{"_id":"6a97295567069579c008105f","slug":"swine-flu-two-patients-untraceable-fever-desk-opened-in-hospital-muzaffarnagar-news-c-29-1-mng1005-179576-2026-09-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्वाइन फ्लू : दो मरीज ट्रेस नहीं, अस्पताल में शुरू हुई फीवर डेस्क","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्वाइन फ्लू : दो मरीज ट्रेस नहीं, अस्पताल में शुरू हुई फीवर डेस्क
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर। स्वाइन फ्लू को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर है। जनपद में 10 मरीजों में फ्लू की पुष्टि होने के बाद स्वामी कल्याण देव जिला चिकित्सालय में फीवर डेस्क संचालित कर दी गई है। नजला-खांसी के मरीजों के परामर्श के लिए निर्धारित की गई चिकित्सालय की ओपीडी नंबर तीन मंगलवार को खाली पड़ी रही। उधर, स्वाइन फ्लू के दो मरीजों से संपर्क नहीं हो पा रहा है।
सीएमओ डॉ. सुनील तेवतिया की ओर से सभी सीएचसी और पीएचसी को अलर्ट मोड पर रखते हुए स्वाइन फ्लू पीड़ितों के लिए 20 बेड आरक्षित किए गए हैं। जिला चिकित्सालय ब्लड बैंक के समीप स्वाइन फ्लू की जांच की व्यवस्था की जा रही है।
जिला चिकित्सालय के सीएमएस डॉ. संजय वर्मा ने बताया कि फ्लू के संभावित संक्रमण पर अंकुश लगाने और मरीजों का परीक्षण समय पर उपचार शुरू करने के लिए आपातकालीन कक्ष के समीप फीवर डेस्क स्थापित की गई है। जहां डॉ. असजद की तैनाती करते हुए प्रभावितों का उपचार शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन
-स्वाइन फ्लू के आठ मरीजों का फॉलोअप, दो नहीं मिले
जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. विक्रांत तेवतिया ने बताया कि स्वाइन फ्लू पॉजिटिव पाए जनपद के 10 में से आठ मरीजों का फॉलोअप किया जा रहा है। सभी मरीजों का अन्य अस्पतालों में उपचार चल रहा है। उनके स्वास्थ्य में भी निरंतर सुधार हो रहा है, वहीं दो मरीजों का पता नहीं लगाया जा सका। बताया कि मेरठ से प्राप्त जानकारी के आधार पर पॉजिटिव मरीजों का फॉलोअप किया जा रहा है।
-लोगों को नजला-खांसी और बुखार कर रहा परेशान
जिला चिकित्सालय में नजला-खांसी और बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ रही है। मरीजों के परामर्श के लिए ओपीडी तीन का निर्धारण किए जाने के बावजूद अधिकतर मरीज वहां नहीं पहुंचे। ओपीडी नंबर एक से परामर्श लिया। सीएमएस डॉ. संजय वर्मा का कहना है कि इंफेक्शन चल रहा है लेकिन किसी भी मरीज को जबरन अलग-अलग ओपीडी में नहीं भेजा जा सकता।
--
इन्होंने कहा
कई दिन से नजला-खांसी की समस्या है। चिकित्सक को दिखाने के लिए अस्पताल पहुंचे हैं। शुरू से ही ओपीडी संख्या एक में दिखाते आ रहे हैं, इसलिए आज भी वहीं से परामर्श लिया।
बालकृष्ण, मरीज
-- -
उपचार के लिए बेटी के घर आई हूं। कई दिन से बुखार परेशान कर रहा है। पंजीकरण पर्ची बनवाते समय बताया गया था कि ओपीडी नंबर तीन से परामर्श लेना लेकिन मैं पहले से ही दूसरे चिकित्सक को दिखाती आई हूं।
फिरदौस, मरीज
--
विज्ञापन
सीएमओ डॉ. सुनील तेवतिया की ओर से सभी सीएचसी और पीएचसी को अलर्ट मोड पर रखते हुए स्वाइन फ्लू पीड़ितों के लिए 20 बेड आरक्षित किए गए हैं। जिला चिकित्सालय ब्लड बैंक के समीप स्वाइन फ्लू की जांच की व्यवस्था की जा रही है।
विज्ञापन
जिला चिकित्सालय के सीएमएस डॉ. संजय वर्मा ने बताया कि फ्लू के संभावित संक्रमण पर अंकुश लगाने और मरीजों का परीक्षण समय पर उपचार शुरू करने के लिए आपातकालीन कक्ष के समीप फीवर डेस्क स्थापित की गई है। जहां डॉ. असजद की तैनाती करते हुए प्रभावितों का उपचार शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन
-स्वाइन फ्लू के आठ मरीजों का फॉलोअप, दो नहीं मिले
जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. विक्रांत तेवतिया ने बताया कि स्वाइन फ्लू पॉजिटिव पाए जनपद के 10 में से आठ मरीजों का फॉलोअप किया जा रहा है। सभी मरीजों का अन्य अस्पतालों में उपचार चल रहा है। उनके स्वास्थ्य में भी निरंतर सुधार हो रहा है, वहीं दो मरीजों का पता नहीं लगाया जा सका। बताया कि मेरठ से प्राप्त जानकारी के आधार पर पॉजिटिव मरीजों का फॉलोअप किया जा रहा है।
-लोगों को नजला-खांसी और बुखार कर रहा परेशान
जिला चिकित्सालय में नजला-खांसी और बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ रही है। मरीजों के परामर्श के लिए ओपीडी तीन का निर्धारण किए जाने के बावजूद अधिकतर मरीज वहां नहीं पहुंचे। ओपीडी नंबर एक से परामर्श लिया। सीएमएस डॉ. संजय वर्मा का कहना है कि इंफेक्शन चल रहा है लेकिन किसी भी मरीज को जबरन अलग-अलग ओपीडी में नहीं भेजा जा सकता।
इन्होंने कहा
कई दिन से नजला-खांसी की समस्या है। चिकित्सक को दिखाने के लिए अस्पताल पहुंचे हैं। शुरू से ही ओपीडी संख्या एक में दिखाते आ रहे हैं, इसलिए आज भी वहीं से परामर्श लिया।
बालकृष्ण, मरीज
उपचार के लिए बेटी के घर आई हूं। कई दिन से बुखार परेशान कर रहा है। पंजीकरण पर्ची बनवाते समय बताया गया था कि ओपीडी नंबर तीन से परामर्श लेना लेकिन मैं पहले से ही दूसरे चिकित्सक को दिखाती आई हूं।
फिरदौस, मरीज