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‘बिना ज्ञान के समाज का उद्धार नहीं हो सकता’
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2- जानसठ में कथा वाचक को सम्मानित करते समाजसेवी अमित सैनी
- फोटो : KHATAULI
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जानसठ। कथावाचक आनंद श्रेष्ठ ने कहा कि ज्ञान के बिना किसी भी समाज का उद्धार नहीं हो सकता।
कस्बे के मोहल्ला हुसैनपुरा में स्थित रविदास धर्मशाला में संत शिरोमणि रविदास की अमर कथा का आयोजन किया। शुभारंभ समाजसेवी अमित सैनी ने किया। कथावाचक आनंद श्रेष्ठ ने कहा कि सच्चे मन से आप किसी की भी तपस्या करेंगे, उसका फल हमेशा आपको मिलता है। रविदास का जन्म काशी में हुआ था और उन्हें रैदासी के नाम से जाने जाते थे। उनके माता-पिता चर्मकार थे। जिसके चलते उन्होंने भी अपने पैतृक कार्य को ही अपनाया। उनमें भक्ति पूर्व जन्म से ही भरी हुई थी। जिसके चलते सब उनकी भक्ति के आगे अपने शीश झुकाते थे। उनकी प्रसिद्धि से परेशान होकर विरोधियों के कटु वचनों को सुनकर रविदास भक्ति में लीन होकर भजन गाने लगे। रविदास चमड़ा साफ करने के लिए एक बर्तन में जल भरकर रखते थे। इस बर्तन में रखे जल से गंगा मैया प्रकट हुई और दूसरा कंगन रविदास को भेंट किया।
इस दौरान रविदास की सुंदर झांकियों दिखाई गई। जिन पर श्रद्धालुओं द्वारा फूलों की वर्षा की गई। इस दौरान सुमित श्रेष्ठ, संदीप कुमार, योगेंद्र नाहरिया, नेत्रपाल कश्यप, प्रदीप राणा, जगत सैनी, सुशील कुमार सैनी, प्रमोद तेजीयान आदि मौजूद रहे।
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कस्बे के मोहल्ला हुसैनपुरा में स्थित रविदास धर्मशाला में संत शिरोमणि रविदास की अमर कथा का आयोजन किया। शुभारंभ समाजसेवी अमित सैनी ने किया। कथावाचक आनंद श्रेष्ठ ने कहा कि सच्चे मन से आप किसी की भी तपस्या करेंगे, उसका फल हमेशा आपको मिलता है। रविदास का जन्म काशी में हुआ था और उन्हें रैदासी के नाम से जाने जाते थे। उनके माता-पिता चर्मकार थे। जिसके चलते उन्होंने भी अपने पैतृक कार्य को ही अपनाया। उनमें भक्ति पूर्व जन्म से ही भरी हुई थी। जिसके चलते सब उनकी भक्ति के आगे अपने शीश झुकाते थे। उनकी प्रसिद्धि से परेशान होकर विरोधियों के कटु वचनों को सुनकर रविदास भक्ति में लीन होकर भजन गाने लगे। रविदास चमड़ा साफ करने के लिए एक बर्तन में जल भरकर रखते थे। इस बर्तन में रखे जल से गंगा मैया प्रकट हुई और दूसरा कंगन रविदास को भेंट किया।
इस दौरान रविदास की सुंदर झांकियों दिखाई गई। जिन पर श्रद्धालुओं द्वारा फूलों की वर्षा की गई। इस दौरान सुमित श्रेष्ठ, संदीप कुमार, योगेंद्र नाहरिया, नेत्रपाल कश्यप, प्रदीप राणा, जगत सैनी, सुशील कुमार सैनी, प्रमोद तेजीयान आदि मौजूद रहे।
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