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पुरकाजी में भी सोलानी नदी उफान पर
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पुरकाजी खादर क्षेत्र में खेतों से नांव में रखकर चारा लाती महिलाणऐं
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
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पुरकाजी में भी सोलानी नदी उफान पर
मुजफ्फरनगर, मीरापुर/पुरकाजी। पहाड़ों पर लगातार हो रही भारी वर्षा के के कारण हरिद्वार से लगातार छोड़े जा रहे जल से मध्य गंगा बैराज पर जलस्तर चेतावनी बिंदु को पार कर गया है। उधर, पुरकाजी में भी सोलानी नदी का पानी बढ़ने से ग्रामीणों में दहशत है। प्रशासन ने बाढ़ चौकियों को सतर्क कर दिया है।
हरिद्वार से 1,49000 क्यूसेक पानी छोड़े जाने से सिंचाई विभाग व खादर क्षेत्र में रह रहे ग्रामीणों में भय का माहौल उत्पन्न हो गया है। बुधवार की सुबह मध्य गंगा बैराज पर डाउनस्ट्रीम में 219.50 जलस्तर रिकार्ड किया गया, जबकि चेतावनी बिंदु 219 है। हरिद्वार से लगातार छोड़े जा रहे पानी से मध्य गंगा बैराज पर खतरा मंडराने लगा है, जिसको देखते हुए सिंचाई विभाग द्वारा संचालित रामराज, देवल, लालपुर रहडवा स्थित बाढ़ चौकियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है, वहीं, मछुआरों व गंगा के निकटवर्ती गांवों में रह रहे ग्रामीणों को गंगा में नहीं जाने की चेतावनी भी दी गई है। बुधवार की शाम 4 बजे तक 143056 क्यूसेक जल मध्य गंगा बैराज से दर्ज किया गया। मध्य गंगा बैराज पर तैनात जेई अशोक जैन ने बताया कि भारी बारिश के कारण हरिद्वार से लगातार छोड़े जा रहे जल से मध्य गंगा बैराज पर जलस्तर चेतावनी बिंदु को पार कर गया है। वहीं, मध्य गंगा बैराज के निकटवर्ती गांवों में रह रहे ग्रामीणों को गंगा में ना जाने की चेतावनी दी गई है।
पुरकाजी खादर क्षेत्र में बिगड़े हालात
पुरकाजी। उत्तराखंड की पहाड़ियों से पानी छोड़े जाने व क्षेत्र में हो रही बारिश से बुधवार को पुरकाजी के खादर क्षेत्र की सोलानी नदी का जलस्तर बढ़ जाने से नदी उफान पर आ गई। पानी खेतों व जंगलों में भर जाने से क्षेत्र में बाढ़ के हालात बन गए। ग्रामीणों को नाव में बैठकर ही खेतों से चारा लाना पड़ रहा है।
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बुधवार सुबह उत्तराखंड में हो रही बारिश का आठ हजार क्यूसेक पानी खादर क्षेत्र की सोलानी नदी में छोड़े जाने से जलस्तर और बढ़ गया। ग्रामीणों ने घरों में रखा सामान समेटकर सुरक्षित जगहों पर रखना शुरू कर दिया है। रामनगर, रजगल्लापुर, रतनपुरी, चमरावाला, भदौला, पांचली, खेड़की, धुममनपुरी आदि में हालात बेहद विकट हो गए। राजू प्रजापति, गुरनाम सिंह, राजेंद्र पांचली, ज्ञानी जसविंदर सिंह, बिजेंद्र सिंह, कर्ण सिंह, कटार सिंह, रविंद्र सिंह, साधू राम, पहल सिंह का कहना है कि उत्तराखंड से बार बार पानी छोड़े जाने से ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सिंचाई विभाग के एसडीओ अशोक जैन ने बताया कि आठ हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जिसके कारण रात में खादर क्षेत्र में पानी जंगलों व रास्तों पर भर गया था। लेखपाल सोम नाथ सिंह ने बताया कि बाढ़ग्रस्त गांव हुसैनपुर, खेड़की, पांचली, रजगल्लापुर, बढ़ीवाला आदि का दौरा कर ग्रामीणों को अलर्ट रहने की हिदायत दे दी गई है।
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मुजफ्फरनगर, मीरापुर/पुरकाजी। पहाड़ों पर लगातार हो रही भारी वर्षा के के कारण हरिद्वार से लगातार छोड़े जा रहे जल से मध्य गंगा बैराज पर जलस्तर चेतावनी बिंदु को पार कर गया है। उधर, पुरकाजी में भी सोलानी नदी का पानी बढ़ने से ग्रामीणों में दहशत है। प्रशासन ने बाढ़ चौकियों को सतर्क कर दिया है।
हरिद्वार से 1,49000 क्यूसेक पानी छोड़े जाने से सिंचाई विभाग व खादर क्षेत्र में रह रहे ग्रामीणों में भय का माहौल उत्पन्न हो गया है। बुधवार की सुबह मध्य गंगा बैराज पर डाउनस्ट्रीम में 219.50 जलस्तर रिकार्ड किया गया, जबकि चेतावनी बिंदु 219 है। हरिद्वार से लगातार छोड़े जा रहे पानी से मध्य गंगा बैराज पर खतरा मंडराने लगा है, जिसको देखते हुए सिंचाई विभाग द्वारा संचालित रामराज, देवल, लालपुर रहडवा स्थित बाढ़ चौकियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है, वहीं, मछुआरों व गंगा के निकटवर्ती गांवों में रह रहे ग्रामीणों को गंगा में नहीं जाने की चेतावनी भी दी गई है। बुधवार की शाम 4 बजे तक 143056 क्यूसेक जल मध्य गंगा बैराज से दर्ज किया गया। मध्य गंगा बैराज पर तैनात जेई अशोक जैन ने बताया कि भारी बारिश के कारण हरिद्वार से लगातार छोड़े जा रहे जल से मध्य गंगा बैराज पर जलस्तर चेतावनी बिंदु को पार कर गया है। वहीं, मध्य गंगा बैराज के निकटवर्ती गांवों में रह रहे ग्रामीणों को गंगा में ना जाने की चेतावनी दी गई है।
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पुरकाजी खादर क्षेत्र में बिगड़े हालात
पुरकाजी। उत्तराखंड की पहाड़ियों से पानी छोड़े जाने व क्षेत्र में हो रही बारिश से बुधवार को पुरकाजी के खादर क्षेत्र की सोलानी नदी का जलस्तर बढ़ जाने से नदी उफान पर आ गई। पानी खेतों व जंगलों में भर जाने से क्षेत्र में बाढ़ के हालात बन गए। ग्रामीणों को नाव में बैठकर ही खेतों से चारा लाना पड़ रहा है।
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बुधवार सुबह उत्तराखंड में हो रही बारिश का आठ हजार क्यूसेक पानी खादर क्षेत्र की सोलानी नदी में छोड़े जाने से जलस्तर और बढ़ गया। ग्रामीणों ने घरों में रखा सामान समेटकर सुरक्षित जगहों पर रखना शुरू कर दिया है। रामनगर, रजगल्लापुर, रतनपुरी, चमरावाला, भदौला, पांचली, खेड़की, धुममनपुरी आदि में हालात बेहद विकट हो गए। राजू प्रजापति, गुरनाम सिंह, राजेंद्र पांचली, ज्ञानी जसविंदर सिंह, बिजेंद्र सिंह, कर्ण सिंह, कटार सिंह, रविंद्र सिंह, साधू राम, पहल सिंह का कहना है कि उत्तराखंड से बार बार पानी छोड़े जाने से ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सिंचाई विभाग के एसडीओ अशोक जैन ने बताया कि आठ हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जिसके कारण रात में खादर क्षेत्र में पानी जंगलों व रास्तों पर भर गया था। लेखपाल सोम नाथ सिंह ने बताया कि बाढ़ग्रस्त गांव हुसैनपुर, खेड़की, पांचली, रजगल्लापुर, बढ़ीवाला आदि का दौरा कर ग्रामीणों को अलर्ट रहने की हिदायत दे दी गई है।