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सफाई कर्मी को पंचायत सेवक का नाम दें : मचल
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर
Updated Fri, 19 Jan 2018 12:22 AM IST
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मांगों को लेकर धरना देते ग्राम पंचायतों के सफाई कर्मचारी।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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ग्रामीण क्षेत्र के सफाई कर्मचारियों को पंचायत सेवक का नाम दिए जाने सहित 11 सूत्री मांगों को लेकर गांवों में तैनात सफाई कर्मियों ने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। प्रदेशव्यापी आंदोलन की कड़ी में मुख्यमंत्री के नाम सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन दिया गया। उत्तर प्रदेश पंचायती राज ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ के प्रांतीय आह्वान पर जिलेभर के ग्रामीण अंचलों में तैनात सफाई कर्मचारी कलक्ट्रेट पहुंचे और धरने में शामिल हुए।
धरने की अध्यक्षता मंडल अध्यक्ष जय भगवान और संचालन शिवकुमार नंगला ने किया। जिलाध्यक्ष ललित मचल ने कहा कि पूर्व की लंबित मांगों पर प्रदेश सरकार का ध्यान आकृष्ट कराने के उद्देश्य से ये प्रदर्शन पूरे प्रदेश में किया जा रहा है। यदि सरकार ने मांग पूरी नहीं की तो एक फरवरी को सफाई कर्मचारी लखनऊ पहुंचकर विधानसभा का घेराव करेंगे। अन्य वक्ताओं ने कहा कि यदि मांग पूरी नहीं की गई तो प्रदेश में व्यापक आंदोलन होगा।
उन्होंने एक फरवरी के प्रदर्शन को ऐतिहासिक बनाने की अपील की। धरने के बाद सफाई कर्मचारियों ने सिटी मजिस्ट्रेट वैभव मिश्रा को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों में विनोद बाबा, सुदेश, भूपेंद्र कुमार, मनोज कुमार बेनीवाल, प्रदीप कुमार, सचिन चंद्रा, रोहताश कुमार, रोहित कुमार, शीला देवी, संजीव उर्फ मोनी, बिशन पाल, सुरेश कुमार, रवि कुमार, नंदकिशोर, टीटू, नीरज सोलंकी, देशराज, शिवकुमार, सुरेश, जयपाल, राजकुमार आदि शामिल रहे।
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पालिका और हड़ताली कर्मियों की वार्ता विफल
मुजफ्फरनगर। नगर पालिका के हड़ताली सफाई कर्मचारियों और पालिका प्रशासन के बीच बृहस्पतिवार शाम लंबी वार्ता हुई। सभी बिंदुओं पर समझौता होने के बाद ठेका कर्मियों की बहाली और हड़ताल के समय का वेतन देने पर मामला बिगड़ गया। हालाकि ईओ ने अंतिम फैसला पालिका अध्यक्ष पर छोड़ दिया है। शुक्रवार को समाधान होने की उम्मीद जताई जा रही है।
नगरपालिका सफाई कर्मचारी संघ ने अपनी 21 सूत्री मांगों को लेकर 11 जनवरी से कामबंद हड़ताल कर रखी है। सफाई कर्मचारियों की हड़ताल से शहर में सफाई व्यवस्था प्रभावित हो गई है। पालिका ने सफाई को लेकर एटूजेड के सफाई कर्मचारियों का सहयोग लिया हुआ है। बृहस्पतिवार को स्वायत्त शासन कर्मचारी महासंघ के पालिका शाखा के अध्यक्ष गोपाल त्यागी और महामंत्री तनवीर आलम की ओर से भी ईओ को एक नोटिस दिया गया।
नोटिस में कहा गया कि सफाई कर्मचारी संघ से पालिका प्रशासन वार्ता कर समस्या का समाधान नहीं कर रहा है। कर्मचारियों ने कहा कि वह 19 जनवरी से सफाई कर्मियों के समर्थन में काम बंद कर देंगे। पालिका के ईओ विकास सैन ने विषय की गंभीरता को देखते हुए बृहस्पतिवार की शाम सफाई कर्मचारी संघ के नेताओं से वार्ता की। वार्ता के दौरान सफाई कर्मचारी संघ के अध्यक्ष राजू वैद, महामंत्री मदनलाल, स्वायत्त कर्मचारी संघ के गोपाल त्यागी, तनवीर आलम रहे।
इसके साथ ही सभासद नरेश गुप्ता, बिजेंद्र पाल, अहमद, अन्नू, मनोज कुमार, राजीव आदि रहे। लंबी चली वार्ता में सभी बिंदुओं पर चर्चा हुई और आपसी सहमति बन गई, लेकिन ठेके के 116 कर्मचारियों का ठेका बहाल करने और हड़ताल के समय का उन्हें वेतन दिए जाने पर मामला लटक गया। ईओ विकास सैन ने बताया कि वह ठेका निरस्त कर चुके है। बहाल करने का अधिकार बोर्ड को है। इस संबंध में वह चेयरमैन अंजू अग्रवाल से वार्ता करेंगे। ईओ ने उम्मीद जताई कि शुक्रवार को समस्या का समाधान हो सकता है।
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धरने की अध्यक्षता मंडल अध्यक्ष जय भगवान और संचालन शिवकुमार नंगला ने किया। जिलाध्यक्ष ललित मचल ने कहा कि पूर्व की लंबित मांगों पर प्रदेश सरकार का ध्यान आकृष्ट कराने के उद्देश्य से ये प्रदर्शन पूरे प्रदेश में किया जा रहा है। यदि सरकार ने मांग पूरी नहीं की तो एक फरवरी को सफाई कर्मचारी लखनऊ पहुंचकर विधानसभा का घेराव करेंगे। अन्य वक्ताओं ने कहा कि यदि मांग पूरी नहीं की गई तो प्रदेश में व्यापक आंदोलन होगा।
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उन्होंने एक फरवरी के प्रदर्शन को ऐतिहासिक बनाने की अपील की। धरने के बाद सफाई कर्मचारियों ने सिटी मजिस्ट्रेट वैभव मिश्रा को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों में विनोद बाबा, सुदेश, भूपेंद्र कुमार, मनोज कुमार बेनीवाल, प्रदीप कुमार, सचिन चंद्रा, रोहताश कुमार, रोहित कुमार, शीला देवी, संजीव उर्फ मोनी, बिशन पाल, सुरेश कुमार, रवि कुमार, नंदकिशोर, टीटू, नीरज सोलंकी, देशराज, शिवकुमार, सुरेश, जयपाल, राजकुमार आदि शामिल रहे।
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पालिका और हड़ताली कर्मियों की वार्ता विफल
मुजफ्फरनगर। नगर पालिका के हड़ताली सफाई कर्मचारियों और पालिका प्रशासन के बीच बृहस्पतिवार शाम लंबी वार्ता हुई। सभी बिंदुओं पर समझौता होने के बाद ठेका कर्मियों की बहाली और हड़ताल के समय का वेतन देने पर मामला बिगड़ गया। हालाकि ईओ ने अंतिम फैसला पालिका अध्यक्ष पर छोड़ दिया है। शुक्रवार को समाधान होने की उम्मीद जताई जा रही है।
नगरपालिका सफाई कर्मचारी संघ ने अपनी 21 सूत्री मांगों को लेकर 11 जनवरी से कामबंद हड़ताल कर रखी है। सफाई कर्मचारियों की हड़ताल से शहर में सफाई व्यवस्था प्रभावित हो गई है। पालिका ने सफाई को लेकर एटूजेड के सफाई कर्मचारियों का सहयोग लिया हुआ है। बृहस्पतिवार को स्वायत्त शासन कर्मचारी महासंघ के पालिका शाखा के अध्यक्ष गोपाल त्यागी और महामंत्री तनवीर आलम की ओर से भी ईओ को एक नोटिस दिया गया।
नोटिस में कहा गया कि सफाई कर्मचारी संघ से पालिका प्रशासन वार्ता कर समस्या का समाधान नहीं कर रहा है। कर्मचारियों ने कहा कि वह 19 जनवरी से सफाई कर्मियों के समर्थन में काम बंद कर देंगे। पालिका के ईओ विकास सैन ने विषय की गंभीरता को देखते हुए बृहस्पतिवार की शाम सफाई कर्मचारी संघ के नेताओं से वार्ता की। वार्ता के दौरान सफाई कर्मचारी संघ के अध्यक्ष राजू वैद, महामंत्री मदनलाल, स्वायत्त कर्मचारी संघ के गोपाल त्यागी, तनवीर आलम रहे।
इसके साथ ही सभासद नरेश गुप्ता, बिजेंद्र पाल, अहमद, अन्नू, मनोज कुमार, राजीव आदि रहे। लंबी चली वार्ता में सभी बिंदुओं पर चर्चा हुई और आपसी सहमति बन गई, लेकिन ठेके के 116 कर्मचारियों का ठेका बहाल करने और हड़ताल के समय का उन्हें वेतन दिए जाने पर मामला लटक गया। ईओ विकास सैन ने बताया कि वह ठेका निरस्त कर चुके है। बहाल करने का अधिकार बोर्ड को है। इस संबंध में वह चेयरमैन अंजू अग्रवाल से वार्ता करेंगे। ईओ ने उम्मीद जताई कि शुक्रवार को समस्या का समाधान हो सकता है।