{"_id":"61896b5dedbe83498f509aa0","slug":"sushil-moustache-surrendered-court-sent-him-to-jail-muzaffarnagar-news-mrt5640298108","type":"story","status":"publish","title_hn":"सुशील मूंछ ने किया सरेंडर, अदालत ने भेजा जेल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सुशील मूंछ ने किया सरेंडर, अदालत ने भेजा जेल
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर की कोर्ट में सरेडर के बाद सुशील मूंछ को जेल ले जाती पुलिस।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुजफ्फरनगर। भोपा और सिविल लाइंस थाने में दर्ज हुए अलग-अलग मुकदमों में गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद कुख्यात माफिया व गैंगेस्टर सुशील मूंछ ने सोमवार को विशेष गैंगस्टर कोर्ट पहुंचकर सरेंडर कर दिया। अदालत ने कुख्यात को 18 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
भोपा थाना पुलिस ने 26 फरवरी 2003 को एक शराब ठेके से भारी मात्रा में हरियाणा निर्मित अवैध शराब बरामद की थी। मौके से दो सेल्समैनों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। इसके दो दिन बाद थाना पुलिस ने इसी मामले में गांव मथेड़ी निवासी कुख्यात माफिया सुशील मूंछ, वर्तमान ब्लॉक प्रमुख मोरना अनिल राठी, ब्रजपाल, गांव करहेड़ा निवासी राजीव व ब्रह्मपाल, गांव बेहड़ा सादात निवासी उदयवीर, रामपुर तिराहा निवासी राजेंद्र व नेपाल के जनपद लुंबिनी निवासी किशन को भी आरोपी बनाते हुए उनके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की थी। इस पर सभी आरोपियों ने हाईकोर्ट से गिरफ्तारी पर स्टे ले लिया था।
करीब एक साल पूर्व स्टे अवधि खत्म होने पर गैंगस्टर कोर्ट ने सभी आरोपियों के समन जारी कर दिए थे, जिसके बाद ब्लॉक प्रमुख अनिल राठी समेत छह आरोपियों ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। अन्य आरोपियों के खिलाफ कोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी किए थे। बाद में इसमें सुशील मूंछ के खिलाफ कुर्की वारंट भी जारी कर दिए गए थे।
विज्ञापन
बचाव पक्ष के अधिवक्ता मनमोहन शर्मा ने बताया कि इसके अलावा, सिविल लाइंस थाने में वर्ष 1998 में कुख्यात बदमाश नफीस कालिया पर हुए कातिलाना हमले और वर्ष 2002 में हुए हसीन हत्याकांड के मामले में भी सुशील मूंछ व गांव ढिंढावली निवासी कंवरपाल समेत अन्य के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई थी। इस मामले में भी आरोपियों द्वारा हाईकोर्ट से दिया गया गिरफ्तारी स्टे ले लिया गया था, जिसके खत्म होने पर विशेष गैंगस्टर एक्ट ने गैर जमानती वारंट जारी कर दिए थे। तीनों मामलों में सुशील मूंछ व हसीन हत्याकांड में कंवरपाल ने सोमवार को विशेष गैंगस्टर कोर्ट में न्यायाधीश राधेश्याम यादव के समक्ष सरेंडर कर दिया। न्यायाधीश ने दोनों आरोपियों को 18 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
दो मामलों में बरी हो चुका है सुशील मूंछ
कुख्यात माफिया सुशील मूंछ के अधिवक्ता मनमोहन शर्मा ने बताया कि सिविल लाइंस थाने में वर्ष 1998 में दर्ज हुए कुख्यात बदमाश नफीस कालिया पर हुए कातिलाना हमले और वर्ष 2002 में दर्ज हुए हसीन हत्याकांड के मामलों में सुशील मूंछ बरी हो चुका है। गैंगेस्टर के अलावा भोपा थाने में वर्ष 2003 में दर्ज हुआ अवैध शराब का मुकदमा अभी कोर्ट में विचाराधीन है।
अभी भी दर्ज हैं आधा दर्जन से अधिक मुकदमे
सुशील मूंछ पर दर्ज हुए मुकदमों की फेरहिस्त काफी लंबी है, लेकिन इनमें से अधिकांश में वह बरी हो चुका है। हालांकि अभी भी उसके खिलाफ विभिन्न जनपदों व थानों में आधा दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। इनमें नई मंडी थाना क्षेत्र के अंकित विहार में हुए चर्चित चीकू हत्याकांड और मेरठ के परतापुर थाना क्षेत्र के गांव सोहरखा में हुए दोहरे हत्याकांड जैसे मुकदमे भी शामिल हैं। इन दोनों मुकदमों में उसके खिलाफ आपराधिक साजिश रचने के आरोप हैं। संवाद
विज्ञापन
भोपा थाना पुलिस ने 26 फरवरी 2003 को एक शराब ठेके से भारी मात्रा में हरियाणा निर्मित अवैध शराब बरामद की थी। मौके से दो सेल्समैनों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। इसके दो दिन बाद थाना पुलिस ने इसी मामले में गांव मथेड़ी निवासी कुख्यात माफिया सुशील मूंछ, वर्तमान ब्लॉक प्रमुख मोरना अनिल राठी, ब्रजपाल, गांव करहेड़ा निवासी राजीव व ब्रह्मपाल, गांव बेहड़ा सादात निवासी उदयवीर, रामपुर तिराहा निवासी राजेंद्र व नेपाल के जनपद लुंबिनी निवासी किशन को भी आरोपी बनाते हुए उनके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की थी। इस पर सभी आरोपियों ने हाईकोर्ट से गिरफ्तारी पर स्टे ले लिया था।
विज्ञापन
करीब एक साल पूर्व स्टे अवधि खत्म होने पर गैंगस्टर कोर्ट ने सभी आरोपियों के समन जारी कर दिए थे, जिसके बाद ब्लॉक प्रमुख अनिल राठी समेत छह आरोपियों ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। अन्य आरोपियों के खिलाफ कोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी किए थे। बाद में इसमें सुशील मूंछ के खिलाफ कुर्की वारंट भी जारी कर दिए गए थे।
विज्ञापन
बचाव पक्ष के अधिवक्ता मनमोहन शर्मा ने बताया कि इसके अलावा, सिविल लाइंस थाने में वर्ष 1998 में कुख्यात बदमाश नफीस कालिया पर हुए कातिलाना हमले और वर्ष 2002 में हुए हसीन हत्याकांड के मामले में भी सुशील मूंछ व गांव ढिंढावली निवासी कंवरपाल समेत अन्य के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई थी। इस मामले में भी आरोपियों द्वारा हाईकोर्ट से दिया गया गिरफ्तारी स्टे ले लिया गया था, जिसके खत्म होने पर विशेष गैंगस्टर एक्ट ने गैर जमानती वारंट जारी कर दिए थे। तीनों मामलों में सुशील मूंछ व हसीन हत्याकांड में कंवरपाल ने सोमवार को विशेष गैंगस्टर कोर्ट में न्यायाधीश राधेश्याम यादव के समक्ष सरेंडर कर दिया। न्यायाधीश ने दोनों आरोपियों को 18 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
दो मामलों में बरी हो चुका है सुशील मूंछ
कुख्यात माफिया सुशील मूंछ के अधिवक्ता मनमोहन शर्मा ने बताया कि सिविल लाइंस थाने में वर्ष 1998 में दर्ज हुए कुख्यात बदमाश नफीस कालिया पर हुए कातिलाना हमले और वर्ष 2002 में दर्ज हुए हसीन हत्याकांड के मामलों में सुशील मूंछ बरी हो चुका है। गैंगेस्टर के अलावा भोपा थाने में वर्ष 2003 में दर्ज हुआ अवैध शराब का मुकदमा अभी कोर्ट में विचाराधीन है।
अभी भी दर्ज हैं आधा दर्जन से अधिक मुकदमे
सुशील मूंछ पर दर्ज हुए मुकदमों की फेरहिस्त काफी लंबी है, लेकिन इनमें से अधिकांश में वह बरी हो चुका है। हालांकि अभी भी उसके खिलाफ विभिन्न जनपदों व थानों में आधा दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। इनमें नई मंडी थाना क्षेत्र के अंकित विहार में हुए चर्चित चीकू हत्याकांड और मेरठ के परतापुर थाना क्षेत्र के गांव सोहरखा में हुए दोहरे हत्याकांड जैसे मुकदमे भी शामिल हैं। इन दोनों मुकदमों में उसके खिलाफ आपराधिक साजिश रचने के आरोप हैं। संवाद