{"_id":"5fad7e7b8ebc3e9c02168925","slug":"take-good-care-of-newborn-make-childhood-happy-muzaffarnagar-news-mrt5108008100","type":"story","status":"publish","title_hn":"नवजात की सही देखभाल बनाए बचपन खुशहाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नवजात की सही देखभाल बनाए बचपन खुशहाल
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नवजात की सही देखभाल बनाए बचपन खुशहाल
मुजफ्फरनगर। नवजात की समुचित देखभाल उसके बचपन को खुशहाल बनाने के लिए बहुत ही जरूरी होती है। इसके अलावा शिशु मृत्यु दर को भी कम करने में इसकी बड़ी भूमिका है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रदेश में 15 से 21 नवंबर तक नवजात शिशु देखभाल सप्ताह मनाया जाएगा।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन-उत्तर प्रदेश की मिशन निदेशक अपर्णा उपाध्याय ने सूबे के सभी सीएमओ को जारी पत्र में नवजात शिशु देखभाल सप्ताह की प्रमुख गतिविधियों और जागरूकता कार्यक्रमों के बारे में जरूरी दिशा-निर्देश जारी किया है। सीएमओ डॉ प्रवीण चोपड़ा ने बताया कि सप्ताह के दौरान जनसामान्य को नवजात शिशु स्वास्थ्य के साथ बेहतर देखभाल के बारे में जागरूक किया जाएगा। कंगारू मदर केयर और स्तनपान को बढ़ावा देने के साथ ही बीमार नवजात शिशुओं की पहचान के बारे में भी जागरूक किया जाएगा। इसके अलावा सरकार द्वारा चलाए जा रहे बाल स्वास्थ्य कार्यक्रमों के बारे में भी सभी को अवगत कराया जाएगा। इस दिशा में स्वैच्छिक संस्थाओं की भी मदद ली जाएगी, ताकि शिशु मृत्यु दर में कमी लाई जा सके। सीएमओ ने बताया कि नवजात शिशु की आवश्यक देखभाल के लिए जरूरी है कि प्रसव चिकित्सालय में ही कराएं। प्रसव के बाद 48 घंटे तक मां एवं शिशु की उचित देखभाल के लिए चिकित्सालय में रुकें। जन्म के तुरंत बाद नवजात का वजन लें और विटामिन के का इंजेक्शन लगवाएं। बच्चों की सेहत के लिए नियमित और संपूर्ण टीकाकरण जरूरी है।
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर। नवजात की समुचित देखभाल उसके बचपन को खुशहाल बनाने के लिए बहुत ही जरूरी होती है। इसके अलावा शिशु मृत्यु दर को भी कम करने में इसकी बड़ी भूमिका है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रदेश में 15 से 21 नवंबर तक नवजात शिशु देखभाल सप्ताह मनाया जाएगा।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन-उत्तर प्रदेश की मिशन निदेशक अपर्णा उपाध्याय ने सूबे के सभी सीएमओ को जारी पत्र में नवजात शिशु देखभाल सप्ताह की प्रमुख गतिविधियों और जागरूकता कार्यक्रमों के बारे में जरूरी दिशा-निर्देश जारी किया है। सीएमओ डॉ प्रवीण चोपड़ा ने बताया कि सप्ताह के दौरान जनसामान्य को नवजात शिशु स्वास्थ्य के साथ बेहतर देखभाल के बारे में जागरूक किया जाएगा। कंगारू मदर केयर और स्तनपान को बढ़ावा देने के साथ ही बीमार नवजात शिशुओं की पहचान के बारे में भी जागरूक किया जाएगा। इसके अलावा सरकार द्वारा चलाए जा रहे बाल स्वास्थ्य कार्यक्रमों के बारे में भी सभी को अवगत कराया जाएगा। इस दिशा में स्वैच्छिक संस्थाओं की भी मदद ली जाएगी, ताकि शिशु मृत्यु दर में कमी लाई जा सके। सीएमओ ने बताया कि नवजात शिशु की आवश्यक देखभाल के लिए जरूरी है कि प्रसव चिकित्सालय में ही कराएं। प्रसव के बाद 48 घंटे तक मां एवं शिशु की उचित देखभाल के लिए चिकित्सालय में रुकें। जन्म के तुरंत बाद नवजात का वजन लें और विटामिन के का इंजेक्शन लगवाएं। बच्चों की सेहत के लिए नियमित और संपूर्ण टीकाकरण जरूरी है।
विज्ञापन