंभ हुआ किसानों का धरना पूरे प्रदेश में चलेगा। मुख्यमंत्री ने 20 अक्तूबर तक समस्त भुगतान की घोषणा की थी, लेकिन अभी भी किसानों का जिले में 500 करोड़ बकाया है। जब तक किसानों का भुगतान और विद्युत निगम के भ्रष्ट कर्मचारियों पर कार्रवाई नहीं होती धरना चलता रहेगा। उन्होंने कहा कि अफसरों को छूट और आम जनता पर कार्रवाई बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन के खिलाफ आरपार की लड़ाई होगी। मंडल महासचिव राजू अहलावत ने कहा कि जिस मिल पर किसानों का बकाया है उस मिल क्षेत्र के किसानों से वसूली नहीं की जानी चाहिए। विद्युत निगम के अफसर अपने कर्मचारियों पर लगाम लगाने में विफल हैं। धरने को जिलाध्यक्ष धीरज लाटियान, नगीना सिंह, योगेश शर्मा, चांदबीर आदि ने संबोधित किया।
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