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स्वतंत्रता सेनानी रमेशचंद पंचतत्व में विलीन

Sun, 20 Sep 2015 12:35 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
ब्यूरो/ अमर उजाला, मुजफ्फरनगर Updated Sun, 20 Sep 2015 12:35 AM IST
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 Svatantrat? s?n?n? k? nidhana
मुजफ्फरनगर। 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन में अंग्रेजों के छक्के छुड़ा देने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानी रमेशचंद एडवोकेट का शनिवार सुबह छह बजे निधन हो गया। वह 93 वर्ष के थे।
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अंतिम यात्रा से पहले उनका शव तिरंगे में लपेटा गया, जिला प्रशासन की ओर से पुष्प चक्र चढ़ाया गया। नई मंडी स्थित श्मशान घाट में गार्ड ऑफ ऑनर के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।
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देश की आजादी के हीरो रहे रमेशचंद गोयल को देशभक्ति विरासत में मिली थी। उनके पिता ज्योतिप्रसाद और बाबा बलीमल भी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे। यही नहीं उनके ससुर उग्रसेन सर्राफ भी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे। जेल में हुई मुलाकात के बाद ही उनका रिश्ता तय हुआ था।
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आजादी की लड़ाई में भाग लेने के कारण अंग्रेजों ने रमेशचंद गोयल को दो साल जेल में रखा। वह जिले के एक सफल अधिवक्ता थे। वकालत के क्षेत्र में उनकी अपनी अलग पहचान थी।

 रमेशचंद गोयल जिला बार के सेक्रेट्री भी रहे। उनकी पत्नी निर्मला देेवी का चार वर्ष पूर्व निधन हो गया था, तब से वह टूट गए थे। दो पुत्रों में से एक दीपक गोयल का भी कुछ वर्ष पूर्व निधन हो गया था।

रमेशचंद्र गोयल ने शनिवार सुबह अंतिम सांस ली। कुछ दिन से उनकी तबीयत ठीक नहीं थी। वह 93 वर्ष के थे। स्वतंत्रता सेनानी की मौत से अधिकारी सुबह ही उनके आवास पर पहुंच गए। तहसीलदार रजनीकांत ने स्वतंत्रता सेनानियों के परिवार को मिलने वाली राशि भेंट की।

 अंतिम यात्रा से पहले रमेशचंद का शव तिरंगे झंडे में लपेटा गया। प्रशासन की ओर से सिटी मजिस्ट्रेट राजेंद्र सिंह ने पुष्प चक्र चढ़ाया। इसके बाद श्मशान घाट में गार्ड ऑफ ऑनर के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। गार्ड आफॅ ऑनर के दौरान सीओ सिटी जोगेंद्र लाल, सीओ अरुण कुमार सिंह, एसओ चंद्रकिरण यादव मौजूद रहे।

रमेशचंद की अंतिम यात्रा में जिला बार संघ अध्यक्ष अनूप सिंह, पूर्व अध्यक्ष प्रमोद त्यागी, राजेंद्र शर्मा, जयप्रकाश आजाद, राजेश्वर त्यागी, अधिवक्ता सुरेंद्र मलिक, तेगबहादुर सैनी, राजेंद्र गर्ग, ज्ञान कुमार अनिल जिंदल, राजकुमार गर्ग, डॉ. एमके बंसल, डॉ. गिरीश, राजीव गर्ग, डॉ. विनीता जैन, निधीश कुमार आदि मौजूद रहे।


जिले में रह गए हैं दो स्वतंत्रता सेनानी
मुजफ्फरनगर। जिले में केवल तीन ही स्वतंत्रता सेनानी बचे हुए थे। रमेशचंद गोयल की मृत्यु के बाद केवल दो ही बचे हैं। इनमें बरवाला के रघुवीर सिंह और बड़कली के ज्योति प्रसाद शामिल हैं। इन दोनो की आयु भी 90 वर्ष से ऊपर है।
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