फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   strike news

Muzaffarnagar News: प्रदूषण पर भाकियू नाराज, उद्यमियों ने दिया समाधान का भरोसा

Tue, 03 Feb 2026 12:45 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 03 Feb 2026 12:45 AM IST
विज्ञापन
strike news
मुजफ्फरनगर। लिगेसी वेस्ट जलाने और बिना ट्रीट किया दूषित जल भूमि में छोड़ने से पैदा होने वाले हालात को भाकियू ने गंभीर बताया। व्यवस्था में सुधार को लेकर किसान नेताओं और पेपर मिल संचालकों के बीच बैठक हुई। भाकियू राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने कहा कि वायु और जल प्रदूषण खतरनाक है। किसी भी सूरत में खेती-किसानी को बर्बाद नहीं होने देंगे।
विज्ञापन

किसानों ने जल एवं वायु प्रदूषण का मुद्दा उठाया तो उद्यमियों ने उनकी ओर से किए गए सुधार गिनाए। उद्यमियों ने व्यवस्था सुधार के लिए समय मांगा, जिस पर 16 अप्रैल को अगली बैठक के लिए सहमति बनी।
विज्ञापन

जिला पंचायत सभागार में एडीएम प्रशासन संजय कुमार की मौजूदगी में भाकियू नेताओं, ग्रामीणों और उद्यमियों की बैठक हुई।
किसानों व ग्रामीणों ने कहा कि एक माह में पांच से 10 प्रतिशत सुधार हुआ है। खेतों में दूषित जल छोड़ा जा रहा है, जबकि चिमनियों से काला धुआं निरंतर निकलता है। गांव मखियाली के यशोधन सिंह ने कहा कि प्रदूषण के कारण उसकी केले की फसल बर्बाद हो गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

कचरा और राख को हाईवे किनारे समेत खेतों के आसपास एकत्र किया जा रहा है। खाली ट्रकों, टैक्टर-ट्रालियों से राख उड़ती है। भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि खेत एवं फसल बर्बाद नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि वायु और जल प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए पेपर मिलोंं को आवश्यक प्रयास करने होंगे।
एडीएम प्रशासन संजय कुमार सिंह, एसपी सिटी सत्य नारायण प्रजापत,यूपी पेपर मिल एसोसिएशन के अध्यक्ष पंकज अग्रवाल, भाकियू जिलाध्यक्ष नवीन राठी, ओमपाल मलिक, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की अवर अभियंता संध्या शर्मा मौजूद रहीं।
-----------
पेपर मिल लगाएंगे जीरो लिक्विड डिस्चार्ज उपकरण


यूपी पेपर मिल एसोसिएशन के अध्यक्ष पंकज अग्रवाल, आइआइए के पूर्व चेयरमैन विपुल भटनागर ने कहा कि जल प्रदूषण की रोकथाम के लिए 11 पेपर मिलों में जीरो लिक्विड डिस्चार्ज (जेडएलडी) की व्यवस्था है, शेष में कराई जा रही है। उपकरण काफी महंगे पड़ते हैं। वहीं आनलाइन सतत प्रणाली निगरानी के उपकरण लगाए जा रहे हैं। वर्तमान में पेपर मिल मंदी की मार झेल रही हैं, जिसके चलते थोड़ा समय लग रहा है। सभी उपकरणों का वर्क आर्डर जारी हो चुका है, इनके लगने एवं संचालन में मार्च तक समय लगेगा।
-----------





बैठक में एक-दूसरे पक्ष पर टिप्पणी से गर्माया माहौल

बैठक के दौरान उद्यमियाें ने कहा कि कुछ ग्रामीण और आम व्यक्ति आरडीएफ के मामले में इंटरनेट मीडिया समेत विभिन्न माध्यम से व्यक्तिगत टिप्पणी कर रहे हैं। इसको लेकर उद्यमियों और किसानों के बीच नोकझोंक से माहौल गरमा गया। हंगामे के दौरान पंचायत भवन में पुलिस भी पहुंची। लेकिन एसपी सिटी और एडीएम प्रशासन ने दोनों पक्ष को शांत कराया।

-----------
मीटिंग में इन मुद्दा के क्रियान्वयन पर बनी सहमति
- 31 मार्च तक पेपर मिलों में ईपीएफ लगेंगे।
- साफ पानी को गांव में वाटर प्यूरीफायर लगेंगे।
- गांवों में स्वास्थ्य शिविरों का होगा आयोजन।
- फैक्टरी के बाहर सड़क समीप लगेंगी टायल्स।

क्या है मामला
जनपद में 30 से अधिक पेपर मिलों का संचालन हो रहा है। जिनमें 22 पेपर मिलों में टरबाईन से बिजली बनाई जा रही है। टरबाईन चलाने के लिए ब्वायलर में आरडीएफ जलाने की स्वीकृति ली गई है। लेकिन आरोप है कि आरडीएफ के स्थान पर एमएसडब्लू यानी पालिका का सोलिड वेस्ट जलाया जाता है। इन सब मुद्दो को लेकर पिछले दो माह से हंगामा है। मामले को लेकर पूर्व में हुई बैठक में उद्यमियों को व्यवस्था में सुधार के लिए एक माह का समय दिया गया था। इसी के चलते सोमवार को बैठक हुई।
-----
राशिद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed