{"_id":"5e629c5f8ebc3eebc817fb2a","slug":"sugarcane-root-mildew-crop-threat-muzaffarnagar-news-mrt472538370","type":"story","status":"publish","title_hn":"गन्ने की जड़ में लगी फफूंदी, फसल को खतरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गन्ने की जड़ में लगी फफूंदी, फसल को खतरा
विज्ञापन
बुढ़ाना। कस्बा व देहात क्षेत्र में तेज हवा के साथ हुई बारिश से गेहूं और सरसों की फसल में सबसे अधिक नुकसान हुआ। बारिश ने सब्जी के सारे फसल चक्र को बिगाड़ दिया। जिससे सब्जी उत्पादक और किसान बेहद परेशान हैं। किसान की कटी हुई गन्ने की फसल की जड़ में फफूंदी लग गई है। जिससे किसान को आगामी गन्ने की फसल का भी खतरा पैदा हो गया है।
गांव गढ़ीसखावतपुर, जौला, विज्ञाना, कुरालसी, परासौली, जोगियाखेड़ा, खेडामस्तान, करौदा महाजन, फुगाना, खरड़ आदि गांवों में बारिश के साथ आई तेज हवा से सरसों और गेहूं की फसल गिरने से अधिक नुकसान हुआ। किसान मुुकेश मलिक, चौधरी थाम सिंह फुगाना गांव परासौली निवासी रणजीत सिंह सैनी व धर्मपाल सैनी, सेवानिवृत्त अपर जिला कृषि अधिकारी रामनिवास सहरावत गढ़ी सखावतपुर, गढ़ी नौआबाद निवासी अनुज बालियान, गांव वैल्ली निवासी संजीव कुमार आदि किसानों ने बताया कि उनकी गेहूं व सरसों की फसल में 30 से 40 प्रतिशत तक नुकसान हो गया है। किसानों ने बताया कि गन्ने की फसल की कटाई होने वाले खेतो में गन्ने की जड़ में वर्षा के कारण फफूंदी लग गई है। खेतों में गन्ने की पत्तियां फैली हुई हैं। जिस कारण कटी हुई फसल की जड़ो में धूप व हवा नहीं पहुंचती। बारिश के कारण जड़ में फफूंदी लग गई है। जिस कारण गन्ने की आगामी फसल को खतरा पैदा हो गया है। इस वर्ष बारिश व पर्ची कम आने के कारण किसानों की गेंहू की बुआई का रकबा वैसे भी घटा हुआ है। बारिश के कारण गेहूं की अगेती फसल गिरने से किसान परेशान है। सब्जी उत्पादक किसानों का कहना है कि सब्जी में भिंडी, तुरई, लोकी, करेला व खीरा कि अगेती फसल का बारिश ने गणित बिगाड़ दिया है।
-------------
किसान व सब्जी उत्पादक दोनो को भारी नुकसान
बुढ़ाना। सर्दी के मौसम में इस वर्ष अचानक बारिश होने के कारण फसल चक्र खराब हो गया है। किसान अपनी गेहूं की फसल की बुआई कर पाने में असमर्थ रहे। बारिश होने के कारण गन्ने के खेत खाली नहीं हो सकेे। कस्बा तथा देहात क्षेत्र में इस वर्ष गेहूं की बुआई का रकबा काफी कम हुआ है। ऊपर से बारिश के कारण हुए नुकसान को लेकर किसान परेशान है। कुछ किसान सब्जी की अगेती फसलों की बुआई करके अपने नुकसान की भरपाई कर लेते थे। बाजार में अगेती सब्जी अच्छे दामों पर बिक जाती है। बारिश ने सब्जी उत्पादकों के अरमानों पर भी पानी फेर दिया। दूसरी ओर गेहूं व गन्ने की फसल भी बर्बादी के कगार पर है।
विज्ञापन
विज्ञापन
गांव गढ़ीसखावतपुर, जौला, विज्ञाना, कुरालसी, परासौली, जोगियाखेड़ा, खेडामस्तान, करौदा महाजन, फुगाना, खरड़ आदि गांवों में बारिश के साथ आई तेज हवा से सरसों और गेहूं की फसल गिरने से अधिक नुकसान हुआ। किसान मुुकेश मलिक, चौधरी थाम सिंह फुगाना गांव परासौली निवासी रणजीत सिंह सैनी व धर्मपाल सैनी, सेवानिवृत्त अपर जिला कृषि अधिकारी रामनिवास सहरावत गढ़ी सखावतपुर, गढ़ी नौआबाद निवासी अनुज बालियान, गांव वैल्ली निवासी संजीव कुमार आदि किसानों ने बताया कि उनकी गेहूं व सरसों की फसल में 30 से 40 प्रतिशत तक नुकसान हो गया है। किसानों ने बताया कि गन्ने की फसल की कटाई होने वाले खेतो में गन्ने की जड़ में वर्षा के कारण फफूंदी लग गई है। खेतों में गन्ने की पत्तियां फैली हुई हैं। जिस कारण कटी हुई फसल की जड़ो में धूप व हवा नहीं पहुंचती। बारिश के कारण जड़ में फफूंदी लग गई है। जिस कारण गन्ने की आगामी फसल को खतरा पैदा हो गया है। इस वर्ष बारिश व पर्ची कम आने के कारण किसानों की गेंहू की बुआई का रकबा वैसे भी घटा हुआ है। बारिश के कारण गेहूं की अगेती फसल गिरने से किसान परेशान है। सब्जी उत्पादक किसानों का कहना है कि सब्जी में भिंडी, तुरई, लोकी, करेला व खीरा कि अगेती फसल का बारिश ने गणित बिगाड़ दिया है।
विज्ञापन
-------------
किसान व सब्जी उत्पादक दोनो को भारी नुकसान
बुढ़ाना। सर्दी के मौसम में इस वर्ष अचानक बारिश होने के कारण फसल चक्र खराब हो गया है। किसान अपनी गेहूं की फसल की बुआई कर पाने में असमर्थ रहे। बारिश होने के कारण गन्ने के खेत खाली नहीं हो सकेे। कस्बा तथा देहात क्षेत्र में इस वर्ष गेहूं की बुआई का रकबा काफी कम हुआ है। ऊपर से बारिश के कारण हुए नुकसान को लेकर किसान परेशान है। कुछ किसान सब्जी की अगेती फसलों की बुआई करके अपने नुकसान की भरपाई कर लेते थे। बाजार में अगेती सब्जी अच्छे दामों पर बिक जाती है। बारिश ने सब्जी उत्पादकों के अरमानों पर भी पानी फेर दिया। दूसरी ओर गेहूं व गन्ने की फसल भी बर्बादी के कगार पर है।
विज्ञापन