{"_id":"5ec961e38ebc3e77cf678dfd","slug":"steps-of-migrant-workers-moving-towards-the-floor-khatauli-news-mrt483098578","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रवासी श्रमिकों के आने के नहीं थम रहे कदम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रवासी श्रमिकों के आने के नहीं थम रहे कदम
विज्ञापन
मंसूरपुर में पैदल रेलवे लाइन के किनारे-किनारे गुजरते झारखंड के प्रवासी श्रमिक।
- फोटो : KHATAULI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मंजिल की ओर बढ़ते प्रवासी श्रमिकों के कदम
मुजफ्फरनगर, मंसूरपुर। लॉकडाउन में प्रवासी मजदूरों का आवागमन थमने का नाम नहीं ले रहा है। भूखे प्यासे मजदूर अपनी मंजिल की ओर पैदल ही बढ़ रहे हैं। झारखंड के रहने वाले 13 मजदूर रेलवे लाइन के किनारे-किनारे भूखे प्यासे जाते हुए मिले। भूखे प्यासे थके हुए मजदूर बस किसी तरह अपने गांव पहुंचना चाहते हैं।
झारखंड प्रदेश के सिमडेगा जिला निवासी 13 मजदूर अविनाश, मदन, रोशन, अर्जुन, फिल्मआन ,अरुण आदि ऋषिकेश में रेलवे लाइन बिछाने के कार्य में लगे हुए थे। लॉकडाउन के चलते कार्य बंद हो गया। उनके ठेकेदार ने कुछ दिन तक तो उन्हें खर्चा दिया, लेकिन बाद में ठेकेदार का कुछ पता नहीं चला। वह कहीं चला गया और श्रमिकों की सुध लेने नहीं आया। उन्होंने प्रशासन से कई बार अपने घर जाने की गुहार लगाई, लेकिन जब प्रशासन से कोई सकारात्मक पहल नहीं किया। नतीजतन पैदल ही श्रमिक अपने प्रदेश की ओर कदम बढ़ा दिए। शनिवार को रेलवे लाइन के किनारे-किनारे जा रहे मजदूरों ने बताया कि ऋषिकेश से वे तीन दिन पहले निकले हैं। पैदल ही किसी तरह दिल्ली तक पहुंचना चाहते हैं। वे इस उम्मीद से हैं कि दिल्ली से हो सकता है उनके झारखंड जाने का कोई इंतजाम हो जाए। उन्होंने बताया कि वे भूखे प्यासे हैं।
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर, मंसूरपुर। लॉकडाउन में प्रवासी मजदूरों का आवागमन थमने का नाम नहीं ले रहा है। भूखे प्यासे मजदूर अपनी मंजिल की ओर पैदल ही बढ़ रहे हैं। झारखंड के रहने वाले 13 मजदूर रेलवे लाइन के किनारे-किनारे भूखे प्यासे जाते हुए मिले। भूखे प्यासे थके हुए मजदूर बस किसी तरह अपने गांव पहुंचना चाहते हैं।
झारखंड प्रदेश के सिमडेगा जिला निवासी 13 मजदूर अविनाश, मदन, रोशन, अर्जुन, फिल्मआन ,अरुण आदि ऋषिकेश में रेलवे लाइन बिछाने के कार्य में लगे हुए थे। लॉकडाउन के चलते कार्य बंद हो गया। उनके ठेकेदार ने कुछ दिन तक तो उन्हें खर्चा दिया, लेकिन बाद में ठेकेदार का कुछ पता नहीं चला। वह कहीं चला गया और श्रमिकों की सुध लेने नहीं आया। उन्होंने प्रशासन से कई बार अपने घर जाने की गुहार लगाई, लेकिन जब प्रशासन से कोई सकारात्मक पहल नहीं किया। नतीजतन पैदल ही श्रमिक अपने प्रदेश की ओर कदम बढ़ा दिए। शनिवार को रेलवे लाइन के किनारे-किनारे जा रहे मजदूरों ने बताया कि ऋषिकेश से वे तीन दिन पहले निकले हैं। पैदल ही किसी तरह दिल्ली तक पहुंचना चाहते हैं। वे इस उम्मीद से हैं कि दिल्ली से हो सकता है उनके झारखंड जाने का कोई इंतजाम हो जाए। उन्होंने बताया कि वे भूखे प्यासे हैं।
विज्ञापन