फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   Staff and teachers strike

पुरानी पेंशन के लिए भरी हुंकार, हड़ताल कर विकास भवन में जुटे राज्य कर्मचारी

Wed, 09 Jan 2019 12:17 AM IST
Deepak Kausik अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर Published by: Deepak Kausik Updated Wed, 09 Jan 2019 12:17 AM IST
विज्ञापन
Staff and teachers strike
केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते राज्य कर्मचारी। - फोटो : अमर उजाला
राज्य कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर कर्मचारी और शिक्षकों ने हड़ताल रखकर पुरानी पेंशन बहाल करने के लिए हुंकार भरी। शिक्षक और कर्मचारी विकास भवन में एकत्र हुए और धरना दिया। चेतावनी दी गई कि यदि सरकार उनकी मांग को अनदेखी करती है तो आगामी चुनाव में नोटा का विकल्प चुनेंगे। इसे लेकर पोस्टर वार शुरू करने का एलान किया गया।  
विज्ञापन


सोमवार को कर्मचारी और शिक्षक संगठन राज्य कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर एकजुट होकर आंदोलन में शामिल हुए। विकास भवन में धरने को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि पुरानी पेंशन बुढ़ापे का सहारा है। यह कर्मचारियों से छीन ली गई है। कर्मचारियों के लंबे समय से चले आ रहे आंदोलन के बावजूद इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा। वक्ताओं ने सातवें वेतन आयोग में न्यूनतम वेतन 26 हजार रुपये करने, संविदा व आउटसोर्सिंग व्यवस्था को बंद कर नियमित नियुक्तियां करने, चिकित्सा प्रतिपूर्ति के संबंध में 25 अक्तूबर 2018 को जारी आदेश वापस लेने की मांग की गई।
विज्ञापन


जिलाध्यक्ष राहुल चौधरी ने कहा कि मांगें पूरी नहीं हुई तो आरपार की लड़ाई लड़ी जाएगी। उन्होंने सभी राजनैतिक दलों को चेताया कि कर्मचारी और उनके परिवार एवं रिश्तेदार में पोस्टर वार जोरशोर से चलाई जाएगी। पुरानी पेंशन बहाल न होने पर नोटा का विकल्प चुना जाएगा। सभी कर्मचारियों ने इस अभियान को तेज गति से चलाने पर जोर दिया। धरने पर शिक्षक नेता संजीव बालियान, अरविंद मलिक, संजीव जावला, राजेंद्र कुमार, हरेंद्र मलिक,रविंद्र कुमार, रेणु, विकास कुमार, पवन गिरि, गौरव त्यागी, राजेश आदि शामिल रहे। बुधवार को भी कर्मचारी और शिक्षक हड़ताल पर रहेंगे। 
विज्ञापन
विज्ञापन


आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन       
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने मानदेय बढ़ोतरी तथा नियमितीकरण की मांग को लेकर कलक्ट्रेट में धरना देकर प्रदर्शन किया। चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गई तो आगामी लोकसभा चुनाव का बहिष्कार किया जाएगा। मंगलवार को महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ के बैनर तले आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कलक्ट्रेट में पहुंची। धरने को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष कृष्णा प्रजापति ने कहा कि आठ और नौ जनवरी को देशव्यापी आंदोलन का एलान किया गया है।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की मांगों को लेकर सरकार गंभीरता नहीं दिखा रही है। इस दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय 18 हजार रुपये प्रतिमाह करने तथा प्रतिवर्ष दस फीसद की बढ़ोतरी करने की मांग की गई। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को ग्रेड-तीन तथा सहायिका को ग्रेड-चार में सरकारी कर्मचारी के रूप में नियमित करने, तीन हजार रुपये पेंशन देने, बीमा प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने, केंद्रों पर बच्चों को सम्मानजनक भोजन, वर्दी, जूता, स्वेटर तथा स्कूल पूर्व शिक्षा का सम्मान देने की मांग की गई।


उन्होंने अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी भी की। प्रदर्शनकारियों में सुषमा चौधरी, कृष्णा प्रजापति, रितु चौधरी, गीता चौधरी, नीमा कांबोज, संतोष, बबीता चौधरी, रामदुलारी, जिला संरक्षक अजब सिंह, नीलू शर्मा, कुलमेश शर्मा, संतोष बसेड़ा, अर्चना एवं सरस्वती आदि शामिल रहीं। अध्यक्षता सुधा त्यागी ने तथा संचालन संगीता राजपूत ने किया। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed