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सादगी और सहनशीलता याद कराती रहेगी चौहान की
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राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल के पिता के निधन पर शोक व्यक्त करने 5 जुलाई को आए थे प्रभारी मंत्री चे?
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
चेतन चौहान के निधन से हर कोई स्तब्ध
मुजफ्फरनगर। प्रदेश के कैबिनेट और जिले के प्रभारी मंत्री चेतन चौहान के निधन से हर कोई स्तब्ध है। उनकी सादगी और व्यवहार में सहनशीलता हर किसी को अपना बना लेती थी। पिछले माह प्रदेश के राज्यमंत्री कपिल देव के पिता के निधन पर शोक व्यक्त करने के लिए वह अंतिम बार जिले में आए थे। इससे पहले मार्च माह में जिला पंचायत के सभागार में आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम मेें उन्होंने सहभागिता की थी।
प्रदेश के कैबिनेट मंत्री चेतन चौहान को 28 अगस्त 2019 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिले का प्रभारी मंत्री बनाया था। पांच जुलाई को प्रदेश के राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल के आवास पर उनके पिता की मृत्यु पर शोक व्यक्त करने के लिए वह जनपद में आए थे। इसी दिन उन्होंने मेरठ रोड स्थित एक होटल में उद्यमियों की बिजली की समस्या को भी सुना था। डीएम सेल्वा कुमारी जे और एसएसपी अभिषेक यादव भी इस मीटिंग में मौजूद रहे थे। आईआईए के पदाधिकारी भी मौजूद रहे। चेतन चौहान का जनपद में आखिरी सरकारी कार्यक्रम लॉकडाउन से पहले 19 मार्च को हुआ था। प्रदेश सरकार के तीन वर्ष पूर्ण होने पर उन्होंने पत्रकार वार्ता भी की थी। जिला पंचायत सभागार में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने तीन साल की उपलब्धियों पर तैयार की गई पत्रिका का विमोचन भी किया था। इसी दिन सैनिटाइजर का वितरण भी पार्टी की ओर से कराया गया था। करीब एक साल तक जनपद से जुडे़ रहे चेतन चौहान बहुत ही सरल, सौम्य और सादगी से भरे थे। यदि कोई समस्या लेकर आता तो सीधे उसकी समस्या सुनते थे और अफसरों से कार्रवाई भी कराते थे।
प्रशासन और पार्टी के बीच बने सेतु
मुजफ्फरनगर। जिले के प्रभारी मंत्री चेतन चौहान ने अपने एक साल के कार्यकाल में जहां पार्टी के कार्यकर्ताओं की समस्याओं को सुना और उनका निराकरण कराया वहीं, लगातार कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाने का कार्य किया। वह पार्टी के विधायकों और मंत्रियों और प्रशासन के बीच लगातार सेतु का काम भी करते रहे। उन्होंने कई बार प्रशासनिक अधिकारियों और पार्टी के नेताओं के बीच आपसी मनमुटाव भी दूर कराया। बड़ी बात यह रही की चाहे अफसर हो या पार्टी के बड़े नेता सभी उनका बराबर सम्मान करते रहे।
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मुजफ्फरनगर। प्रदेश के कैबिनेट और जिले के प्रभारी मंत्री चेतन चौहान के निधन से हर कोई स्तब्ध है। उनकी सादगी और व्यवहार में सहनशीलता हर किसी को अपना बना लेती थी। पिछले माह प्रदेश के राज्यमंत्री कपिल देव के पिता के निधन पर शोक व्यक्त करने के लिए वह अंतिम बार जिले में आए थे। इससे पहले मार्च माह में जिला पंचायत के सभागार में आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम मेें उन्होंने सहभागिता की थी।
प्रदेश के कैबिनेट मंत्री चेतन चौहान को 28 अगस्त 2019 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिले का प्रभारी मंत्री बनाया था। पांच जुलाई को प्रदेश के राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल के आवास पर उनके पिता की मृत्यु पर शोक व्यक्त करने के लिए वह जनपद में आए थे। इसी दिन उन्होंने मेरठ रोड स्थित एक होटल में उद्यमियों की बिजली की समस्या को भी सुना था। डीएम सेल्वा कुमारी जे और एसएसपी अभिषेक यादव भी इस मीटिंग में मौजूद रहे थे। आईआईए के पदाधिकारी भी मौजूद रहे। चेतन चौहान का जनपद में आखिरी सरकारी कार्यक्रम लॉकडाउन से पहले 19 मार्च को हुआ था। प्रदेश सरकार के तीन वर्ष पूर्ण होने पर उन्होंने पत्रकार वार्ता भी की थी। जिला पंचायत सभागार में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने तीन साल की उपलब्धियों पर तैयार की गई पत्रिका का विमोचन भी किया था। इसी दिन सैनिटाइजर का वितरण भी पार्टी की ओर से कराया गया था। करीब एक साल तक जनपद से जुडे़ रहे चेतन चौहान बहुत ही सरल, सौम्य और सादगी से भरे थे। यदि कोई समस्या लेकर आता तो सीधे उसकी समस्या सुनते थे और अफसरों से कार्रवाई भी कराते थे।
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प्रशासन और पार्टी के बीच बने सेतु
मुजफ्फरनगर। जिले के प्रभारी मंत्री चेतन चौहान ने अपने एक साल के कार्यकाल में जहां पार्टी के कार्यकर्ताओं की समस्याओं को सुना और उनका निराकरण कराया वहीं, लगातार कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाने का कार्य किया। वह पार्टी के विधायकों और मंत्रियों और प्रशासन के बीच लगातार सेतु का काम भी करते रहे। उन्होंने कई बार प्रशासनिक अधिकारियों और पार्टी के नेताओं के बीच आपसी मनमुटाव भी दूर कराया। बड़ी बात यह रही की चाहे अफसर हो या पार्टी के बड़े नेता सभी उनका बराबर सम्मान करते रहे।
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