{"_id":"5a42975f4f1c1b96368b6e54","slug":"sugar-mills-will-not-stop-on-ganga-bath","type":"story","status":"publish","title_hn":"गंगा स्नान के दिन बंद नहीं होंगी शुगर मिलें, पेपर मिल्स और डिस्टलरी को राहत नहीं ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गंगा स्नान के दिन बंद नहीं होंगी शुगर मिलें, पेपर मिल्स और डिस्टलरी को राहत नहीं
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Wed, 27 Dec 2017 12:09 AM IST
विज्ञापन
चीनी मिल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इलाहाबाद के माघ मेले के लिए शुगर मिलों को राहत मिल गई है। गंगा स्नान की तिथियों पर शुगर यूनिट बंद नहीं की जाएंगी। पेपर मिल्स और डिस्टलरी को कोई छूट नहीं दी गई है। मंगलवार से प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने शुक्रताल में गंगाजल की जांच के साथ भोपा रोड पर इंडस्ट्रियों से निकलने वाले दूषित जल की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने कहा कि जनसहभागिता के बल पर नदियों को स्वच्छ किया जा सकता है।
दिसंबर से फरवरी तक शुगर मिलों में पेराई का पीक समय रहता है, जिसके चलते बड़ी संख्या में किसान मिलों में गन्ना डालते हैं। एक दिन के लिए भी यूनिट बंद करना मिल प्रशासन के लिए मुश्किल खड़ी कर सकता है। पेराई सत्र को बीच में रोकना कठिन है।
इससे चलते मिल प्रशासन ने बोर्ड से संपर्क किया। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नए फरमान में शुगर मिलों को राहत मिल गई है। जनपद में खतौली शुगर मिल, तितावी शुगर मिल, रोहाना चीनी मिल, मोरना, खाईखेड़ी, मंसूरपुर, बुुढ़ाना, टिकौला शुगर मिल को राहत मिली है। माघ मेले में स्नान की तिथियों पर शुगर मिलें बंद नहीं रहेंगी, जबकि जनपद की पेपर मिल्स और डिस्टलरी को बंद रखा जाएगा।
विज्ञापन
वहीं, मंगलवार से प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने भोपा रोड की इंडस्ट्रियों में प्रदूषण की जांच शुरू कर दी है। फैक्ट्रियों से निकलने वाले दूषित जल की जांच-पड़ताल की जाएगी। मानक पूरे नहीं करने वाली औद्योगिक इकाईयों पर कार्रवाई होगी। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी विवेक राय ने बताया कि माघ मेले को लेकर जांच-पड़ताल शुरू कर दी गई है। इसके लिए औद्योगिक इकाईयों में जल प्रदूषण और शुक्रताल में गंगा के जल के नमूनों की जांच की जाएगी। इसके बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी। अधिकारियों के आदेश पर ही कार्रवाई होगी।
विज्ञापन
दिसंबर से फरवरी तक शुगर मिलों में पेराई का पीक समय रहता है, जिसके चलते बड़ी संख्या में किसान मिलों में गन्ना डालते हैं। एक दिन के लिए भी यूनिट बंद करना मिल प्रशासन के लिए मुश्किल खड़ी कर सकता है। पेराई सत्र को बीच में रोकना कठिन है।
विज्ञापन
इससे चलते मिल प्रशासन ने बोर्ड से संपर्क किया। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नए फरमान में शुगर मिलों को राहत मिल गई है। जनपद में खतौली शुगर मिल, तितावी शुगर मिल, रोहाना चीनी मिल, मोरना, खाईखेड़ी, मंसूरपुर, बुुढ़ाना, टिकौला शुगर मिल को राहत मिली है। माघ मेले में स्नान की तिथियों पर शुगर मिलें बंद नहीं रहेंगी, जबकि जनपद की पेपर मिल्स और डिस्टलरी को बंद रखा जाएगा।
विज्ञापन
वहीं, मंगलवार से प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने भोपा रोड की इंडस्ट्रियों में प्रदूषण की जांच शुरू कर दी है। फैक्ट्रियों से निकलने वाले दूषित जल की जांच-पड़ताल की जाएगी। मानक पूरे नहीं करने वाली औद्योगिक इकाईयों पर कार्रवाई होगी। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी विवेक राय ने बताया कि माघ मेले को लेकर जांच-पड़ताल शुरू कर दी गई है। इसके लिए औद्योगिक इकाईयों में जल प्रदूषण और शुक्रताल में गंगा के जल के नमूनों की जांच की जाएगी। इसके बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी। अधिकारियों के आदेश पर ही कार्रवाई होगी।