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सोलानी फिर से उफनी, दहशत
मुजफ्फरनगर/अमर उजाला/ब्यूरो
Updated Sat, 01 Sep 2018 12:47 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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पुरकाजी। पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश का पानी सोलानी नदी में छोडे़ जाने से हालात एक बार फिर बेकाबू हो गए हैं। उफान पर आया नदी का पानी जंगलों में भर गया है। गांवों के रास्तों पर पानी आने के कारण आवागमन भी ठप हो गया है। शुक्रवार सुबह स्कूल पहुंचे बच्चों को कई कई फुट पानी से गुजरकर घर वापस लौटना पड़ा। लगातार पानी बढ़ने से ग्रामीणों में दहशत व्याप्त है।
उत्तराखंड में कई दिनों से हो रही बारिश का पानी सोलानी नदी में छोड़ा जा रहा है, जिससे खादर क्षेत्र में बाढ़ के हालात बने हुए हैं। शुक्रवार सुबह छोड़ा गया पानी दोपहर तक खादर क्षेत्र में पहुंच जाने से उफान पर आई नदी का पानी बाहर निकल जाने से कई गांवों के जंगलों में भर गया। गांवों के रास्तों पर आ जाने से ग्राम भदौला, पांचली, फरखपुर, रामनगर, रजगल्लापुर, अलमावाला, जिंदावाला, सुहैली आदि का आवागमन पूरी तरह बंद हो गया। सवेरे स्कूल पहुंच गए ग्राम भदौला, पांचली, रजगल्लापुर आदि ग्रामों के बच्चों को कई कई फुट पानी से गुजरकर जान जोखिम में डालकर घर वापस लौटना पड़ा। इसके अलावा पुरकाजी-लक्सर मार्ग पर ग्राम शेरपुर रपटे पर पानी आ जाने से वहां से दुपहिया वाहन चालकों व पैदल गुजरने वाले राहगीरों का निकलना मुश्किल हो गया है। राहगीर ट्रैक्टर ट्राली में अपने दुपहिया वाहन रखकर व उनमें बैठकर पानी से गुजरने को मजबूर हैं। उधर, लगातार पानी बढने से ग्रामीणों में दहशत व्याप्त है और ग्रामीण सहमे हुए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि पहाड़ों से रोजाना पानी छोड़े जाने से हालात बेहद खराब हो गए हैं। जानकारी देने के बावजूद कोई अधिकारी ग्रामीणों की सुध नहीं ले रहा है, जिससे ग्रामीणों में रोष बना हुआ है। राजू प्रजापति, जसविंद्र सिंह, राजेंद्र चौधरी, केवराज, प्रधान रजनीश गुर्जर, पूर्व प्रधान बिजेंद्र सिंह आदि का कहना है कि पहले से ही जंगलों में पानी जमा है। अगर पानी और बढ़ता है तो ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा और जंगलों में खड़ी फसलें पूरी तरह बर्बाद हो जाएंगी।
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उधर, तहसीलदार सदर अमित कुमार का कहना है कि ग्रामीणों को पानी आने की जानकारी दे दी गई थी। कोई दिक्कत ना हो इसके पूरे प्रयास किए जा रहे हैं। आवागमन के लिए नाव लगा रखी है। कर्मचारियों की टीम बनाकर हालात पर नजर रखने के निर्देश दे दिए गए हैं।
उधर, सिंचाई विभाग के एसडीओ अशोक जैन ने बताया कि पहाड़ों से करीब 22 हजार क्यूसेक पानी छोडे़ जाने की सूचना मिली है। जिसके रात्री में खादर क्षेत्र में पहुंच जाने की संभावना है।
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उत्तराखंड में कई दिनों से हो रही बारिश का पानी सोलानी नदी में छोड़ा जा रहा है, जिससे खादर क्षेत्र में बाढ़ के हालात बने हुए हैं। शुक्रवार सुबह छोड़ा गया पानी दोपहर तक खादर क्षेत्र में पहुंच जाने से उफान पर आई नदी का पानी बाहर निकल जाने से कई गांवों के जंगलों में भर गया। गांवों के रास्तों पर आ जाने से ग्राम भदौला, पांचली, फरखपुर, रामनगर, रजगल्लापुर, अलमावाला, जिंदावाला, सुहैली आदि का आवागमन पूरी तरह बंद हो गया। सवेरे स्कूल पहुंच गए ग्राम भदौला, पांचली, रजगल्लापुर आदि ग्रामों के बच्चों को कई कई फुट पानी से गुजरकर जान जोखिम में डालकर घर वापस लौटना पड़ा। इसके अलावा पुरकाजी-लक्सर मार्ग पर ग्राम शेरपुर रपटे पर पानी आ जाने से वहां से दुपहिया वाहन चालकों व पैदल गुजरने वाले राहगीरों का निकलना मुश्किल हो गया है। राहगीर ट्रैक्टर ट्राली में अपने दुपहिया वाहन रखकर व उनमें बैठकर पानी से गुजरने को मजबूर हैं। उधर, लगातार पानी बढने से ग्रामीणों में दहशत व्याप्त है और ग्रामीण सहमे हुए हैं।
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ग्रामीणों का कहना है कि पहाड़ों से रोजाना पानी छोड़े जाने से हालात बेहद खराब हो गए हैं। जानकारी देने के बावजूद कोई अधिकारी ग्रामीणों की सुध नहीं ले रहा है, जिससे ग्रामीणों में रोष बना हुआ है। राजू प्रजापति, जसविंद्र सिंह, राजेंद्र चौधरी, केवराज, प्रधान रजनीश गुर्जर, पूर्व प्रधान बिजेंद्र सिंह आदि का कहना है कि पहले से ही जंगलों में पानी जमा है। अगर पानी और बढ़ता है तो ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा और जंगलों में खड़ी फसलें पूरी तरह बर्बाद हो जाएंगी।
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उधर, तहसीलदार सदर अमित कुमार का कहना है कि ग्रामीणों को पानी आने की जानकारी दे दी गई थी। कोई दिक्कत ना हो इसके पूरे प्रयास किए जा रहे हैं। आवागमन के लिए नाव लगा रखी है। कर्मचारियों की टीम बनाकर हालात पर नजर रखने के निर्देश दे दिए गए हैं।
उधर, सिंचाई विभाग के एसडीओ अशोक जैन ने बताया कि पहाड़ों से करीब 22 हजार क्यूसेक पानी छोडे़ जाने की सूचना मिली है। जिसके रात्री में खादर क्षेत्र में पहुंच जाने की संभावना है।